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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान विद्युत निगम ने बायोमास को कोयले के साथ मिलाकर बिजली उत्पादन की लागत में 5 से 7 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।
- राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में याचिका दायर कर बायोमास के उपयोग के खर्च को टैरिफ में शामिल करने की अनुमति मांगी गई है।
- बायोमास की खरीद 2.37 रुपए प्रति 1000 किलो कैलोरी होगी, साथ ही परिवहन खर्च भी जोड़ा जाएगा।
- बायोमास मिलाने से प्रदूषण में कमी आएगी, और कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
- राजस्थान सरकार की इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी बायोमास को प्रोत्साहित करती है।
News In Short
राजस्थान में विद्युत थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन की लागत में वृद्धि हो सकती है। कोयले के साथ 5 प्रतिशत बायोमास मिलाकर बिजली उत्पादन करना अब अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे उत्पादन लागत में 5 से 7 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी का अनुमान है। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम ने इस बदलाव के संबंध में राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में याचिका दायर की है, जिसमें विद्युत मंत्रालय के आदेश का हवाला दिया गया है।
बायोमास के उपयोग का उद्देश्य और प्रभाव
बायोमास को कोयले के साथ मिलाकर थर्मल पावर प्लांट में उपयोग करने का उद्देश्य कोयले से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। इसके लिए बायोमास की खरीद 2.37 रुपए प्रति हजार किलो कैलोरी की दर से की जाएगी। इसके अलावा, बायोमास का परिवहन खर्च भी अलग से जोड़ा जाएगा। इससे स्पष्ट है कि बिजली की कीमत पर इसका प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि अतिरिक्त खर्च बिजली उत्पादन की कुल लागत में शामिल होगा।
राज्य विद्युत निगम का तर्क
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम का कहना है कि मौजूदा टैरिफ नियमों में बायोमास से जुड़े खर्चों को भी स्पष्ट किया जाएगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि बायोमास की अनिवार्यता को चेंज-इन-लॉ माना जाए, क्योंकि यह बाद में लागू की गई है। निगम ने यह तर्क भी दिया है कि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और कई अन्य राज्य आयोगों ने बायोमास पर खर्च को टैरिफ में शामिल करने की अनुमति दी है। इसके अलावा, राजस्थान सरकार की इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी भी बायोमास को प्रोत्साहित करती है।
बायोमास ब्लेंडिंग के तकनीकी पहलू
राजस्थान विद्युत निगम ने एनटीपीसी और अन्य संयंत्रों के अनुभवों का अध्ययन किया। इसमें यह पाया गया कि कुछ यूनिट में 5 से 10 प्रतिशत तक बायोमास ब्लेंडिंग तकनीकी रूप से संभव है। इसके लिए मिल, बॉयलर, तापमान, और सेफ्टी सिस्टम से जुड़े मानकों को निर्धारित किया गया है। इसका मतलब यह है कि बायोमास का तकनीकी रूप से उपयोग भी संभव है, और यह उपयोगी है।
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