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Photograph: (the sootr)
News In Short
- जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के लुकआउट नोटिस।
- सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए एसीबी के देशभर में छापेमारी।
- एसीबी को अंदेशा कि सुबोध अग्रवाल देश छोड़कर जा सकते हैं विदेश
- एसीबी अब तक 10 अधिकारियों को कर चुकी है गिरफ्तार।
- तीन दिन के रिमांड पर सभी आरोपियों से होगी आमने-सामने पूछताछ।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में 979 करोड़ के चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसीबी ने उनके खिलाफ 'लुकआउट नोटिस' जारी कर दिया है। अंदेशा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रवाल देश छोड़कर विदेश भाग सकते हैं। एसीबी ने हवाई अड्डों और बंदरगाहों को अलर्ट पर रखा है।
एसीबी छापे में हाथ नहीं आए सुबोध
एसीबी ने मंगलवार को राजस्थान समेत कइ राज्यों में 15 जगह एकसाथ छापेमारी की थी। इस दौरान अब तक 10 अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। छापेमारी के दौरान पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल फरार होने में सफल रहे। एसीबी को संदेह है कि अग्रवाल को एसीबी के छापे के बारे में पहले ही भनक लग गई थी।
​दिल्ली में छिपे होने की आशंका
​घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एसीबी की जांच में यह सामने आया है कि अग्रवाल पिछले कई दिनों से अपने घर से नदारद हैं।
सूत्रों के मुताबिक, वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपनी लोकेशन बदल-बदल कर छिप रहे हैं। एसीबी की टीमें दिल्ली में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अग्रवाल गिरफ्तारी से बचने के लिए शातिर तरीके से केवल खाना खाने के लिए घरों का इस्तेमाल कर रहे हैं और फिर गायब हो जा रहे हैं।
​गिरफ्त में आरोपी, रिमांड पर पूछताछ शुरू
​इस मामले में एसीबी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अब तक 10 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विशाल सक्सेना को बाड़मेर से तब गिरफ्तार किया, जब वे किसी परिचित के साथ भागने की फिराक में था। एसीबी ने रेलवे स्टेशन पर ही उसे धर दबोचा। कोर्ट ने 10 आरोपियों को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। अब एसीबी इन आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी।
​अब तक हो चुके 10 अधिकारी गिरफ्तार
​एसीबी की रडार पर सिर्फ सुबोध अग्रवाल ही नहीं, बल्कि विभाग के कई अन्य अफसरों के नाम भी हैं। एसीबी अब तक 10 अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस कड़ी में आने वाले प्रमुख नाम हैं:
​दिनेश गोयल: मुख्य अभियंता (प्रशासन)
​के.डी. गुप्ता: तत्कालीन सचिव, RWSSMC
​शुभांशु दीक्षित: वित्तीय सलाहकार
​सुशील शर्मा: मुख्य अभियंता (उदयपुर)
​अरुण श्रीवास्तव: रिटायर्ड एसीई
एसीबी की एसआईटी टेंडर प्रक्रिया में हुए फर्जीवाड़े और रिश्वत के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ रही है।
कमीशन के खेल का होगा पर्दाफाश
डीआईजी (एसीबी) डॉ. रविश्वर सिंह के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में टेंडर में गड़बड़ी और कमीशन के बदले उपकृत करने के कई सुराग मिले हैं। भ्रष्टाचार का यह जाल इतना गहरा है कि इसमें कई रिटायर्ड अधिकारियों और प्राइवेट वेंडर्स की मिलीभगत सामने आ रही है। जेजेएम घोटाले की इस जांच ने राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा दिया है।
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