सोशल मीडिया पर युवती बोली- राजस्थान में महिलाएं ससुर-देवर से भी बनाती हैं संबंध, जानें दावे की पूरी सच्चाई

Nitin Kumar Bhal | Aug 30, 2025, 09:57 IST
Share
rajasthan-social-media-fake-tradition-claim
Photograph: (The Sootr)

सोशल मीडिया पर राजस्थान की एक परंपरा को लेकर किए गए युवती के दावे पर विवाद खड़ा हो गया है। राजस्थान पुलिस ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए इसे फेक न्यूज करार दिया है।

सोशल मीडिया पर एक युवती ने राजस्थान की एक परंपरा के बारे में दावा किया है, जिसके बाद इस पर बहस शुरू हो गई है। युवती का कहना है कि राजस्थान में एक परंपरा के तहत शादी के बाद पहले ससुर, फिर देवर और फिर पति के साथ संबंध बनाए जाते हैं, और पहले बच्चे को गिरा दिया जाता है। इसके बाद, उसने इस परंपरा के लिए शिक्षा की कमी को जिम्मेदार ठहराया। सोशल मीडिया पर इस दावे के बाद कई लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।

rajasthan-social-media-fake-tradition-claim
rajasthan-social-media-fake-tradition-claim

राजस्थान को लेकर युवती ने सोशल मीडया पर क्या दावा किया?

सोशल मीडिया पर किए गए दावे में युवती ने कहा कि राजस्थान में कुछ इलाकों में यह परंपरा आज भी निभाई जाती है। उसने यह भी कहा कि वहां के लोग इतने पढ़े-लिखे नहीं हैं कि उन्हें यह समझाया जा सके। इस वजह से, वह मानती है कि शिक्षा का प्रसार वहां की जनता के लिए जरूरी है। उसका दावा था कि यह परंपरा पूरी तरह से अनैतिक और अस्वीकार्य है, और इसे तुरंत बंद करना चाहिए।

इस बारे में राजस्थान पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवती दावा कर रही है कि “राजस्थान में एक परंपरा के तहत शादी के बाद पहले ससुर, फिर देवर और फिर पति का संबंध होता है और जो पहला बच्चा होगा उसे गिरा दिया जाता है।” राजस्थान में ऐसी कोई परंपरा या रस्म नहीं है। यह दावा पूर्णतः फर्जी, झूठा एवं भ्रामक है। आप सभी से निवेदन है कि ऐसी फर्जी खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें। फेक न्यूज प्रसारित करना कानूनन दंडनीय है।

सोशल मीडिया को लेकर लोग कैसे सावधानी बरतें?

यह घटना मीडिया और समाज के लिए एक सीख बन सकती है। सोशल मीडिया पर खबरें तेजी से फैलती हैं, लेकिन यह जरूरी है कि हम इन खबरों की सत्यता की जांच करें। इस मामले में राजस्थान पुलिस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने झूठी खबरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की और आम जनता को सचेत किया। मीडिया का भी यह कर्तव्य बनता है कि वह ऐसे मामलों को सही तरीके से कवर करे और किसी भी फेक न्यूज को फैलने से रोके।

सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध

rajasthan-social-media-fake-tradition-claim
rajasthan-social-media-fake-tradition-claim
यह दावा सोशल मीडिया पर फैलते ही कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने इस पर गुस्से का इज़हार किया और इसे राजस्थान की एक गौरवमयी संस्कृति पर कलंक बताया। कुछ लोगों ने इसे पूरी तरह से झूठ और बेतुका बताया। वहीं, कुछ यूजर्स ने राजस्थान पुलिस से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की और पूछा कि क्या पुलिस इस तरह की फेक खबरों के खिलाफ कार्रवाई करेगी या नहीं।

राजस्थान पुलिस ने किया खंडन

राजस्थान पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाई और ट्विटर (अब एक्स) पर एक पोस्ट डालकर इस दावे को भ्रामक और झूठा करार दिया। पुलिस ने साफ कहा कि राजस्थान में ऐसी कोई परंपरा या रस्म नहीं है। इसके अलावा, पुलिस ने फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस ने यह भी कहा कि ऐसे अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए जनता से अपील की।

राजस्थान को लेकर सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहें

सोशल मीडिया ने इस मामले को और भी बढ़ा दिया। जहां एक ओर कुछ लोग इस परंपरा को झूठा मानते हुए इसे राजस्थान की संस्कृति से जोड़ने की आलोचना कर रहे थे, वहीं कुछ लोगों ने इसे सच मान लिया और दूसरों को भी इसे फैलाने की कोशिश की। राजस्थान पुलिस ने इस तरह की अफवाहों और झूठी खबरों से बचने की अपील की और इसे कानूनन अपराध बताया। पुलिस ने कहा कि राजस्थान को लेकर युवती का सोशल मीडिया पर दावा सरासर भ्रामक है।

राजस्थान की परंपराओं पर सवाल

राजस्थान की परंपराएं हमेशा से ही अपनी विविधता और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध रही हैं। हालांकि, राजस्थान को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी औरइस तरह के झूठे दावे राजस्थान की छवि को प्रभावित करते हैं। इसे केवल एक व्यक्ति की गलत जानकारी नहीं माना जा सकता, बल्कि यह सामाजिक मीडिया की एक गंभीर समस्या बन चुका है। सोशल मीडिया पर राजस्थान को लेकर अफवाहें यदि फैलती रहीं तो ये राजस्थान की संस्कृति और समाज के लिए बड़ा नुकसान हो सकते हैं।

FAQ

  1. 1. क्या राजस्थान में ऐसी कोई परंपरा है, जैसा कि सोशल मीडिया पर दावा किया गया है?
    राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट रूप से इस दावे को भ्रामक बताया है। वहां ऐसी कोई परंपरा या रस्म नहीं है। यह सिर्फ एक अफवाह है।
  2. 2. क्या राजस्थान पुलिस ने राजस्थान के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने पर कार्रवाई की है?
    हाँ, राजस्थान पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस ने इसे फेक न्यूज बताया है और इससे जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
  3. 3. क्या सोशल मीडिया पर फैली राजस्थान को लेकर भ्रामक खबर को सच मानना चाहिए?
    नहीं, यह खबर पूरी तरह से झूठी है। राजस्थान पुलिस ने इस दावे को खारिज किया है और इसे फेक न्यूज बताया है।
  4. 4. फेक न्यूज के फैलने पर क्या दंड है?
    राजस्थान पुलिस के अनुसार, फेक न्यूज फैलाने पर कानूनी दंड का प्रावधान है। इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, और यह एक गंभीर अपराध है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • राजस्थान पुलिस
  • राजस्थान को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी
  • सोशल मीडिया पर राजस्थान को लेकर अफवाहें
  • राजस्थान को लेकर युवती का सोशल मीडिया पर दावा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा