कांग्रेस के सामने होगी राज्यसभा सीट बचाने की चुनौती, जून में खाली हो रही तीन सीटें
Mukesh Sharma | Feb 19, 2026, 16:50 IST
Photograph: (the sootr)
निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है। इनमें राजस्थान शामिल नहीं है। लेकिन, राजस्थान में जून महीने में राज्यसभा की तीन सीट खाली हो रही हैं। भाजपा इस बार तीनों सीट पर कब्जे की फिराक में है।
News In short
- इस बार के घोषित राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम में राजस्थान का नाम नहीं।
- राजस्थान से जून में खाली होंगी राज्यसभा की तीन सीटें।
- भाजपा इस बार तीनों सीटों पर कब्जा करने की बना रही रणनीति।
- कांग्रेस विधायक दल में क्रॉस वोटिंग से ही मिल सकती है तीसरी सीट
- कांग्रेस-भाजपा दोनों ही प्रमुख पार्टियों में सियासी लॉबिंग शुरु।
News In Detail
राजनीतिक समीकरणों में विधायक संख्या के अनुसार कांग्रेस एक और भाजपा दो सीट आराम से जीतने की स्थिति में है। लेकिन, भाजपा इस बार आक्रामक रणनीति के तहत तीनों सीट पर कब्जा करने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, यह कांग्रेस विधायकों के क्रॉस वोटिंग से ही संभव है।
इनका होगा कार्यकाल समाप्त
राजनीतिक भागदौड़ हुई शुरु
भले ही अपनी आंख फूट जाए लेकिन
ऐसे ही संघर्ष में तीन बार विधानसभा चुनाव हार चुके नीरज डांगी को पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने टिकट दिलवा दिया था। गहलोत ने यह दांव सचिन पायलट समर्थक एससी वर्ग के कुलदीप इंदौरा को रोकने के लिए चला था। हालांकि, इंदौरा इस समय श्रीगंगानगर से लोकसभा सांसद है।
डांगी पाली जिले से हैं और गहलोत समर्थक हैं। गहलोत ने उन्हें पायलट को मात देने के लिए राज्यसभा सांसद बनवा दिया था। डांगी एससी समुदाय से आते है। मारवाड़ में एससी समुदाय की संख्या अच्छी है। इसके बावजूद डांगी केा राज्यसभा सांसद बनाने का ना तो कांग्रेस पार्टी को और ना ही जालौर से सांसद उम्मीदवार रहे गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को कोई फायदा हुआ।
इस बार भी संघर्ष संभव
जाट समुदाय से सर्वाधिक संभावना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की जताई जा रही है। उनके लिए दलील दी जा रही है कि कांग्रेस आलाकमान उनके काम से खुश है और उनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की मंशा रखता है। इसलिए उन्हें राज्यसभा सांसद बनाकर एआईसीसी महासचिव जैसी अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि अभी यह सिर्फ कयास भर हैं।
भाजपा में किसका लगेगा दांव
ऐसे तय होता है जीत का फॉर्मूला
राजस्थान विधानसभा में एक राज्यसभा उम्मीदवार को जीत के लिए 51 वोट चाहिए। भाजपा के 118 विधायक हैं तो दो उम्मीदवारों की जीत के लिए उन्हें 102 वोट चाहिएं। इसके बाद भी उनके पास 16 वोट अतिरिक्त बचेंगे।
इसी प्रकार कांग्रेस के वर्तमान में 67 विधायक हैं। 51 वोट के बाद कांग्रेस के पास भी 16 अतिरिक्त वोट बचेंगे। इनके अतिरिक्त बसपा के दो,भारत आदिवासी पार्टी के चार, आरएलडी का एक और आठ निर्दलीय विधायक हैं। यह कुल 15 होते हैं। कांग्रेस व भाजपा के अतिरिक्त 32 व 15 अन्य वोट जोड़कर संख्या 47 होती है। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार को चार वोट का जुगाड़ करना होगा।
राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप जारी नहीं होता है। ऐसे में या तो सीधे तौर पर या किसी निर्दलीय को समर्थन देकर भाजपा तीसरी सीट पर भी कब्जा करने की कोशिश कर सकती है।
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