सड़क पर मिले परीक्षा के एडमिट कार्ड, बड़े फर्जीवाड़े की संभावना, जानें क्या हैं मामला

राजस्थान के जोधपुर जिले में शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड सड़क पर मिले है। इससे भर्ती प्रक्रिया में नकल और फर्जीवाड़े की संभावना जताई जा रही है। जिससे राज्य सरकार की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

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News In Short 

  • जोधपुर जिले में शिक्षक भर्ती परीक्षा के 28 से अधिक अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड सड़क किनारे मिले, जिससे भर्ती प्रक्रिया में नकल और फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है।
  • स्थानीय लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवेश पत्रों का एक साथ मिलना संयोग नहीं हो सकता और यह दलाल गिरोह के काम का संकेत हो सकता है।
  • राजस्थान में पहले भी शिक्षक भर्ती में पेपर लीक और फर्जी अभ्यर्थी के मामले सामने आए हैं, जो प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं।
  • राज्य सरकार को इस घटना की गहन जांच करनी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

News In Detail

राजस्थान के जोधपुर जिले में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। जब शेरगढ़ उपखंड के सोइन्तरा ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित मेगा हाईवे पर रविवार सुबह शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 के 28 से अधिक अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र सड़क किनारे बिखरे मिले। ये प्रवेश पत्र बालोतरा, सिणधरी, जालोर, और बाड़मेर जिलों  के अभ्यर्थियों के थे और 17 से 19 जनवरी 2025 के बीच आयोजित थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा  से संबंधित थे। इन प्रवेश पत्रों में अभ्यर्थियों के नाम, फोटो और परीक्षा केंद्रों का पूरा विवरण था।

सड़क पर मिले एडमिट कार्ड

यह घटना साधारण नहीं  मानी जा रही है क्योंकि एक स्थान पर अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड का मिलना सामान्य नहीं होता। राजस्थान में पहले भी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं  के दौरान नकल और फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं। अब यह नई घटना भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोग के अनुसार

स्थानीय लोग इसे एक संयोग नहीं मान रहे हैं। उनका मानना है कि इतने अधिक एडमिट कार्ड का एक साथ सड़क किनारे मिलना इस बात का संकेत हो सकता है कि इन एडमिट कार्ड्स को किसी एजेंट या दलाल गिरोह  ने प्रयोग करने के बाद फेंक दिया हो। इस मामले को लेकर अब यह संदेह जताया जा रहा है कि कहीं न कहीं नकल फर्जी अभ्यर्थी और सिस्टम में सेटिंग के प्रयास हो सकते हैं।

पहले से विवादों में है भर्ती प्रक्रिया

यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया विवादों में रही है। 2018 और 2021 की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा, पेपर लीक, डमी अभ्यर्थी, और फर्जी दस्तावेज़ के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में एसओजी  ने कई गिरफ्तारियां भी की थीं।

घटना पर सवाल

इस घटना ने राजस्थान में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और ईमानदारी पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड को इस मामले की गहन जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

क्या करें राज्य सरकार 

इस घटना के बाद राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड को पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी बनी रहे। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार के जरुरी कदम 

राज्य सरकार को इस मामले की गहन जांच और फास्ट ट्रैक प्रक्रिया से निपटना होगा। सिस्टम को दुरुस्त करना और हर भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित होती है, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना कम होगी।

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