गहलोत का चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला, एसआईआर विवाद पर उठाए गंभीर सवाल
Jaipur. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर पूरे देश में हो रहे विवादों के लिए चुनाव आयोग की नीयत और उसकी गलती जिम्मेदार है।
गहलोत ने इस विवाद को चुनाव आयोग की बेवकूफी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आयोग की भाजपा और सरकार के साथ मिलीभगत स्पष्ट है। आयोग ने जानबूझकर विवाद पैदा किया, जिससे लोग संदेह करने लगे हैं।
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राजनीति और आयोग की मिलीभगत
गहलोत ने जयपुर में इंदिरा गांधी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर आयोग सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर एसआईआर की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से करता तो यह स्थिति नहीं बनती। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने बिहार चुनाव से ठीक पहले एसआईआर को लागू किया, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
राहुल गांधी अकेले क्या कर सकते हैं?
गहलोत ने बिहार में चुनाव जीतने के लिए बीजेपी के द्वारा अपनाए गए धनबल की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में बीजेपी ने इलेक्टोरल बॉन्ड से भारी मात्रा में पैसे इकट्ठा किए और महिलाओं के खातों में पैसे डाले, लेकिन आयोग ने कोई रोक नहीं लगाई। राहुल गांधी अकेले इस स्थिति में कुछ नहीं कर सकते। जनता को खुद सड़कों पर आना पड़ेगा।
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भ्रष्टाचार-चुनावी गड़बड़ी पर हमला
गहलोत ने बीजेपी के चुनावी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार पर हमला करते हुए कहा कि ईडी और इनकम टैक्स द्वारा नोटिस जारी करने के बाद उन कंपनियों को कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए पैसे दिए थे। बीजेपी ने धनबल और सत्ता का दुरुपयोग करते हुए चुनाव जीते हैं और अब यह देश में नंगा खेल खेल रहे हैं।
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आयोग का निष्पक्ष काम जरूरी
गहलोत ने आयोग से मांग की कि वह सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर काम करें और राजस्थान जैसे राज्यों में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए। उन्होंने कहा कि आयोग को अपनी प्रक्रिया में बदलाव लाकर पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।