वैलेंटाइन डे स्पेशल: दिल्ली की 'मल्लिका' और टोंक की गुमनाम मजार...क्या यहां दफन है रजिया-याकूत का इश्क?
Purshottam Kumar Joshi | Feb 14, 2026, 14:11 IST
Photograph: (the sootr)
इस वैलेंटाइन डे पर हम आपको रूबरू करवा रहे हैं राजस्थान में टोंक जिले के उस दावे से, जो रजिया सुल्तान और और उनके गुलाम जमालुद्दीन याकूत के प्रेम को एक नया और भावुक मोड़ देता है।
News in Short
- नवाबी नगरीटोंक जिले के इतिहास में एक नई प्रेम कहानी जुड़ी, रजिया सुल्तान और गुलाम याकूत के बीच की मोहब्बत पर आधारित।
- टोंक में स्थित एक शाही चबूतरे पर रजिया सुल्तान और याकूत की मजारें बनी हुई हैं।
- इतिहासकारों का मानना है कि ये मजारें रजिया और याकूत की हैं, जिनकी मोहब्बत को कभी समाज ने स्वीकार नहीं किया।
- बॉलीवुड के फिल्मकार कमाल अमरोही ने अपनी फिल्म 'रजिया सुल्तान' में इस प्रेम कहानी को दिखाया था।
- टोंक मजारें:हालांकि मजारों का संरक्षण नहीं हुआ, और यह ऐतिहासिक धरोहर अब उपेक्षा का शिकार हो रही है।
News in Detail
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दावा किया जाता है कि रजिया और उनके वफादार सिपहसालार (और कथित प्रेमी) याकूत ने भागकर टोंक की पहाड़ियों में शरण ली थी। यहां मौजूद अल्तमश की मस्जिद (रजिया के पिता इल्तुतमिश द्वारा निर्मित) इस बात का पुख्ता प्रमाण मानी जाती है कि इस क्षेत्र से गुलाम वंश का गहरा नाता था।
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एक ही चबूतरे पर दो मजारें: मौत के बाद का मिलन?
इन मजारों पर बने शाही निशान और पत्थरों को जोड़कर कैलीग्राफी में लिखे गए सांकेतिक नाम इस दावे को मजबूती देते हैं। यह महज इत्तेफाक नहीं हो सकता कि एक ही चबूतरे पर दो ऐसी शख्सियतें दफन हों जिनका जिक्र इतिहास में हमेशा साथ आता है।
इतिहासकारों का कहना है कि यदि यह सच है, तो यह इस बात का प्रमाण है कि जिस समाज ने उन्हें जीते जी एक नहीं होने दिया, शायद मौत ने उन्हें हमेशा के लिए एक-दूसरे के करीब सुला दिया।
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