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Photograph: (the sootr)
News In Short
1. बिजली कंपनियां: केंद्रीय रेटिंग एवं रैंकिंग जारी
2. राजस्थान में जोधपुर डिस्कॉम आगे, जयपुर और अजमेर फिसला
3. रैंकिंग में अजमेर डिस्कॉम का बुरा हाल, वर्किंग पर उठे सवाल
4. बिजली सुधारों को लेकर राजस्थान को अधिक काम करने की जरुरत
5. जोधपुर डिस्कॉम का मॉडल अन्य डिस्कॉम पर अपनाने की जरुरत
News In Detail
जयपुर। राष्ट्रीय स्तर पर बिजली वितरण कंपनियों की आई सालाना रेटिंग और रैंकिंग में राजस्थान में बड़ा बदलाव नजर आया है। यह सालाना रेटिंग और रैंकिंग केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने हाल ही में जारी की है। इसमें जोधपुर डिस्कॉम ने अपनी स्थिति में सुधार कर उम्मीद जगाई है, वहीं जयपुर और अजमेर डिस्कॉम की गिरती रैंकिंग ने शासन और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
​जोधपुर डिस्कॉम: अंधेरे से उजाले की ओर
​इस रिपोर्ट में सबसे सकारात्मक खबर जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVNL) से आई है। जोधपुर डिस्कॉम ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए 3 पायदान की छलांग लगाई है। पिछले साल यह कंपनी 33वें स्थान पर थी, जो अब सुधरकर 30वें स्थान पर आ गई है। जोधपुर डिस्कॉम का एकीकृत स्कोर 43.70 से बढ़कर 50.47 हो गया है। इसका मतलब है कि जोधपुर डिस्कॉम न सिर्फ बिजली की बर्बादी कम कर रहा है, बल्कि बिलों की वसूली भी अधिक कुशलता से कर रहा है।​
जयपुर डिस्कॉम रैंकिंग में गिरे
राजस्थान की राजधानी को संभालने वाली जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के प्रदर्शन में गिरावट आई है। जयपुर डिस्कॉम पिछले साल 30वें स्थान पर था, लेकिन इस साल 7 पायदान गिरकर 37वें स्थान पर खिसक गया है। इसका स्कोर भी 51.30 से गिरकर 47.27 रह गया है। हालांकि जयपुर ने अपनी 'B-' ग्रेड बरकरार रखी है, लेकिन रिपोर्ट इशारा करती है कि कंपनी अपने परिचालन सुधारों को वित्तीय मजबूती में नहीं बदल पा रही है।
सबसे बुरी स्थिति अजमेर डिस्कॉम की​
सबसे चौंकाने वाली और चिंताजनक स्थिति अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) की रही है। अजमेर डिस्कॉम की रैंकिंग में भारी गिरावट आई है। यह पिछले साल के 19वें स्थान से सीधे 42वें स्थान पर जा गिरा है। यह न केवल राजस्थान में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे तेज गिरावट में से एक है।
ऊर्जा प्रबंधन में निरंतरता की कमी
​इन रैंकिंग्स से यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान के ऊर्जा प्रबंधन में निरंतरता की कमी है। एक डिस्कॉम का सुधरना और अन्य दो का इतनी तेजी से गिरना मैनेजमेंट और गवर्नेंस (प्रबंधन और शासन) की कमियों को उजागर करता है।
​डिस्कॉम्स के लिए मुख्य चुनौतियां:
1. ​बिजली चोरी और तकनीकी नुकसान: जिसे कम करना अनिवार्य है।
​2. समय पर राजस्व वसूली: बकाया बिलों की वसूली न होना वित्तीय बोझ बढ़ाता है।
​3. वित्तीय अनुशासन: परिचालन में सुधार के साथ-साथ आर्थिक मजबूती लाना।
​
4. केंद्रीय मंत्रालय की यह रैंकिंग राजस्थान सरकार और बिजली विभागों के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है।
5. जोधपुर के मॉडल को अन्य डिस्कॉम्स में भी लागू किया जाए, तो संभव है कि अगले वर्ष प्रदेश के सभी हिस्से ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी नजर आएं।
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