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Photograph: (the sootr)
News in Short
- राजस्थान हाई कोर्ट ने डीडी कुमावत के काम करने पर लगाई रोक
- कुमावत आरसीए में तदर्थ समिति के बने हुए हैं संयोजक
- आपराधिक मुकदमे में आरोप तय होने को बनाया आधार
- कुमावत पर था आरसीए विधान के नियमों के उल्लंघन का आरोप
- नहीं रह सकता आपराधिक केस में फंसा पदाधिकारी
News in Detail
जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की तदर्थ कमेटी के संयोजक डीडी कुमावत के काम करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस कुलदीप माथुर ने यह अंतरिम आदेश जोधपुर ​जिला क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त संचिव देवी सिंह की याचिका पर दिए। अदालत ने इस मामले में प्रमुख सहकारी सचिव, सहकारिता पंजीयक, आरसीए और कुमावत को नोटिस जारी कर 8 सप्ताह में जवाब मांगा है।
आरोप तय, फिर भी कर रहे काम
कोर्ट को बताया गया कि आरसीए विधान के अनुच्छेद-26 के अनुसार निर्वाचित या मनोनीत सदस्य पर कोर्ट से क्रिमिनल केस में आरोप तय होने पर वह प्रबंध कमेटी का सदस्य बनने ​के अयोग्य हो जाता है। कुमावत के खिलाफ सांभर-लेक की मजिस्ट्रेट कोर्ट में 18 सितंबर, 2025 को आईपीसी की धारा-188 व 149 में आरोप तय हो चुके हैं। इसके बावजूद भी वह आरसीए तदर्थ कमेटी के संयोजक बने हुए हैं। इस संबंध में सहकारिता पंजीयक को शिकायत देने के बावजूद कोई एक्शन नहीं हुआ।
भाजपा विधायक को हटाकर बनाया
दिसंबर 2023 में राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत के खिलाफ विद्रोह हो गया था। उन्होंंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सरकार ने नए चुनाव करवाने के स्थान पर तदर्थ कमेटी बना दी थी। इस कमेटी का संयोजक भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी को बनाया गया। जून 2025 में सरकार ने बिहाणी वाली कमेटी भंग कर दी। सरकार ने नई कमेटी का संयोजक सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डीडी कुमावत को बना दिया। इनके साथ मोहित यादव, आशीष तिवाड़ी, धनंजय सिंह और पिंकेश पोरवाल को सदस्य बनाया।
दो साल से नहीं हुए हैं चुनाव
नियमानुसार तदर्थ कमेटी बनने के बाद तीन महीने में चुनाव होने चाहिए। लेकिन, आरसीए पर सरकार तदर्थ कमेटी के जरिए कब्जा किए हुए है। सरकार ने पहले भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी को कमेटी संयोजक बनाया। फिर हर तीन महीने में कार्यकाल बढ़ता रहा। जून 2025 में सरकार ने बिहाणी को हटाकर नई कमेटी बनाई। इसका संयोजक कुमावत को बना दिया। जून से लेकर अब तक कुमावत की कमेटी का कार्यकाल भी तीन बार बढ़ाया जा चुका है। लेकिन, सरकार चुनाव करवाने के मूड में ही नहीं दिख रही है।
मंत्री पुत्र से चल रहा है विवाद
कुमावत और कमेटी सदस्य व चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह खींवसर के बीच खींचतान के चलते मामला ज्यादा उलझ गया है। खींवसर आरसीए अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल हैं। लेकिन,उनके नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद छोड़कर जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष बनना विवाद में है। यह मामला भी हाईकोर्ट में चल रहा है।
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