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Photograph: (the sootr)
News In Short
- बजट में 'मानसिक स्वास्थ्य' का मामला नेताओं की चुटीली जुबानी जंग में बदला।
- डोटासरा बोले, अगर मेंटल हास्पिटल खोलना है तो इसे रामगंजमंडी में खोला जाए।
- रामगंजमंडी वह विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां से मदन दिलावर जीतकर आते हैंं।
- डोटासरा और दिलावर के बीच चल रही हैं पुरानी सियासी अदावत।
- दिलावर का भी पलटवार, सीकर क्षेत्र को हैं मेंटल हॉस्पिटल की अधिक जरूरत।
News In Detail
​Jaipur: राजस्थान की राजनीति में 'शिक्षा' और 'दीक्षा' की जंग तो पुरानी है, लेकिन इस बार मामला 'मानसिक स्वास्थ्य' पर जाकर टिक गया है। विधानसभा के भीतर जब बजट के पन्नों से 'मेंटल हेल्थ' से जुड़ी घोषणाएं बाहर निकलीं, तो सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों के ऐसे तीर चले कि सदन का माहौल हास-परिहास और तीखे कटाक्षों से सराबोर हो गया।
​इस सियासी ड्रामे के केंद्र में रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मौजूदा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर। इन दोनों नेताओं की 'अदावत' नई नहीं है, लेकिन इस बार डोटासरा ने एक ऐसी 'चुटकी' ली, जिसने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया।
मेंटल हॉस्पिटल कहां खुले...
— TheSootr (@TheSootr) February 12, 2026
▶️अगर मेंटल हॉस्पिटल देना है तो इसे रामगंज मंडी में ही दिया जाए...ये कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा के शब्द हैं।
▶️यह बोलकर वे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तंज कस रहे हैं, जिनसे उनकी पुरानी सियासी अदावत है। दिलावर रामगंजमंडी से विधायक हैं।
▶️मदन… pic.twitter.com/1lZT72VvHd
​डोटासरा का 'रामगंज मंडी' कार्ड
बजट सत्र के दौरान जब प्रदेश में मेंटल हॉस्पिटल खोलने की चर्चा हुई, तो पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मौका नहीं गंवाया। उन्होंने विधानसभा के मुख्यद्वार पर हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य से संवाद में यह सुझाव दे डाला कि, अगर सरकार को प्रदेश में कहीं नया मेंटल हॉस्पिटल खोलना है, तो सबसे उपयुक्त जगह रामगंज मंडी ही होगी।
दरअसल, डोटासरा का यह सीधा इशारा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर था, जो रामगंज मंडी से विधायक हैं। डोटासरा अक्सर दिलावर की कार्यशैली और बयानों को लेकर उन पर हमलावर रहते हैं। उनके इस 'शब्दबाण' का मतलब साफ था-कि उनके प्रतिद्वंद्वी को उपचार की जरूरत है।
​दिलावर का पलटवार: सीकर में है असली जरूरत
मदन दिलावर भी राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं और पलटवार करने में माहिर माने जाते हैं। उन्होंने डोटासरा के वार पर बिना देर किए जवाबी हमला किया। दिलावर ने कहा, मानसिक स्वास्थ्य की जरूरत तो हर जगह है, लेकिन हाल ही में जब मैं सीकर (डोटासरा का गृह क्षेत्र) गया था, तो मुझे लगा कि वहां मेंटल हॉस्पिटल की सबसे ज्यादा जरूरत है।
उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि सीकर का एक बड़ा नेता 'मेंटल' हो गया है। जब उस नेता का नाम पूछा, तो दिलावर मुस्कुरा दिए और बोले- नाम लेने की जरूरत नहीं है, सब जानते हैं। मैं तो सरकार से सीकर में मेंटल हॉस्पिटल खोलने की सिफारिश करूंगा।
​बजट की गंभीरता बनाम सियासी कॉमेडी
​नेताओं के बीच यह 'तू-तू मैं-मैं' भले ही मनोरंजन का विषय बनी रही, लेकिन इसके पीछे राजस्थान सरकार का एक गंभीर विजन भी है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में 'राज ममता प्रोग्राम' की घोषणा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रतिस्पर्धा और तनाव के कारण बढ़ते अवसाद (Depression) और आत्महत्या जैसे मामलों को रोकना है।
​मानसिक स्वास्थ्य पर बजट की बड़ी घोषणाएं
​जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: SMS मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र बनेगा।
​जिला स्तर पर मेंटल केयर सेल: हर जिला मुख्यालय पर ऐसी सेल बनेगी जहां परामर्श और पुनर्वास की सुविधा होगी।
​स्कूलों में काउंसलिंग: उच्च माध्यमिक विद्यालयों में हर महीने कम से कम एक 'स्ट्रेस मैनेजमेंट' सेशन अनिवार्य होगा।
​जनता का मुद्दा या नेताओं का अखाड़ा
​विधानसभा में बुधवार को जब वित्त मंत्री इन बजट प्रावधानों को पढ़ रही थीं, तो विपक्षी विधायकों ने तंज कसना शुरू कर दिया। कोई अपने विरोधी को भर्ती कराने की सलाह दे रहा था, तो कोई सत्तापक्ष को उपचार की जरूरत बता रहा था। राजनीति के इस अखाड़े में 'मानसिक स्वास्थ्य' जैसा संवेदनशील मुद्दा हास-परिहास का जरिया बन गया।
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हालांकि, जानकारों का कहना है कि डोटासरा और दिलावर की यह लड़ाई केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। यह वर्चस्व की लड़ाई है। डोटासरा जहां गहलोत सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर दिलावर को घेरते हैं, वहीं दिलावर वर्तमान सरकार की सख्ती को अपनी ढाल बनाते हैं।
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