ग्रीन टैक्स वसूली पर एनजीटी का नोटिस, सरकार से पूछा- 2009 करोड़ का क्या किया
Ashish Bhardwaj | Jan 12, 2026, 14:12 IST
Photograph: (The Sootr)
एनजीटी ने राजस्थान में ग्रीन टैक्स के कथित दुरुपयोग पर राज्य सरकार से जवाब मांगा, 2009.66 करोड़ रुपये का खर्च कहा गया है, रिपोर्ट छह सप्ताह में पेश होगी। आरटीआई से हुआ खुलासा।
Jaipur: राजस्थान में वाहनों से ग्रीन टैक्स के रूप में वसूली जा रही राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने इस मामले में जांच करने के लिए संयुक्त समिति का गठन किया है। यह समिति छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी। इसके साथ ही, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग, परिवहन आयुक्त, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि ग्रीन टैक्स के रूप में जमा 2009.66 करोड़ रुपये का खर्च कहां किया गया है।
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एनजीटी ने राजस्थान में ग्रीन टैक्स के दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार और परिवहन विभाग को कड़ी चेतावनी दी है। पर्यावरणविद बाबूलाल जाजू द्वारा दायर याचिका पर एनजीटी ने यह आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि ग्रीन टैक्स के रूप में जो राशि वसूली गई, वह प्रदूषण को नियंत्रित करने और हरियाली बढ़ाने के लिए खर्च होने के बजाय अन्य कार्यों पर खर्च की जा रही है। एनजीटी ने इस मामले में संयुक्त जांच समिति से छह सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच भोपाल ने इस मामले की गंभीरता से लिया। जांच समिति से पूछा है कि ग्रीन टैक्स के पैसे का इस्तेमाल पर्यावरण को सुधारने और प्रदूषण को रोकने में किया गया हैं या फिर इस राशि को किसी अन्य कार्यों पर खर्च किया गया हैं। याचिकाकर्ता ने आरटीआई के तहत यह जानकारी प्राप्त की कि ग्रीन टैक्स के तहत 2009.66 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश का वन क्षेत्र 13% से घटकर 9% रह गया है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
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जांच समिति में विभिन्न विभागों और अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें पर्यावरण विभाग, परिवहन विभाग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये सभी विभाग मिलकर यह पता लगाएंगे कि ग्रीन टैक्स के पैसे का सही तरीके से उपयोग हुआ है या नहीं।
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एनजीटी ने इस मामले की सुनवाई 23 मार्च 2026 को निर्धारित की है। इसमें ग्रीन टैक्स के दुरुपयोग के बारे में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
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एनजीटी ने राजस्थान ग्रीन टैक्स के दुरुपयोग पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। ग्रीन टैक्स के रूप में जमा 2009.66 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पर्यावरण सुधार में नहीं हुआ, यह गंभीर चिंता का विषय है।
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आरटीआई से हुआ खुलासा
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वायु प्रदूषण नियंत्रित के लिए ग्रीन टैक्स याचिकाकर्ता बाबूलाल जाजू ने अदालत में यह भी बताया कि राजस्थान में वाहनों से निकलने वाला धुआं लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन गया है। दमा, ब्रोंकाइटिस, और हृदय रोग जैसी बीमारियां इस धुएं के कारण फैल रही हैं। 2017 में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रीन टैक्स लागू किया गया था, लेकिन ग्रीन टैक्स के प्रभावी उपयोग के बजाय इसे अन्य कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।
babulal jaju
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जांच में विभिन्न विभाग
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अगली सुनवाई 23 मार्च को
राजस्थान के 18 शहरों की जहरीली हवा, देश के टॉप-50 प्रदूषित शहरों में भिवाड़ी आगे
सारांश
राजस्थान में कैसे रुके खनन, POLICE ही बेबस
मुख्य बिंदू:
- ग्रीन टैक्स वसूली पर एनजीटी का नोटिस सरकार से मांगा जवाब
- राजस्थानग्रीन टैक्स का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण की स्थिति में सुधार लाना था।
- एनजीटी ने इस मामले में एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया है और छह सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
- ग्रीन टैक्स का धन प्रदूषण नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होना चाहिए था, लेकिन इसके खर्च का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है।
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