राजस्थान में शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, गांधी जयंती से 19 हजार सरकारी स्कूलों में टीचर-स्टूडेंट्स की होगी ऑनलाइन हाजिरी
The Sootr | Sept 24, 2023, 24:00 IST
राजस्थान में शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, गांधी जयंती से 19 हजार सरकारी स्कूलों में टीचर-स्टूडेंट्स की होगी ऑनलाइन हाजिरी
प्रदेश के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से शिक्षकों और स्टूडेंट्स की हाजिरी ऑनलाइन होगी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षक दिवस पर शाला दर्पण शिक्षक ऐप लांच किया था
JAIPUR. प्रदेश के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से शिक्षकों और स्टूडेंट्स की हाजिरी ऑनलाइन होगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षक दिवस पर शाला दर्पण शिक्षक ऐप लांच किया था। इसके बाद अब ऐप के माध्यम से सरकारी स्कूलों में मोबाइल से कक्षाध्यापक को हर दिन स्टूडेंट्स की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करवानी होगी। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में समय पर शिक्षक नहीं आने की शिकायत शिक्षा विभाग को मिलती रहती थी। इससे निजात पाने और स्कूलों में समय पर शैक्षणिक व्यवस्था शुरू करने को लेकर शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है।
प्रदेश के 19 हजार उच्च माध्यमिक स्कूलों में नियम लागू
शिक्षा विभाग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में प्रदेश के 19 हजार उच्च माध्यमिक स्कूल में इसे लागू कर रहा है। प्रयोग सफल रहने पर बाकी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2 अक्टूबर से ऑनलाइन हाजिरी ऐप से शुरू होगी। ऐप में स्टाफ आईडी लॉगिन करने के बाद पहले शिक्षकों को खुद की उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। उसके बाद पहली क्लास में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज होगी। ऑनलाइन हाजिरी से प्रदेश के 19 हजार विद्यालयों में प्रतिदिन शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति शिक्षा विभाग के पास रहेगी।
समय-समय पर होगा निरीक्षण
ऐप से हाजिरी भरने से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सरकारी स्कूल के प्रत्येक टीचर को अपने मोबाइल में ये ऐप डाउनलोड करना होगा। निदेशक कानाराम ने संस्था-प्रधान, कक्षाध्यापक, स्टाफ और शाला दर्पण के प्रभारी के दायित्व का भी निर्धारण किया हैं। निदेशक ने ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर के शिक्षा अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करते हुए ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने और समय-समय पर निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
ऑनलाइन हाजिरी नहीं होने पर होगी कार्रवाई
माध्यमक शिक्षा निदेशक कानाराम ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के फोन में आवश्यक रूप से ऐप डाउनलोड करवाने के निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभाग अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करेगा। वहीं ऐप स्कूल परिसर के अलावा हाजिरी नहीं लेगा और इस ऐप में स्टूडेंट्स का चेहरा स्कैन करने के बाद ही उपस्थिति दर्ज होगी।
2019 में मोबाइल यूज करने पर स्कूलों में लगाई थी पाबंदी
अपने आदेश के खिलाफ शिक्षा विभाग प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने अगस्त 2019 में आदेश जारी कर शिक्षण संस्थाओं में मोबाइल के उपयोग पर पाबंदी लगा दी थी। आदेशानुसार विद्यार्थियों और समस्त स्टाफ को कक्षा-कक्ष और शाला परिसर में वार्ता करने पर पाबंदी लगाई गई थी। वहीं एक अन्य आदेश में मोबाइल पर पाबंदी लगाते हुए कार्यालय में जमा करवाने के आदेश जारी किए थे। ऐसे में अब इन ऑनलाइन हाजरी की व्यवस्था होने से शिक्षक मोबाइल का इस्तेमाल करेंगे।
प्रदेश के 19 हजार उच्च माध्यमिक स्कूलों में नियम लागू
शिक्षा विभाग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में प्रदेश के 19 हजार उच्च माध्यमिक स्कूल में इसे लागू कर रहा है। प्रयोग सफल रहने पर बाकी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2 अक्टूबर से ऑनलाइन हाजिरी ऐप से शुरू होगी। ऐप में स्टाफ आईडी लॉगिन करने के बाद पहले शिक्षकों को खुद की उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। उसके बाद पहली क्लास में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज होगी। ऑनलाइन हाजिरी से प्रदेश के 19 हजार विद्यालयों में प्रतिदिन शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति शिक्षा विभाग के पास रहेगी।
समय-समय पर होगा निरीक्षण
ऐप से हाजिरी भरने से लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सरकारी स्कूल के प्रत्येक टीचर को अपने मोबाइल में ये ऐप डाउनलोड करना होगा। निदेशक कानाराम ने संस्था-प्रधान, कक्षाध्यापक, स्टाफ और शाला दर्पण के प्रभारी के दायित्व का भी निर्धारण किया हैं। निदेशक ने ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर के शिक्षा अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करते हुए ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने और समय-समय पर निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
ऑनलाइन हाजिरी नहीं होने पर होगी कार्रवाई
माध्यमक शिक्षा निदेशक कानाराम ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के फोन में आवश्यक रूप से ऐप डाउनलोड करवाने के निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभाग अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करेगा। वहीं ऐप स्कूल परिसर के अलावा हाजिरी नहीं लेगा और इस ऐप में स्टूडेंट्स का चेहरा स्कैन करने के बाद ही उपस्थिति दर्ज होगी।
2019 में मोबाइल यूज करने पर स्कूलों में लगाई थी पाबंदी
अपने आदेश के खिलाफ शिक्षा विभाग प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने अगस्त 2019 में आदेश जारी कर शिक्षण संस्थाओं में मोबाइल के उपयोग पर पाबंदी लगा दी थी। आदेशानुसार विद्यार्थियों और समस्त स्टाफ को कक्षा-कक्ष और शाला परिसर में वार्ता करने पर पाबंदी लगाई गई थी। वहीं एक अन्य आदेश में मोबाइल पर पाबंदी लगाते हुए कार्यालय में जमा करवाने के आदेश जारी किए थे। ऐसे में अब इन ऑनलाइन हाजरी की व्यवस्था होने से शिक्षक मोबाइल का इस्तेमाल करेंगे।
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