सूचना के अधिकार में हुए चौंकाने वाले खुलासे, ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में फेल पाए गए उत्तर पश्चिम रेलवे के लोको पायलट
Jageshwar Prasad | Oct 24, 2026, 12:03 IST
रेल सुरक्षा पर सवाल: शराब जांच में 239 मामले, जयपुर मंडल टॉप पर
ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी संभालने वाले रेलकर्मियों की शराब जांच में चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। उत्तर पश्चिम रेलवे में वर्ष 2025 से अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक शराब जांच में कुल 239 मामले दर्ज हुए। इनमें 185 मामले ड्यूटी शुरू होने से पहले की जांच में सामने आए। यानी 77 प्रतिशत मामले ड्यूटी संभालने से पहले के हैं।
इनमें लोको पायलट व सहायक लोको पायलट की विभिन्न श्रेणियों के 141 मामले शामिल हैं। सबसे ज्यादा 121 मामले जयपुर मंडल में दर्ज हुए। यह जानकारी नीमच निवासी चंद्रशेखर गौड़ द्वारा मांगे गए सूचना के अधिकार में सामने आई है।
सबसे ज्यादा 121 मामले जयपुर मंडल में दर्ज हुए। यह जानकारी नीमच निवासी चंद्रशेखर गौड़ द्वारा मांगे गए सूचना के अधिकार (RTI – Right to Information) में सामने आई है। रेलवे में कर्मचारियों को ड्यूटी शुरू करने से पहले और खत्म होने पर ब्रेथ एनालाइजर मशीन में जांच करानी होती है।
उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) के 4 मंडल जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर हैं। इसका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से राजस्थान में है। हरियाणा, पंजाब और गुजरात के कुछ रेलमार्ग भी इसके अधीन हैं।
ड्यूटी शुरू करने से पहले की जांच को 'साइन ऑन' कहा जाता है। साल 2025 में इस जांच में असफलता के 100 मामले दर्ज हुए। साल 2026 में अक्टूबर की शुरुआत तक ऐसे 85 मामले थे। दोनों अवधियों में यह संख्या 185 हो गई।
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये जांच ड्यूटी संभालने से पहले की जाती है। ऐसे में कर्मचारियों की शराब जांच में असफलता सीधे रेल सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ड्यूटी खत्म होने के समय की जांच में भी 42 मामले दर्ज हुए। इनमें 2025 के 28 और 2026 के 14 मामले शामिल हैं।
इसके अलावा 12 प्रविष्टियां अलग टेस्ट श्रेणी में दर्ज हैं। ये जयपुर मंडल के वरिष्ठ सहायक लोको पायलट की श्रेणी से संबंधित हैं।
शराब जांच में असफलता के कुल मामलों में 141 लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की विभिन्न श्रेणियों से जुड़े हैं। इनमें मालगाड़ी, मेल-एक्सप्रेस और यात्री ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट शामिल हैं। साथ ही सहायक और वरिष्ठ सहायक लोको पायलट की श्रेणियां भी इनमें आती हैं।
ट्रेन मैनेजर की विभिन्न श्रेणियों में भी 98 मामले दर्ज हुए हैं। वर्ष 2025 के 128 और वर्ष 2026 में अक्टूबर की शुरुआत तक 111 मामले दर्ज हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि रेल संचालन से जुड़े कर्मचारियों में शराब सेवन की समस्या गंभीर है।
मंडलवार
जयपुर मंडल में 2025 में 64 और 2026 में 57 मामले दर्ज हुए। यानी कुल 121 मामले। जोधपुर मंडल में 2025 में 27 और 2026 में 16 मामले दर्ज हुए। कुल 43 मामले।
अजमेर मंडल में 2025 में 16 और 2026 में 25 मामले दर्ज हुए। कुल 41 मामले। बीकानेर मंडल में 2025 में 21 और 2026 में 13 मामले दर्ज हुए। कुल 34 मामले। इस तरह सभी मंडलों में शराब जांच में असफलता के मामले सामने आए हैं।
नियम के अनुसार ड्यूटी शुरू होने से 8 घंटे पहले और ड्यूटी के दौरान शराब पीने पर रोक है। ऐसा होने पर ड्यूटी से रोकने और शराब की मात्रा के अनुसार विभागीय दंड के प्रावधान हैं। गंभीर मामलों में बर्खास्तगी तक हो सकती है।
रेल संचालन में छोटी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए जांच में असफलता के इतने मामले सामने आना रेल सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर है। यह सवाल उठाता है कि रेलवे प्रशासन इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहा है।
सबसे ज्यादा मामले जयपुर मंडल में
उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) के 4 मंडल जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर हैं। इसका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से राजस्थान में है। हरियाणा, पंजाब और गुजरात के कुछ रेलमार्ग भी इसके अधीन हैं।
ड्यूटी शुरू करने से पहले के 185 मामले
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये जांच ड्यूटी संभालने से पहले की जाती है। ऐसे में कर्मचारियों की शराब जांच में असफलता सीधे रेल सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ड्यूटी खत्म होने के समय की जांच में भी 42 मामले दर्ज हुए। इनमें 2025 के 28 और 2026 के 14 मामले शामिल हैं।
इसके अलावा 12 प्रविष्टियां अलग टेस्ट श्रेणी में दर्ज हैं। ये जयपुर मंडल के वरिष्ठ सहायक लोको पायलट की श्रेणी से संबंधित हैं।
लोको पायलट के 141 मामले
ट्रेन मैनेजर की विभिन्न श्रेणियों में भी 98 मामले दर्ज हुए हैं। वर्ष 2025 के 128 और वर्ष 2026 में अक्टूबर की शुरुआत तक 111 मामले दर्ज हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि रेल संचालन से जुड़े कर्मचारियों में शराब सेवन की समस्या गंभीर है।
मंडलवार ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में फेल मामले
अजमेर मंडल में 2025 में 16 और 2026 में 25 मामले दर्ज हुए। कुल 41 मामले। बीकानेर मंडल में 2025 में 21 और 2026 में 13 मामले दर्ज हुए। कुल 34 मामले। इस तरह सभी मंडलों में शराब जांच में असफलता के मामले सामने आए हैं।
| ज़िला (District) | 2025 | 2026 | कुल (Total) |
| जयपुर | 64 | 57 | 121 |
| जोधपुर | 27 | 16 | 43 |
| अजमेर | 16 | 25 | 41 |
| बीकानेर | 21 | 13 | 34 |
| कुल योग (Total) | 128 | 111 | 239 |
क्या कहते हैं नियम?
रेल संचालन में छोटी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए जांच में असफलता के इतने मामले सामने आना रेल सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर है। यह सवाल उठाता है कि रेलवे प्रशासन इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहा है।
MP छात्रसंघ चुनाव पर हाईकोर्ट का नोटिस: 9 साल से छात्रसंघ चुनाव बंद, हाईकोर्ट ने पूछा- सितंबर में क्यों नहीं कराए चुनाव?
By Manya Jain
एक साल में 54 विधायक अपने शहर का मास्टर प्लान फाइनल करा चुके, यूडीएच मंत्री का मास्टर प्लान दूसरी बार भी रद्द
By Jageshwar Prasad
डिप्टी CM के पूर्व OSD दीपम रायपुरा की चार्जशीट पर सवाल! एक करोड़ की कथित रिश्वत का जिक्र नहीं, लोकायुक्त ने मांगी रिपोर्ट
By Kaushiki
चूरू में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत; 7 माह की बच्ची घायल
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में मतदान, सरपंच पद के लिए 16,795 प्रत्याशी मैदान में
By Jyoti Mahender Bhardwaj
देवास में 20 दिन में 13 लोगों की मौत से मचा हड़कंप, परिजन बोले-जहरीली शराब पीने से पहले आंखों की रोशनी गई, फिर जान, प्रशासन का आरोपों से इनकार
By Manya Jain
जयपुर में 10 हजार कर्मचारियों के बावजूद सड़कों पर कचरे के ढेर, महापौर बोले- कमी वाले इलाकों में करेंगे व्यवस्था
By Jageshwar Prasad