तीन सप्ताह में हटाएं अवैध कॉलोनी, अन्यथा हाउसिंग बोर्ड आयुक्त कोर्ट में हो हाजिर

राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर के सांगानेर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के लिए अवाप्त जमीन पर अवैध रुप से बसी कॉलोनियों को हटाने के लिए अंतिम मौका दिया है।

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Mukesh Sharma
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Photograph: (the sootr)

News In Short

  • हाई कोर्ट ने अवाप्त जमीन से अवैध कॉलोनियों को हटाने का दिया अंतिम मौका।
  • राजस्थान में जयपुर के सांगानेर में हाउसिंग बोर्ड की अवाप्त जमीन का मामला 
  • हाउसिंग बोर्ड की अवाप्त जमीन पर 80 से ज्यादा कॉलोनियां हो चुकी हैं विकसित 
  • हाउसिंग बोर्ड बाकी खाली बची हुई जमीन पर नहीं ले रहा है कब्जा। 
  • कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में दिए थे अवैध कॉलोनी हटाने के निर्देश 

News In Detail

राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर के सांगानेर में अवैध रुप से बसी करीब 87 कॉलोनियों को हटाने के लिए हाउसिंग बोर्ड को अंतिम मौका दिया है। कोर्ट ने तीन सप्ताह में कार्रवाई करके रिपोर्ट पेश करने अन्यथा बोर्ड कमिश्नर को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में हाजिर होने को कहा है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस संगीता शर्मा की बैंच ने यह निर्देश पब्लिक अंगेस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर दिए। 

कोई परवाह नहीं है कोर्ट आदेश की

संस्था के एडवोकेट पूनमचंद भंडारी ने बताया कि 20 अगस्त,2025 को अदालत ने हाउसिंग बोर्ड के लिए अवाप्त जमीन से अतिक्रमण हटाने व जमीन को कब्जे में लेने च अतिक्रमण के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 
अदालती आदेश के 6 महीने होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई है और आज भी निर्माण हो रहे है। अवमानना के नोटिस देने के बावजूद ना नए निर्माण रोक रहे हैं ना पहले से बने हुए निर्माण हटा रहे है। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करने के लिए प्रार्थना पत्र अदालत में लंबित है। 

यह है पूरा मामला

एडवोकेट पूनमचंद भंडारी ने बताया कि राजस्थान सरकार ने सांगानेर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के लिए अवाप्त जमीन पर अतिक्रमण करके  बसी हुई 97 कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया। इसके लिए 12 मार्च 2025 को एक आदेश भी जारी किया। जबकि हाउसिंग बोर्ड के लिए अवाप्त जमीन पर गृह निर्माण सहकारी समितियों की बसाई कॉलोनी कानूनी रुप से अवैध हैं।  

हाउसिंग बोर्ड जमीन के बदले काश्तकारों को पैसा दे चुका है। लेकिन बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन पर गृह निर्माण सहकारी समितियों ने अवैध कॉलोनी विकसित कर दी और अब सरकार की मिलीभगत से इन अवैध कॉलोनियों को नियमित करवाने का प्रयास हो रहा है। जबकि ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत है।   

कोर्ट ने भी जताया था आश्चर्य

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी गैर-कानूनी रुप से सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों को नियमित करने पर आश्चर्य जताया था। कोर्ट ने आठ सप्ताह में अवैध कब्जे हटाने,कब्जे करवाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियेां के खिलाफ एसीबी से जांच करवाने के आदेश देने की मंशा जाहिर की थी। 

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

हाईकोर्ट ने 20 अगस्त,2025 को अवैध कॉलोनियेां को नियमित करने के सरकार के 12 मार्च,2025 के आदेश पर रोक लगाते हुए 8 सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलती देख सरकार ने अपनी अपील वापिस ले ली थी। 

इसके बावजूद भू-माफियाओं की मिलीभगत के चलते सरकार खाली बची जमीन से कब्जा नहीं ले रही है। इस पर कोर्ट ने हाउसिंग बोर्ड को तीन सप्ताह में जमीन से कब्जा हटाकर रिपोर्ट पेश करने अन्यथा बोर्ड कमिश्नर को व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने को कहा है।

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