पहली बार जयपुर में सेना दिवस परेड, जमीन से आसमान तक दिखा शौर्य

राजस्थान के जयपुर में जमीन से ले​कर आसमान तक सेना का शौर्य दिखा। रोबोट, ड्रोन, टैंक–तोप, मिसाइलों और फाइटर जेट्स का शानदार प्रदर्शन कर सेना ने यह संदेश दिया कि हम सैन्य ताकत में किसी से कम नहीं।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (The sootr)

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  • पहली बार देश में किसी नागरिक क्षेत्र में सेना दिवस परेड का अयोजन
  • जयपुर के जगतपुरा में जमीन से आसमान तक दिखी सेना की ताकत
  • अत्याधुनिक टैंक, तोप, मिसाइल, ड्रोन, रोबोट और फाइटर जेट्स का प्रदर्शन 
  • परेड से पहले वीरांगनाओं के सम्मान के लिए अवार्ड समारोह
  • सीडीएस अनिल चौहान, मिजोरम के गवर्नर वीके सिंह, सीएम भजनलाल मौजूद


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Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को 78वां सेना दिवस मनाया गया। देश में पहली बार छावनी के बाहर जयपुर के नागरिक क्षेत्र जगतपुर में सेना की परेड का आयोजन हुआ। इसमें सेना के अत्याधुनिक टैंक, तोप, मिसाइल, ड्रोन और रोबोट ने सेना की शक्ति का प्रदर्शन किया गया। वायुसेना के जवानों ने जगुआर फाइटर जेट्स से हवाई पास्ट कर आसमान में शक्ति और शौर्य का प्रदर्शन किया। 

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परेड से पहले हुआ अवार्ड

परेड शुरू होने से पहले 10 मिनट का अवॉर्ड समारोह हुआ, जिसमें वीरांगनाओं का सम्मान किया गया। इसके बाद सेना परेड हुई। परेड स्थल पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) अनिल चौहान, मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी मौजूद रहे। सेना की यह ऐतिहासिक परेड देखने के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा लोग जगतपुरा पहुंचे है।

प्रेरण स्थल पर पुष्पांजलि

सुबह 9 बजे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टॉफ एवं एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एडवांस्ड मुख्यालय पश्चिमी वायु कमान के साथ आर्मी एरिया स्थित प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे एयर कैवेलकेड से परेड स्थल पहुंचे। 

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गैलेंट्री अवार्ड विजेताओं ने की अगुवाई

आर्मी परेड की अगुवाई परमवीर चक्र, अशोक चक्र और महावीर चक्र विजेता कर रहे हैं। यह दृश्य देशभक्ति और गर्व की भावना को और मजबूत कर रहा है। राजस्थान में इन सभी की एक साथ उपस्थिति अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है। परेड में भैरव बटालियन, 61 कैवलरी, राजपूत रेजिमेंट, मद्रास रेजिमेंट, गढवाल रेजिमेंट के जवानों का जोश देखने को 
मिला। साथ ही बैंड, एनसीसी कैडेटस और हथियारों के प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली।

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आईडी के बगैर प्रवेश नहीं

परेड के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना वैध आईडी के प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह 8:45 बजे के बाद किसी भी व्यक्ति को परेड स्थल पर प्रवेश नहीं दिया गया।  समारोह स्थल पर कैमरा, पर्स सहित कई वस्तुओं पर प्रतिबंध रहा। सुरक्षा व्यवस्था में सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियां तैनात दिखी।

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परेड के बाद अतिथियों से संवाद 

परेड के बाद अतिथियों के साथ संवाद भी हुआ। दोपहर 12:30 बजे समारोह का समापन हुआ। शाम को 5 से 7 बजे तक एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या का होगी। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शौर्य संध्या में वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का सम्मान, भव्य ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

पहली बार छावनी से बाहर नागरिक क्षेत्र चुना

देश में 2023 से दिल्ली से बाहर सेना दिवस परेड का आयोजन शुरू हुआ। लेकिन, यह परेड सैनिक छावनी में होती थी।
पहली बार 2026 में जयपुर में इसका आयोजन नागरिक क्षेत्र में किया। इसके पीछे मकसद अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

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