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Photograph: (the sootr)
News in Short
- राजस्थान में जैसलमेर के बॉर्डर पर तनोट माता मंदिर के लिए लेनी होगी ऑन लाइन परमिशन।
- श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने के लिए ऑनलाइन पास लेना अनिवार्य होगा।
- श्रद्धालुओं को ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- बच्चों के लिए पास बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी, वे अभिभावकों के साथ प्रवेश कर सकेंगे।
- श्रद्धालुओं को दो प्रिंटेड पास की प्रतियां साथ लानी होंगी।
News in Detail
राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर स्थित श्री तनोट माता मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को अब ऑनलाइन रिजस्ट्रेशन कर पास प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से 12 फरवरी से ही यह नियम लागू कर दिया है। वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पास की कॉपी ई-मेल पर भेजी जाएगी। चेक-इन के दौरान श्रद्धालुओं को दो प्रिंटेड पास और मूल पहचान पत्र लाना होगा। 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए पास की आवश्यकता नहीं होगी। इस कदम से यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और यात्रा को सुगम बनाया जाएगा।
ऑनलाइन पास के लिए आवेदन प्रक्रिया
ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, श्रद्धालुओं को अब अपनी यात्रा से पहले ट्रस्ट की वेबसाइट www.shritanotmatamandirtrust.com पर जाकर आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद, आवेदकों को उनके पंजीकृत ई-मेल पर पास की कॉपी भेजी जाएगी। इसे चेक-इन के समय साथ लाना आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया से लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय को कम करने में मदद मिलेगी।
चेक-इन के लिए आवश्यक दस्तावेज
श्री तनोट माता मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे चेक-इन के समय दो प्रिंटेड पास की प्रतियां साथ लाएं। इसके अलावा, वे अपने मूल पहचान पत्र का विवरण ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान भरेंगे और वही पहचान पत्र सत्यापन के दौरान लाना होगा। इस कदम से यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
तनोट माता मंदिर, बॉर्डर विजिट के लिए नया नियम
भारत-पाक सीमा पर स्थित श्री तनोट माता मंदिर के दर्शन के लिए अब श्रद्धालुओं को बिना ऑनलाइन पास के प्रवेश नहीं मिलेगा। श्री तनोट माता मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए नया नियम लागू किया है। अब सभी श्रद्धालुओं को सीमा दर्शन के लिए ट्रस्ट की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
बच्चों के लिए विशेष छूट
नए नियमों के तहत 12 वर्ष तक के बच्चों को व्यक्तिगत पास लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने अभिभावकों के साथ आसानी से सीमा दर्शन कर सकेंगे। वहीं, प्रत्येक वयस्क को अपना व्यक्तिगत पास बनवाना अनिवार्य होगा। यह नियम श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए लागू किया गया है।
ऑनलाइन पास प्रणाली के लाभ
नई ऑनलाइन पास प्रणाली से यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी। ट्रस्ट के अधिकारी बताते हैं कि भारी भीड़ के कारण पहले चेक-पोस्ट पर सत्यापन में अधिक समय लगता था, लेकिन अब ऑनलाइन पास के कारण यह प्रक्रिया तेज़ और सुविधाजनक होगी। श्रद्धालुओं को अब लंबी कतारों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपनी यात्रा को अधिक सहजता से कर सकेंगे।
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