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Photograph: (the soote)
News In Short
- सिरोही में लव मैरिज पर पंचों ने तुगलकी फरमान सुनाया।
- परिवार को 7 लाख रुपये का जुर्माना और समाज से बहिष्कार किया गया।
- राजेंद्र माली और परिवार ने पुलिस में पंचों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
- मानसिक और आर्थिक दबाव के चलते राजेंद्र के पिता की स्थिति गंभीर हुई।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
News In Detail
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा इलाके में एक अजीब घटना सामने आई है। समाज के पंचों ने लव मैरिज करने के कारण एक परिवार को तुगलकी फरमान सुनाते हुए 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया। यह मामला एक लव मैरिज का था। इससे राजेंद्र माली ने अपने समाज की लड़की से विवाह किया था। समाज के कुछ प्रमुखों को यह विवाह स्वीकार नहीं था। उन्होंने पंचायती बैठक बुलाकर इस परिवार को समाज से बाहर करने का निर्णय लिया।
परिवार मानसिक तनाव से जूझ रहा है
राजेंद्र माली ने बताया कि कुछ समय पहले उनके बड़े भाई पर भी पंचों ने ऐसा ही तुगलकी फरमान जारी किया था। उस समय उनके बड़े भाई पर 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे उन्होंने चुका दिया था, और बाद में उन्हें समाज में शामिल कर लिया गया था। इसके अलावा, पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने बार-बार पंचों के सामने हाथ जोड़कर अपील की, लेकिन फिर भी उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया, जिससे सामाजिक और मानसिक तनाव बढ़ गया।
राजेंद्र के पिता की स्थिति गंभीर
यह तुगलकी फरमान राजेंद्र के पिता के लिए सबसे ज्यादा दर्दनाक साबित हुआ। सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक संकट के कारण उनके पिता मानसिक तनाव का शिकार हो गए, और उनकी सेहत बिगड़ गई। परिवार पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और अब इलाज के खर्च ने उनकी कमर तोड़ दी।
पुलिस ने की जांच शुरू
इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने पिंडवाड़ा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और अगर आरोप सही पाए गए, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी जारी तुगलकी फरमान
राजस्थान में कई बार तुगलकी फरमानों की घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों में समाज के पंचायतों और तथाकथित पंचों द्वारा लागू किए गए थे। ये फरमान कभी-कभी किसी के व्यक्तिगत जीवन, प्रेम विवाह, जातिवाद या पारंपरिक मान्यताओं के खिलाफ होते हैं।
हाल ही में जोधपुर जिले के एक गांव में एक लड़की और लड़के को अपनी इच्छा से शादी करने पर समाज से बाहर किया गया और 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। एक अन्य मामलें में नागौर जिले के एक गांव में एक युवक को कथित तौर पर विवाह की अनुमति नहीं मिलने के कारण उसे समाज से बाहर कर दिया गया था, और इसके बाद उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की गई।
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