अशोक गहलोत की सरकार को नसीहत, कहा - 10 साल का सबसे बड़ा अकाल, तुरंत हरकत में आए भजनलाल

Ashish Bhardwaj | Oct 03, 2026, 17:11 IST
Share
अशोक गहलोत की सरकार को नसीहत
अशोक गहलोत की सरकार को नसीहत

मानसून की बारिश में कमी के कारण राजस्थान में खेती और पशुपालन संकट में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस चुनौती का सामना करने के लिए आकस्मिक कार्ययोजना की मांग की है। किसानों को कम बारिश के कारण फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, और पशुपालकों के लिए चारे की कमी चिंता बढ़ा रही है।

राजस्थान में इस बार मानसून में कम बारिश चिंता बढ़ा दी है। कम बारिश का असर खेती और पशुपालन पर पड़ रहा है। सरकार प्रभावित इलाकों में गिरदावरी और राहत की तैयारी कर रही है। अब इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चिंता जताते हुए आकस्मिक कार्ययोजना बनाने की मांग की है।

गहलोत ने क्या कहा

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। गहलोत ने व्यापक आकस्मिक कार्ययोजना बनाने की बात कही। उन्होंने प्रदेशभर के लिए तैयारी की जरूरत बताई है। गहलोत के सोशल मीडिया पोस्ट का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। प्रकाशन से पहले उनके आधिकारिक X अकाउंट से मिलान करें। उपलब्ध खोज परिणामों में मूल पोस्ट नहीं मिला है।

राजस्थान में बारिश की स्थिति

राजस्थान में मानसून 2026 के दौरान बारिश असमान रही।सितंबर की शुरुआत तक राज्य में 21.16 प्रतिशत कमी थी। एक जून से तीन सितंबर तक 295.30 मिलीमीटर बारिश हुई। सामान्य बारिश का आंकड़ा 374.55 मिलीमीटर था। उस समय 21 जिलों में बारिश कम दर्ज हुई थी।मानसून के दौरान बारिश का वितरण भी महत्वपूर्ण रहता है। कई इलाकों में बारिश सामान्य से काफी कम रही। इसका असर खेती की स्थिति पर दिखाई दे सकता है। खासकर बारिश आधारित खेती ज्यादा प्रभावित होती है।

खेती पर क्या असर

कम बारिश का सीधा असर खेतों की नमी पर पड़ता है। इससे फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। सिंचाई वाले क्षेत्रों पर भी पानी का दबाव बढ़ता है।

किसानों को अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है। जुलाई में राजस्थान के कई इलाकों में पानी का संकट सामने आया। एक रिपोर्ट में 279 बांधों में पानी नहीं होने की बात थी। रिपोर्ट के अनुसार 49 प्रतिशत खेत सूखे बताए गए थे।

हालांकि बारिश का प्रभाव हर जिले में समान नहीं है। इसलिए स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन जरूरी है। गिरदावरी इसी आकलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती है।

गिरदावरी से क्या पता चलेगा

गिरदावरी के जरिए फसल और खेतों की स्थिति दर्ज होती है। राजस्थान में ई-गिरदावरी की व्यवस्था भी संचालित है। इसमें खसरा और फोटो सहित जानकारी अपलोड की जाती है। इससे नुकसान के आकलन में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास होता है। प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का आकलन जरूरी होगा।

इसके आधार पर राहत की जरूरत तय हो सकती है। किसानों को राहत देने में यह रिपोर्ट उपयोगी रहती है।

छह साल में बदल गया गांव की सरकार का चुनाव: 33 से 41 जिला परिषद, 352 से 457 पंचायत समितियां
03 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 में बड़े बदलाव के साथ होंगे, जिनमें जिला परिषद और पंचायत समितियों की संख्या में वृद्धि शामिल है। सरपंच के चुनाव के लिए बैलेट पेपर का उपयोग होगा, जो एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों की अयोग्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे अधिक लोग चुनाव लड़ सकेंगे। इस बार महिलाओं के लिए भी 50 प्रतिशत आरक्षण जारी रहेगा।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 में बड़े बदलाव के साथ होंगे, जिनमें जिला परिषद और पंचायत समितियों की संख्या में वृद्धि शामिल है। सरपंच के चुनाव के लिए बैलेट पेपर का उपयोग होगा, जो एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों की अयोग्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे अधिक लोग चुनाव लड़ सकेंगे। इस बार महिलाओं के लिए भी 50 प्रतिशत आरक्षण जारी रहेगा।

पशुपालन पर भी असर

कम बारिश का असर केवल फसलों तक सीमित नहीं रहता। चारे की उपलब्धता भी इससे प्रभावित हो सकती है। तालाब और जलस्रोत सूखने से पशुओं की परेशानी बढ़ती है। पशुपालकों को पानी और चारे की चिंता रहती है। सरकार ने कुछ क्षेत्रों में पशुधन राहत की तैयारी की है। बाड़मेर में चारे की कमी वाले क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया। सरकार ने चारा डिपो बनाने की घोषणा भी की है। बाड़मेर और बालोतरा के साथ जैसलमेर भी शामिल है।

बारमेर में पेयजल व्यवस्था जारी रखने का फैसला हुआ है। टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था जारी रहेगी। यह व्यवस्था 31 दिसंबर तक जारी रखने की घोषणा हुई। जिला कलेक्टर को आपात कामों के अधिकार भी दिए गए।

राजस्थान में पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में मतदान; 1.69 लाख पदों पर चुने जाएंगे प्रतिनिधि
03 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों का आयोजन चार चरणों में होगा जिसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्य चुने जाएंगे। करीब 4.03 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे और लगभग 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन होगा। महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है क्योंकि कई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। मतदान के लिए बैलेट पेपर और ईवीएम दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों का आयोजन चार चरणों में होगा जिसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्य चुने जाएंगे। करीब 4.03 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे और लगभग 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन होगा। महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है क्योंकि कई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। मतदान के लिए बैलेट पेपर और ईवीएम दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

आगे क्या चुनौती रहेगी

अब सबसे जरूरी काम प्रभावित क्षेत्रों की पहचान है। इसके बाद फसल नुकसान का वास्तविक आकलन जरूरी होगा। पशुपालकों के लिए चारे की उपलब्धता भी देखनी होगी। पानी की उपलब्धता पर भी लगातार निगरानी जरूरी होगी।

राजस्थान सरकार के पास आपदा प्रबंधन की व्यवस्था मौजूद है। विभाग की वेबसाइट पर जिला स्तर की योजनाएं उपलब्ध हैं। 2026 के लिए कई जिलों की योजनाएं सूचीबद्ध हैं। कम बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए राज्यस्तरीय आंकड़ों के साथ जिला आंकड़े जरूरी हैं। राहत का प्रभाव भी इन्हीं आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

पंचायत चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 15 आरएएस अफसरों के तबादले; जानें किसे क्या मिली जिम्मेदारी?
03 Oct 2026 ,
By Jageshwar prasad
पंचायत चुनाव की आचार संहिता के प्रभावी होने से पहले, राजस्थान में 15 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें ज्यादातर उपखंड अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर शामिल हैं, जिनका चुनाव प्रक्रिया में अहम योगदान होता है। यह निर्णय चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले लिया गया है, जिसके अंतर्गत कानून व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखने का प्रयास किया गया है।
पंचायत चुनाव की आचार संहिता के प्रभावी होने से पहले, राजस्थान में 15 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें ज्यादातर उपखंड अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर शामिल हैं, जिनका चुनाव प्रक्रिया में अहम योगदान होता है। यह निर्णय चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले लिया गया है, जिसके अंतर्गत कानून व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखने का प्रयास किया गया है।

किसानों के लिए अहम सवाल

किसानों की नजर अब गिरदावरी के नतीजों पर रहेगी। फसल नुकसान होने पर राहत की उम्मीद रहेगी। पशुपालक चारे और पानी की व्यवस्था देखेंगे। सरकार के सामने राहत को तेजी से पहुंचाना चुनौती होगी। फिलहाल बारिश की कमी ने चिंता जरूर बढ़ाई है। लेकिन हर जिले की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।इसलिए अंतिम तस्वीर विस्तृत सरकारी आंकड़ों से साफ होगी।

पंचायत चुनाव: भाजपा ने सात संभागों में चुनाव संचालन समितियां कीं घोषित, सौंपी वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी
03 Oct 2026 ,
By Jageshwar prasad
भाजपा ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए सात संभागों में चुनाव संचालन समितियों की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर यह समितियां बनाई गई हैं। प्रत्येक समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये समितियां चुनाव की तैयारियों, टिकट वितरण और स्थानीय समीकरण पर काम करेंगी। आगामी दिनों में ये समितियां संभाग स्तर पर बैठकें आयोजित करेंगी।
भाजपा ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए सात संभागों में चुनाव संचालन समितियों की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर यह समितियां बनाई गई हैं। प्रत्येक समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये समितियां चुनाव की तैयारियों, टिकट वितरण और स्थानीय समीकरण पर काम करेंगी। आगामी दिनों में ये समितियां संभाग स्तर पर बैठकें आयोजित करेंगी।
Tags:
  • राजस्थान में कम बारिश
  • अशोक गहलोत की मांग
  • आकस्मिक कार्ययोजना
  • राजस्थान मानसून 2026
  • किसानों को राहत
  • पशुपालन पर असर
  • Rajasthan low rainfall
  • Ashok Gehlot statement
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का बड़ा री-सर्च अभियान : BLO घर-घर जाकर खोजेंगे गुमशुदा नाम

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का बड़ा री-सर्च अभियान : BLO घर-घर जाकर खोजेंगे गुमशुदा नाम
बालाघाट के आदिवासी इलाकों के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान, बच्चों की मौत वाले गांवों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

By Sumit Kumar

बालाघाट के आदिवासी इलाकों के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान, बच्चों की मौत वाले गांवों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
राजस्थान की चिट्ठी: अब गांवों में चुनावी बिसात, कांग्रेस में बिगड़ी बात और RCA रिजल्ट का इंतजार

By Saurabh Mishra

राजस्थान की चिट्ठी: अब गांवों में चुनावी बिसात, कांग्रेस में बिगड़ी बात और RCA रिजल्ट का इंतजार
ऑनलाइन अटेंडेंस पर सरकार हुई सख्त, हर दिन VSK ऐप पर हाजिरी जरूरी, बिना सूचना गैरहाजिरी पर रुकेगा वेतन

By VINAY VERMA

ऑनलाइन अटेंडेंस पर सरकार हुई सख्त, हर दिन VSK ऐप पर हाजिरी जरूरी, बिना सूचना गैरहाजिरी पर रुकेगा वेतन
एमपी के इंदौर में नई हॉस्टल गाइडलाइन जारी: अब स्पंदन योजना से बचेगी छात्रों की जान, लगेंगे टैंपर प्रूफ सीलिंग फैन

By Manya Jain

एमपी के इंदौर में नई हॉस्टल गाइडलाइन जारी: अब स्पंदन योजना से बचेगी छात्रों की जान, लगेंगे टैंपर प्रूफ सीलिंग फैन
छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती पर बड़ा विवाद: निजी कोचिंग का 7 महीने पुराना ड्राफ्ट सरकारी परीक्षा के दस्तावेज से हू-ब-हू मिला

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती पर बड़ा विवाद: निजी कोचिंग का 7 महीने पुराना ड्राफ्ट सरकारी परीक्षा के दस्तावेज से हू-ब-हू मिला
छह साल में बदल गया गांव की सरकार का चुनाव: 33 से 41 जिला परिषद, 352 से 457 पंचायत समितियां

By Raghvendra Singh Rathore

छह साल में बदल गया गांव की सरकार का चुनाव: 33 से 41 जिला परिषद, 352 से 457 पंचायत समितियां