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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान सरकार ने 1.74 लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक दी है।
- पेंशन रोकने के कारणों में पेंशनर्स की मृत्यु और अन्य प्रशासनिक कारण शामिल हैं।
- बांसवाड़ा और झालावाड़ जिलों में सबसे ज्यादा पेंशन रोकी गई है।
- वेरिफिकेशन के बाद 40,167 पेंशनर्स की पेंशन फिर से बहाल की गई है।
- पात्र पाए गए पेंशनर्स को एरियर सहित भुगतान किया जाएगा।
News In Detail
राजस्थान सरकार ने 1.74 लाख से ज्यादा लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक दी है। सरकार के अनुसार पेंशन रोकने के विभिन्न कारणों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 1300 रुपए मिलते हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसे 150 रुपए बढ़ा कर 1450 रुपए मासिक करने का प्रस्ताव है।
91 लाख लोगों को मिलती हैं पेंशन
कांग्रेस विधायक भगवाना राम सैनी के सवाल पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने राज्य विधानसभा में पेंशन रोकने के कारणों का ब्योरा दिया। राजस्थान में कुल 91 लाख पेंशनर्स हैं। इनमें से कई पेंशनर्स की पेंशन विभिन्न कारणों से रोकी गई है। सरकार ने बताया कि पिछले दो साल में बांसवाड़ा और झालावाड़ जिलों में सबसे ज्यादा पेंशन रोकी गई है।
पेंशन रोकने के प्रमुख कारण
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अनुसार, पेंशन रोकने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
पेंशनर्स की मृत्यु
राज्य से बाहर शिफ्ट होना
परिवार के किसी सदस्य का सरकारी नौकरी लग जाना
विधवा का फिर से शादी करना
इन कारणों से पेंशनर्स को अपात्र मानकर पेंशन रोकने की कार्रवाई की जाती है।
जिनकी पेंशन बहाल की गई
वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद, 40,167 पेंशनर्स की पेंशन फिर से बहाल कर दी गई है। इनमें अलवर में 6077, बांसवाड़ा में 6923, भीलवाड़ा में 5006, झालावाड़ में 3531, और प्रतापगढ़ में 2234 पेंशनर्स शामिल हैं, जिनकी पेंशन वेरिफिकेशन के बाद फिर से शुरू की गई है।
पेंशन रोकने की प्रक्रिया
पेंशन रोकने की प्रक्रिया में सरकारी विभाग जिले में अफसरों के माध्यम से पेंशन के मामलों की फिर से जांच करता है। अगर पेंशनर्स पात्र पाए जाते हैं, तो उनकी पेंशन फिर से बहाल की जाती है और उनका एरियर सहित भुगतान किया जाता है।
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