/sootr/media/media_files/2026/02/18/savida-2026-02-18-20-24-24.jpg)
Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान सरकार ने संविदाकर्मियों को नई भर्तियों में प्राथमिकता देने का ऐलान किया।
- संविदाकर्मियों के अनुभव को तरजीह देने के लिए नियमों में शिथिलता पर विचार किया जाएगा।
- प्लेसमेंट एजेंसियों को अब हर महीने पीएफ और ईएसआई जमा करना होगा।
- अक्टूबर 2026 में प्रदेश में बड़े स्तर पर सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
- भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
News In Detail
राजस्थान विधानसभा में 18 फरवरी बुधवार को सरकार की ओर से संविदाकर्मियों को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा हुई। दरअसल चौंमू विधायक डॉ. शिखा मील बराला ने संविदाकर्मियों के भविष्य को लेकर सवाल पूछ लिया। जवाब में नगरीय विकास व स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार संविदाकर्मियों को लेकर संवेदनशील है और उन्हें नई भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी।
अनुभव के आधार पर मिलेगी प्राथमिकता
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने आगामी भर्तियों में काम कर रहे संविदाकर्मियों को प्राथमिकता देने का आश्चासन दिया। उन्होंने बताया कि अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन करेंगे व उन्हें बोनस अंक देने पर विचार किया जाएगा।
भविष्य को लेकर जागी आशा
सरकार की इस घोषणा से सरकार में बरसों से संविदा पर काम करने वाले कार्मिकों में नियमित होने की उम्मीद जगी है।
पीएफ और ईएसआई पर सख्त कदम
संविदाकर्मियों को शोषण से बचाने के लिए सरकार ने भुगतान की नई व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था से प्लेसमेंट एजेंसियां संविदाकर्मियों के हक पर डाका नहीं डाल सकेगीं। एजेंसियों को अब हर महीने संविदाकर्मी का पीएफ और ईएसआई जमा करवाना होगा। दूसरे महीने का बिल तभी पास होगा जब एजेंसी पहले महीने की पीएफ/ईएसआई जमा होने की आधिकारिक रसीद पेश कर देगी। चालान पेश नहीं करने पर भुगतान रोक दिया जाएगा।
इस साल होगी सफाई कर्मचारियों की भर्ती
मंत्री खर्रा ने सदन में बताया कि भर्ती कैलेंडर 2026 के अनुसार प्रदेश में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर 2026 में शुरू होगी। यह भर्ती कैलेंडर युवाओं को समयबद्ध तैयारी करने का अवसर प्रदान करेगा।
बर्दाश्त नहीं करेंगे भ्रष्टाचार
मंत्री ने भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहींं करने की सरकारी नीति को दोहराया। उन्होंने नगर परिषद चौमूं का उदाहरण देते हुए बताया कि भ्रष्टाचार के चलते दो स्थायी कार्मिकों को उनके मूल विभाग पशुपालन में भेज दिया । वहीं एक संविदाकर्मी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी।
निकायों में रिक्त पदों की चुनौती
मंत्री झाबरमल खर्रा ने स्वीकार किया कि प्रदेश के निकायों में नियमित कार्मिकों की भारी कमी है। कई निकायों में 2017 से ही प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए काम चलाया जा रहा है। सरकार अब इन रिक्तियों को नियमित भर्तियों के जरिए भरने की तैयारी में है। इसमें संविदाकर्मियों को प्राथमिकता देना एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ये भी पढे़:-
न बैंड-बाजा, न बाराती; दो युवा IAS अफसरों ने कलेक्टर के सामने पहना दी एक-दूसरे को माला
तीन सप्ताह में हटाएं अवैध कॉलोनी, अन्यथा हाउसिंग बोर्ड आयुक्त कोर्ट में हो हाजिर
जयपुर एयरपोर्ट पर कुत्ते ने महिला पैसेंजर को बनाया शिकार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
ईशान किशन करेंगे जयपुर की मॉडल से शादी, दादा जी ने की रिश्ते की पुष्टि
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us