​भिवाड़ी अग्निकांड: पुलिसकर्मी का भाई और मैनेजर गिरफ्तार, गारमेंट की आड़ में चल रहा था 'मौत का कारोबार'

राजस्थान में भिवाड़ी के पास खुशखेड़ा में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने एक कांस्टेबल के भाई और उसके मैनेजर को गिरफ्तार किया है। ये गारमेंट फैक्ट्री में अवैध तरीके से पटाखे बना रहे थे, जो अग्निकांड का कारण बन गया था।

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Ashish Bhardwaj
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News In Short

  • भिवाड़ी अग्निकांड में पुलिस कर्मी का भाई और मैनेजर गिरफ्तार।
  • अग्निकांड में सोमवार को सात लोगों की हो गई थी दर्दनाक मौत।
  • गारमेंट फैक्ट्री में बनाए जा रहे थे अवैध तरीके से पटाखे, बारूद बराद।
  • फैक्ट्री में पटाखा बनाने के काम में बच्चे भी कर रहे थे मजदूरी।
  • छापेमारी में मिला पटाखों का जखीरा हुआ बरामद।

News In Detail

सुनील जैन@भिवाड़ी

​राजस्थान में भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मंगलवार देर रात अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालक हेमंत शर्मा और उसके मैनेजर अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में 7 श्रमिकों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। ​जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री का संचालक हेमंत शर्मा भिवाड़ी जिला स्पेशल टीम (DST) में तैनात एक पुलिसकर्मी का भाई है। आरोप है कि खाकी के इसी रसूख की आड़ में लंबे समय से अवैध विस्फोटकों का काला कारोबार फल-फूल रहा था।

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​रूह कंपा देने वाला था मंजर

खुशखेड़ा की प्लॉट संख्या G1-118 में संचालित इस फैक्ट्री में सोमवार को अचानक हुए धमाके के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया था। फैक्ट्री कागजों में गारमेंट (कपड़ा) यूनिट के नाम पर पंजीकृत थी, लेकिन अंदर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण हो रहा था। हादसे के वक्त वहां काम कर रहे 7 मजदूर आग की लपटों में इस कदर घिरे कि उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि शव कंकाल में तब्दील हो गए और हड्डियां कोयला बन गईं।

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​छापेमारी में मिला पटाखों का जखीरा

​मैनेजर अभिनंदन से पूछताछ के बाद पुलिस ने हेमंत शर्मा के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की। रीको क्षेत्र के प्लॉट संख्या G1-682 और G1-538A पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में निर्मित पटाखे, कच्चा माल और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। ये इकाइयां 'कात्याल लॉजिस्टिक' और 'लक्ष्मी एलॉयज' के नाम पर दिखाई गई थीं, जबकि इनके भीतर मौत का सामान तैयार किया जा रहा था।

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​रसूख और भ्रष्टाचार की मिलीभगत

​भिवाड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अतुल साहू ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी हेमंत शर्मा का भाई पुलिस विभाग में है। पुलिसकर्मी की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है कि क्या वह अपने भाई को अवैध संरक्षण दे रहा था। ​इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में रीको अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। 

एडिशनल एसपी साहू के अनुसार ​प्लॉट का अवैध रूप से कन्वर्जन किया गया। ​गारमेंट लाइसेंस पर पटाखा फैक्ट्री कैसे चलती रही, इसकी जांच होगी। ​बुधवार को संबंधित रीको अधिकारियों से इस लापरवाही और संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी।

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​हत्या की धाराओं में मामला दर्ज

​पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को आज बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।

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स्टील फैब्रिकेशन की आड़ पटाखों का निर्माण

रीको के प्लॉट संख्या जी-1/682 में स्टील फैब्रिकेशन की आड़ में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। अब इस फैक्ट्री का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें अंदर महिला और मासूम बच्चे पटाखे बनाते हुए साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। यह वीडियो प्रशासन की फैक्ट्री सील करने की कार्रवाई से एक दिन पहले का बताया जा रहा है।

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छोटे बच्चे भी कर रहे थे काम

फैक्ट्री के वायरल वीडियो में महिलाएं ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी पटाखों की पैकिंग और निर्माण कार्य में लगे हुए नजर आ रहे हैं। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को भी दिखाई दे रही है। यह दृश्य ना केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन दर्शाता है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी भी उजागर करता है। बारूद जैसे ज्वलनशील पदार्थों के बीच बच्चों से काम कराना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक के बाद एक खुलासों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को प्रशासन की टीम ने हेमंत की एक फैक्ट्री और एक गोदाम को सील किया था। साथ ही लगातार अन्य जगह भी जांच पड़ताल की जा रही है। इस मामले में रीको के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

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