विधानसभा में लांघी मर्यादा, मारपीट होते-होते बची, भाजपा के गोपाल शर्मा ने मांगी माफी

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को मर्यादा उस समय तार-तार होते दिखी, जब पक्ष और विपक्ष के बीच मारपीट की नौबत आ गई। हालांकि, बीच-बचाव से मामला टल गया।

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Mukesh Sharma
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Photograph: (the sootr)

News In Short

  • राजस्थान विधानसभा में आरोप-प्रत्यारोप के बीच मारपीट की नौबत आई।
  • मामला हिंगोनिया गोशाला में बछड़े के कटे सिर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का।
  • नेता प्रतिपक्ष का आरोप, एक भाजपा विधायक बचा रहे आरोपी को
  • भाजपा विधायक गोपाल शर्मा बोले, यह आरोप उन पर, फिर उन्होंने चढ़ा ली बांह
  • बाद में गोपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी हरकतों के लिए मांगी माफी 

News In Detail

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच मारपीट की नौबत तक आ गई। मामला जयपुर की हिंगोनिया गोशाला में गाय के एक बछड़े के कटे सिर को लेकर आरोपों से जुड़ा था। इस मामले  में भाजपा के गोपाल शर्मा और कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटसरा के बीच तीखी बहस मारपीट की नौबत तक पहुंच गई। बीच-बचाव से बड़ी घटना होते बच गई। बाद में गोपाल शर्मा ने सदन में मर्यादा भंग करने की अपनी हरकत पर सोशल मीडिया पर माफी मांग ली। 

भाजपा विधायक के सवाल से हुआ हंगामा

हंगामे की शुरुआत भाजपा विधायक बालमुकंदाचार्य के सवाल से शुरु हुई। उन्होंने पूछा था कि क्या राज्य सरकार गाय को राज्य पशु घोषित करने की मंशा रखती है या नहीं। जवाब में मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस पर विपक्ष हमलावर हो गया।

जूली का आरोप, भाजपा विधायक ने आरोपी को बचाया 

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हिंगोनिया गोशाला का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि राजधानी में बछड़े का कटा सिर लटकाया गया। सत्ता पक्ष का एक विधायक आरोपी को बचा रहा है। उनका इशारा सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की ओर था। साथ ही कांग्रेस विधायकों ने सदन में गाय के कटे सिर के पोस्टर लहराने शुरू कर दिए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार गौवंश की रक्षा के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि हकीकत में राजधानी में ही गौवंश सुरक्षित नहीं है।   

गोपाल शर्मा हुए आग-बबूला 

बछड़े का सिर लाने वाले आरोपी को बचाने के मामले में अपना नाम आते ही भाजपा के गोपाल शर्मा आग बबूला हो गए। उन्होंने चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा कि यदि इस मामले में मेरा कोई आदमी शामिल निकला तो मैं विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। विपक्ष के हंगामा करने और पोस्टर लहराने से नाराज स्पीकर वासुदेव देवनानी इसे प्री-प्लान्ड साजिश बताया। उन्होंने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को गोपाल शर्मा को बैठाने को कहा, लेकिन शोर-शराबा नहीं थमा और सदन को 12 बजे तक स्थगित हो गया। 

गोपाल शर्मा की डोटासरा और चांदना से भिड़ंत

सदन स्थगित होते ही गोपाल शर्मा सीधे विपक्ष की बेंचों की तरफ जा पहुंचे और उनकी गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना से तीखी बहस हो गई। बात इतनी बिगड़ी कि दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर बाहें चढ़ा ली। दोनों ओर से हाथापाई होने ही वाली थी कि संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य विधायकों ने बीच-बचाव किया। गोपाल शर्मा को साथी विधायक जबरन लॉबी में ले गए और मामले को शांत करवाया। 

सोशल मीडिया पर मांगी माफी

इस पूरे मामले में भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने सदन की मर्यादा भंग करने की अपनी हरकत पर माफी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा कि मैं सदन में आवेश में आकर मर्यादा भूल बैठा व इसका मुझे आजीवन खेद रहेगा।  

वहीं,  नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि विधानसभा में हुआ घटनाक्रम निंदनीय है। सरकार गौ हत्या के मामलों में ढिलाई बरत रही है। भाजपा के विधायक गौ हत्या करने वालों को छुड़वा रहे हैं।  उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाना चाहिए।

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