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Photograph: (the sootr)
News in Short
भाजपा सांसद महिमा कुमारी ने एसपी ममता गुप्ता को निलंबित करने की मांग की।
13 शिकायतों में नाथद्वारा गोलीकांड और रेत माफियाओं के समर्थन के आरोप।
सांसद ने दो पत्र लिखे, 24 दिसंबर 2025 और 7 जनवरी 2026 को।
सांसद का आरोप, एसपी ममता गुप्ता ने महिला सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ लापरवाही की।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने 19 जनवरी को पत्र का जवाब दिया।
News in Detail
राजस्थान में एक बार फिर से टॉप नौकरशाहों और नेताओं में टकराव बढ़ रहा है। राजसमंद से भाजपा सांसद महिमा कुमारी ने एसपी ममता गुप्ता के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दो पत्र भेजे है। इनमें एसपी के खिलाफ 13 गंभीर शिकायतों का जिक्र है। सांसद का कहना है कि एसपी के प्रशासनिक फैसलों से जिले की कानून व्यवस्था में खलल पड़ा है। आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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भाजपा सांसद और एसपी के बीच विवाद
राजस्थान में भाजपा सांसद महिमा कुमारी और पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के बीच टकराव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सांसद महिमा कुमारी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को 24 दिसंबर और 7 जनवरी को दो पत्र भेजे हैं। इनमें एसपी ममता गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन पत्रों में कुल 13 शिकायतें की गई हैं। इसमें एसपी ममता गुप्ता पर प्रशासनिक मनमानी करने, कानून व्यवस्था में खलल डालने और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है।
नाथद्वारा गोलीकांड पर विवाद
सांसद महिमा कुमारी ने अपने पहले पत्र में नाथद्वारा गोलीकांड पर एसपी ममता गुप्ता की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। 2 मार्च 2025 को नाथद्वारा के गणेश टेकरी इलाके में चार दोस्तों के बीच नशा करते समय एक युवक अक्षय कुमावत को गोली मारी गई थी। सांसद का आरोप है कि एसपी ने इस संवेदनशील मामले को दबाने की कोशिश की और दोषियों को संरक्षण दिया। हालांकि, पुलिस ने बाद में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन सांसद का कहना है कि एसपी ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की।
महिला सुरक्षा में लापरवाही
महिमा कुमारी ने महिला सुरक्षा के मामले में भी एसपी ममता गुप्ता की आलोचना की है। सांसद का आरोप है कि एसपी ने महिला अपराधों में लापरवाही दिखाई और पीड़ितों को न्याय नहीं दिलवाया। विशेषकर एक अपहरण और रेप के मामले में एसपी पर आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता के चरित्र पर लांछन लगाकर मामले में एफआर लगा दी। सांसद ने एसपी की कार्यशैली को दोषपूर्ण बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रेत माफियाओं का संरक्षण
राजसमंद जिले के कुंवारिया गांव में अवैध बजरी खनन और माफिया के दबदबे को लेकर सांसद महिमा कुमारी ने एसपी ममता गुप्ता पर आरोप लगाया है कि उन्होंने माफियाओं को संरक्षण दिया। 31 अक्टूबर 2025 को ग्रामीणों ने अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन किया था और एक युवक पर माफिया ने हमला कर दिया था। सांसद का कहना है कि एसपी की मिलीभगत के कारण माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन कर रहे थे और पुलिस ने उच्च अधिकारियों के दबाव में आकर आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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सांसद का प्रशासन पर आरोप
महिमा कुमारी ने एसपी ममता गुप्ता पर प्रशासनिक विफलता का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एसपी ने क्षेत्र में निरंतर प्रशासनिक विफलता बरती है, जिसके कारण कानून व्यवस्था प्रभावित हुई है। सांसद का कहना है कि आम जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे जनता में नाराजगी फैल रही है। इसके साथ ही उन्होंने एसपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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एसपी ममता गुप्ता का जवाब
एसपी ममता गुप्ता ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक सामान्य स्थिति है, जहां कई जनप्रतिनिधि नाराज रहते हैं। उनका कहना था कि इस प्रकार के आरोप उनके खिलाफ आम बात है और वे अपने काम को पूरी निष्ठा और नियमों के तहत करती हैं। उन्होंने कहा कि सांसद महिमा कुमारी को उनकी चिट्ठी के बारे में खुद ही जवाब देना चाहिए। हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी जवाब दिया है कि शिकायतों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच टकराव बढ़ा
राजस्थान में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच यह टकराव कोई नई बात नहीं है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य जनप्रतिनिधि भी अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। हालांकि, सरकार ने इन विरोधों के बावजूद अफसरों को पद से हटाने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। सांसद महिमा कुमारी के पत्रों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि राजस्थान में अफसरशाही के खिलाफ राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव बढ़ते जा रहे हैं।
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