80 की उम्र, चलना-फिरना बंद, फिर भी रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर का ठप्पा
Jageshwar prasad | Jul 01, 2026, 15:23 IST
80 की उम्र, चलना-फिरना बंद, फिर भी हिस्ट्रीशीटर का ठप्पा
राजस्थान में ऐसे भी हिस्ट्रीशीटर हैं, जो जीवन के आखिरी पड़ाव पर हैं। इनकी उम्र 80 के पार कर चुकी है। विशेषज्ञों की राय में हिस्ट्रीशीटरों की सूची की नियमित समीक्षा होनी चाहिए।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में ऐसे भी हिस्ट्रीशीटर, जो जीवन के आखिरी पड़ाव पर हैं।
- इन हिस्ट्रीशीटरों की उम्र 80 के पार हो चुकी, चलने की भी स्थिति नहीं।
- राजस्थान पुलिस के रिकॉर्ड में प्रदेशभर में 12 हजार से अधिक हिस्ट्रीशीटर।
- विधि विशेषज्ञों का सुझाव है कि हिस्ट्रीशीटरों की सूची की नियमित समीक्षा हो।
दशकों पहले अपराध की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह चुके कई बुजुर्ग आज भी ढलती उम्र में पुलिस थानों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यह चौंकाने वाली और मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली हकीकत राजस्थान की है।
प्रदेश भर में 12 हजार से अधिक हिस्ट्रीशीटरों की सूची की नियमित समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।
अपराध छूटा, पर हिस्ट्रीशीटर का दाग नहीं
रघुसिंह (80 वर्ष): चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इनके खिलाफ सात वर्ष पहले दुर्घटना का एक मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद ये हिस्ट्रीशीटर सूची में शामिल हो गए और लगातार पुलिस की निगरानी में हैं।
जगमाल खां (80 वर्ष): लकवाग्रस्त होने के कारण बिस्तर पर हैं। इनके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं। इन्होंने आखिरी अपराध 29 वर्ष पहले किया था। इसके बावजूद इनका नाम आज भी हिस्ट्रीशीटर सूची से नहीं हटा है।
मोग्या तंवर (81 वर्ष): इनके खिलाफ आखिरी मुकदमा आज से करीब 49 साल पहले यानी वर्ष 1977 में दर्ज हुआ था। आज वे चलने-फिरने लायक नहीं हैं, लेकिन नियम इतने कड़े हैं कि उन्हें हर छह महीने में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर पाबंद होना पड़ता है।
71 बुजुर्गों को मिली बड़ी राहत
इस जांच में 71 ऐसे लोग मिले, जिनके खिलाफ लंबे समय से कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। इसके बाद पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन सभी 71 लोगों की पुलिस निगरानी हमेशा के लिए बंद कर दी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
क्या कहते हैं पुलिस के नियम?
नियमों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अपराधमुक्त जीवन जी रहा है। उसके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज न हुआ हो या वह अधिकांश मामलों में दोषमुक्त (बरी) हो चुका हो तो वह एसपी के समक्ष हिस्ट्रीशीट बंद करने का आवेदन कर सकता है।
अगर वहां से राहत नहीं मिलती तो हाई कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है। सामान्यतः 15 से 20 वर्षों तक कोई नया मामला दर्ज नहीं होने पर हिस्ट्रीशीट बंद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
ये भी पढ़ें:-
चाचा की भी हो सकती है हत्या, जगन गुर्जर के बेटे ने उठाए सवाल, मांगी CBI जांच
जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कभी वसुंधरा के महल को उड़ाने की दी थी धमकी
कौन है विष्णु जाट, जिसने डकैत जगन गुर्जर को अजमेर जेल में मार डाला
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari