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Photograph: (the sootr)
News In Short
- कान्हा ग्रुप के ठिकानों पर दूसरे दिन भी आयकर छापेमारी जारी।
- आयकर टीम को 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति मिलने की उम्मीद।
- आयकर छापेमारी के बीच जयपुर में रेस्टोरेंट पर बिक्री का काम जारी।
- जांच में सामने आया कि टैक्स चोरी का पैसा होटलों में हुआ निवेश।
- जयपुर में दो लग्जरी होटलों पर खंगाला जा रहा है रिकॉर्ड।
News In Detail
Jaipur:- आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने राजस्थान में कान्हा रेस्टोरेंट समूह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बुधवार सुबह शुरू हुआ यह मेगा सर्च ऑपरेशन गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सूत्रों के अनुसार इस छापेमारी में 100 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति और भारी टैक्स चोरी उजागर होने की प्रबल संभावना है।
​जयपुर से मुंबई तक घेराबंदी
​आयकर विभाग ने गोपनीयता बरतते हुए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अन्वेषण विभाग की टीमें राजस्थान के 6 शहरों सहित मुंबई के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक फैली हुई हैं। कुल 33 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई है, जिसमें सबसे अधिक 26 ठिकाने गुलाबी नगरी जयपुर में हैं। इसके अलावा उदयपुर में 2, और श्रीगंगानगर, कोटा, करौली व हिंडौन में एक-एक स्थान पर विभाग की टीमें दस्तावेजों को खंगाल रही हैं।
​रेस्टोरेंट की कमाई का 'होटल कनेक्शन'
​जांच के दूसरे दिन आईटी टीम को टैक्स चोरी के पैसों के निवेश के पुख्ता सबूत मिले हैं। दस्तावेजों की पड़ताल से संकेत मिले हैं कि रेस्टोरेंट से हुई काली कमाई को आलीशान होटलों और रियल एस्टेट में खपाया गया था।
इसी कड़ी में आयकर टीम ने ​होटल ताज (आमेर) में सुबह से ही डेरा डाल रखा है। वहां भी वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इसी तरह ​कुंदन वन (कूकस) पर भी आयकर अधिकारियों का कड़ा पहरा है। जांच का दायरा केवल खाने-पीने के कारोबार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करोड़ों के रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट की ओर मुड़ गया है।
छापेमारी के बीच रेस्टोरेंट में बिक्री भी
छापेमारी के तनावपूर्ण माहौल के बीच भी कान्हा रेस्टोरेंट में ग्राहकों की भीड़ कम नहीं हुई। आयकर विभाग ने निर्देश दिए थे कि आम जनता को परेशानी न हो, इसलिए सामने काउंटर पर 'सेल्स' का काम सामान्य रूप से चलता रहा। पीछे के केबिनों और दफ्तरों में आयकर अधिकारी कंप्यूटर हार्ड डिस्क और बैंक खातों की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।
​रेकी के बाद हुई बड़ी कार्रवाई
​समूह के मालिक नटवरलाल और उनके करीबियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत और हार्ड कैश के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि विभाग को लंबे समय से वित्तीय हेराफेरी के इनपुट मिल रहे थे। काफी दिनों तक गुप्त रेकी करने के बाद, सैकड़ों कर्मचारियों और सुरक्षा बलों को एक साथ मैदान में उतारा गया।
​अब अगला कदम क्या
​आयकर विभाग अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का मिलान कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बेनामी संपत्तियों और फर्जी निवेश के बड़े खुलासे हो सकते हैं। राजस्थान में इस कार्रवाई को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी टैक्स चोरी की कार्रवाई माना जा रहा है।
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