जहां बहती थी नदी, वहां एक बीघा से ज्यादा जमीन पर काट दिए प्लॉट
Ashish Bhardwaj | Jun 18, 2026, 13:07 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के नागौर जिले में अधिकारियों की मिलीभगत से नदी की जमीन को भूमाफिया के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने पहले नदी की जमीन को गलत आवासीय कंवर्जन कर दिया, फिर उस पर कॉलोनी विकसित करा दी।
ऐसे समझें पूरा मामला
- मेड़ता के पास थांवला में अफसरों ने कागजों में हेरफेर कर नदी का मिटाया वजूद।
- राजस्व अधिकारियों ने कागजों में नदी को ग्रेवल सड़क बता कर किया लैंड कंवर्जन।
- नदी की जमीन को हड़पने का खेल 2017 में शुरू हुआ था, तभी कंवर्जन फाइल लगी।
- अधिकारियों ने नियम विरुद्ध जाकर सब कुछ भूमाफिया के अनुरूप मौका रिपोर्ट बनाई।
- करीब एक बीघा जमीन पर बसा दी कॉलोनी, प्लॉट काटकर मोटी कमाई की गई।
नदी में जिस स्थान पर पानी का बहाव था, उसे दस्तावेजों में ग्रेवल सड़क दिखाकर एक बीघा से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रिहायशी प्लॉट काट दिए गए।
साल 2017 से शुरू हुआ था खेल
अधिकारियों ने नियम विरुद्ध जाकर मौका रिपोर्ट में सब कुछ सही बताते हुए राजस्व रिकॉर्ड की गैर मुमकिन नदी (खसरा संख्या 1520) के नक्शे में ग्रेवल सड़क दर्शा दी। इस फर्जी रिपोर्ट के आधार पर नदी क्षेत्र को आम रास्ता मानकर अवैध आवासीय रूपांतरण की स्वीकृति जारी कर दी गई।
नियमों को ताक पर रखकर किया रूपांतरण
इतना ही नहीं, राजस्व अधिकारियों को यह लिखित गारंटी देनी होती है कि यह जमीन किसी पारंपरिक रास्ते या जल स्रोत को बाधित नहीं करती। लेकिन इस मामले में भ्रष्ट गठजोड़ ने मौके की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह छुपा लिया। कागजों में यह दर्शाया गया कि यह भूमि किसी भी नदी या रास्ते को बाधित नहीं करती है।
अब अधिकारियों पर गिरेगी गाज
इस संबंध में राजस्व अधिकारियों से जानकारी चाही गई तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। एसडीएम विनीत कुमार ने इस मामले को गंभीर माना है। एसडीएम कार्यालय ने कहा है कि अगर ऐसा हुआ है तो यह पूरी तरह नियम विरुद्ध है। फाइल देखने के बाद ही वे इस पर कोई आधिकारिक कार्रवाई कर पाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना
थांवला के इस मामले में नदी को ग्रेवल सड़क दिखाकर किया गया आवासीय रूपांतरण पूरी तरह से गैर-कानूनी, शून्य और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिन अधिकारियों ने गलत मौका रिपोर्ट के आधार पर करोड़ों की सरकारी भूमि का रूपांतरण किया है, उन पर पद के दुरुपयोग का आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
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