14 साल से स्थायी कोच भर्ती नहीं, SMS स्टेडियम में बाहरी कोचों की एंट्री बंद; 6 महीने से बच्चों को दे रहे थे ट्रेनिंग
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 13, 2026, 11:33 IST
SMS स्टेडियम में बाहरी कोच बैन
राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने जयपुर के SMS स्टेडियम और प्रदेश के रीजनल ट्रेनिंग सेंटर में बाहरी कोचों के ट्रेनिंग देने पर रोक लगा दी है। अब काउंसिल की अनुमति के बिना कोई भी बाहरी कोच खिलाड़ियों को ट्रेनिंग नहीं दे सकेगा। आदेश में कुछ बाहरी कोचों के बच्चों से पैसे लेकर ट्रेनिंग देने की बात भी लिखी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- एसएमएस स्टेडियम में बाहरी कोच के कोचिंद देने पर रोक।
- बिना स्पोर्ट्स काउंसिल की अनुमति नहीं दे सकेंगे कोचिंग।
- अब प्रशिक्षण केंद्रों पर सिर्फ काउंसिल के कोच ही देंगे ट्रेनिंग।
- कोच और खेल अधिकारी के 225 से ज्यादा पद खाली हैं।
- 14 साल से नहीं हुई स्थायी कोच की भर्ती।
खेल अधिकारी करण सिंह ने आदेश में क्या लिखा?
रीजनल ट्रेनिंग सेंटर में बाहरी कोच पैसे लेकर कोचिंग दे रहे थे
सवाल है कि एसएमएस स्टेडियम में बाहर का व्यक्ति रोज आकर कोचिंग देता रहा और बच्चों से पैसे लेता रहा, तो स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारियों को अब क्यों ध्यान आया। यह नहीं बताया बाहरी कोच कौन थे, कितने थे और बच्चों से कितनी फीस ली जाती थी।
राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल में 225 कोच पद खाली
एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट कोच भर्ती किए गए थे
खाली पदों और बाहरी कोचों का क्या रिश्ता है?
यह खबर क्यों जरूरी है
बिलासा एयरपोर्ट से कोलकाता की फ्लाइट फिर शुरू, रविवार को अब दोपहर में मिलेगी दिल्ली की उड़ान
By Harrison Masih
एमपी बार काउंसिल में जस्टिस अंजुली पालो समेत 2 महिला सदस्य मनोनीत, 25 सदस्यों की सूची जारी
By Neel Tiwari
राजस्थान में आबकारी विभाग के 9 में से 7 RAS पद खाली, 11 साल में राजस्व लक्ष्य ढाई गुना, अधिकारी पोस्टिंग से बना रहे दूरी
By Jyoti Mahender Bhardwaj
सिंधिया राजघराने में संपत्ति की जंग: प्रतिमा राणा को चाहिए 10% हिस्सा, एग्रीमेंट पर क्यों फंसा पेंच?
By Arohi Raj
कोर्ट में पेशी का आदेश, पर यात्रा का इंतजाम नहीं, छात्रा बोली-कहां से लाऊं 16 हजार
By Neel Tiwari
जयपुर नगर निगम चुनाव: किसी ने 4 हजार रुपए में लड़ा चुनाव, तो कोई कर गया 3 लाख पार
By Ashish Bhardwaj
ग्वालियर में लिफ्ट में फंसे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, 15 मिनट तक अटकी रही लिफ्ट
By Sourabh Bhatnagar