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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस
- भाजपा विधायक बोले, मुस्लिमों से अधिक हिंदुओं के वोट कटे
- नेता प्रतिपक्ष ने फर्जी फार्म के बंडल देने वालों की जांच की मांग की
- एसआईआर पर बहस करवाने से संसदीय कार्य मंत्री का इनकार
- शिक्षा मंत्री बोले, स्कूल भवनों की होगी थर्ड पार्टी ऑडिट
News In Detail
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को राज्यपाल के ​अभिभाषण पर बहस के दौरान भाजपा विधायक जसवंत यादव ने कहा कि एसआईआर में मुस्लिमों से ज्यादा हिंदू वोट कटे हैं। यादव ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग एसआईआर को लेकर हल्ला मचा रहे है। वह बताए कि बांग्लादेशी व रोहिंग्याओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने पर कांग्रेस को तकलीफ क्यों है ?
किसी का नहीं कटना चाहिए वोट
बहरोड़ विधायक यादव ने कहा कि कांग्रेस को मुसलमानों के नाम पर हौव्वा खड़ा नहीं करना चाहिए। इस देश में पैदा होने वाले मुसलमान या हिंदू, किसी का भी वोट नहीं कटना चाहिए। हमाारे देश में पैदा हुआ हर व्यक्ति हमारा है। लेकिन, पाकिस्तानी, रोहिंग्या व बांग्लादेशी के यहां वोट क्यों होने चाहिए ?
एसआईआर पर यहा चर्चा क्यों नहीं
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एसआईआर पर चर्चा करवाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों पर जैसे लोकसभा में चर्चा हुई, वैसे ही आधे घंटे का वक्त तय करके यहां चर्चा करा लीजिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि संसद में भी एसआईआर पर नहीं, बल्कि चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई थी। संसदीय चुनाव सुधार के कानून संसद बनाती है। संविधान संशोधन का काम भी संसद ही करती है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में राजस्थान सरकार की कोई भागीदारी नहीं होती। यदि निकाय चुनाव या पंचायती राज चुनाव के सुधारों को लेकर कोई चर्चा करना चाहते हैं तो उस पर फिर भी विधानसभा में चर्चा हो सकती है।
जूली बोले-फर्जी फार्म देने वाले की जांच हो
शून्यकाल में एसआईआर में गड़बड़ी का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत को स्पीकर ने पर्ची के जरिए एसआईआर में गड़बड़ी का मुद्दा उठाने की अनुमति दी। गैसावत जैसे ही बोलने लगे संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति् जताते हुए कहा कि यह मुद्दा यहां उठाया ही नहीं जा सकता। वोटर लिस्ट बनाने का काम चुनाव आयोग का है। राजस्थान सरकार का कोई रोल नहीं है।
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष और ससंदीय कार्य मंत्री के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। हंगामे के बीच स्पीकर ने लंच ब्रेक से 5 मिनट पहले सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि स्पीकर ने अनुमति दी है तो आप कैसे आपत्ति कर सकते हैं? हम तो केवल इतना पूछ रहे हैं कि जो भी अप्लीकेशन आए वो कहां से आई। उसमें सजा का प्रावधान है। एसआईआर में फर्जी फार्म देकर गए, वे कौन थे, इसमें जांच करवा दीजिए।
पराजित उम्मीदवार कर रहे हैं उद्घाटन
कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने हारे हुए भाजपा उम्मीदवारों से उद्घाटन करवाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के दो साल पूरे होने पर हमने भी बधाई दी। लेकिन, तारानगर में उदाहरण देखिए, 2023 में मेरे इलाके में अस्पताल का शिलान्यास हो चुका है। मैंने सोचा था कि स्वास्थ्य मंत्री इस स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करेंगे। वहां पानी वाले मंत्री स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करने गए। शिलान्यास की पट्टी लगी स्थानीय विधायक के स्थान पर हारे हुए उम्मीदवार की। उन्होंने कहा कि पराजित विधायक उम्मीदवार कैंची साथ लेकर घूम रहे हैं। इससे बड़ी शर्म की बात हो सकती है क्या? यह सब हम विधायकों की गरिमा के खिलाफ है।
नेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों में नोकझोंक
प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ओबीसी स्कॉलरश्पि से जुड़े सवाल के जवाब के दौरान सदन का माहौल गर्मा गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ओबीसी स्कॉलरशिप के आंकड़े को लेकर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के जवाब पर नाराजगी जाहिार की।
इस दौरान जूली ने मंत्री पर चीखते हुए कहा कि जवाब नहीं देना है तो हम यहां से चले जाते हैं। इस पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का इस तरह का बर्ताव ठीक नहीं है। इस दौरान फिर नोकझोंक शुरू हो गई। मंत्रियों के बीच में बोलने पर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बर्ताव ठीक नहीं है। इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
जर्जर स्कूल भवनों को गिराएंगे
भाजपा विधायक संदीप शर्मा के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जर्जर स्कूल भवनों को गिराया जाएगा। वार्षिक परीक्षा नजदीक है। कई भवन ऐसे हैं जो जर्जर हालत में है। जर्जर भवनों के लिए कमेटी है। डीईओ के पास रिपोर्ट जाती है। एक माह का समय होता है। 1800 स्कूल भवन जर्जर हैं।
दिलावर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी जर्जर स्कूलों को ठीक करने पर ध्यान नहीं दिया। अब हम तय कर रहे हैं कि निर्माण व मरम्मत करने की तिथि तय करने के साथ भवन के जीवनकाल की तारीख भी तय होगी। ताकि सरकार को ध्यान रहे कि कौन सी बिल्डिंग कब जमींदोज करनी है।
मुर्गी फार्म में चल रहे हैं स्कूल
दिलावर ने कहा कि अब तक 30 करोड़ रुपए के खर्च पर ही स्कूल भवनों की ही थर्ड पार्टी ऑडिट होती थी। अब सभी स्कूल भवनों का पॉलिटेक्निक कॉलेज से थर्ड पार्टी ऑडिट करवाएंगे ताकि बिल्डिंग सही बन रही है कि नहीं बन रही है यह पता लग जाए। जर्जर स्कूल भवनों के मुद्दे पर प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि स्कूल भवन जर्जर हैं लेकिन सरकार का ध्यान नहीं है। मंदिरों और मुर्गी फार्म में स्कूल चल रहे हैं। 45,365 में से 41 हजार स्कूलों में मरम्मत की जरूरत है। तबादले छोड़ स्कूलों पर ध्यान दीजिए। । इस पर दिलावर बोले कि कांग्रेसी शिक्षा का बंटाधार कर गए और बिल्डिंग निर्माण में पैसा खा गए।
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