राजस्थान में पहली बार होगी तेंदुओं की गिनती, सरकार ने की तैयारी, हमले रोकने की कवायद
Sanjay Dhiman | Jul 20, 2025, 16:30 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में पहली बार तेंदुओं की गणना कैमरा ट्रैप तकनीक से की जाएगी। इस सर्वे का उद्देश्य तेंदुओं की संख्या और उनकी मानव बस्तियों से नज़दीकी को समझना है।
राजस्थान में लगातार बढ़ते इंसानों और तेंदुओं के संघर्ष को रोकने के लिए अब सरकार तेंदुओं (Leopard) की गणना करने जा रही है। यह गणना ट्रैप कैमरों की मदद से की जाएगी। बीते कुछ महीनों से तेंदुए शहरी क्षेत्रों के आसपास काफी देखा जा रहा है, जिससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है।
सरकार इन घटनाओं को रोकने के लिए अब तेंदुओं की वास्तविक संख्या, उनके रहवास का स्थान, मूवमेंट वाले एरिया की पहचान में करने जा रही है।
तेंदुओं की गणना के लिए कैमरा ट्रैप तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक के तहत जंगलों में छोटे-छोटे कैमरे लगाए जाएंगे जो तेंदुओं की तस्वीरें, पंजों के निशान, खरोंच, मूत्र या आवाज़ जैसी निशानियां रिकॉर्ड करेंगे। इससे तेंदुओं की गिनती तो होगी ही, साथ ही उनकी सक्रियता का क्षेत्र भी पहचान में आएगा।
यह खबरें भी पढ़ें..
राजस्थान सरकार का अजीबाेगरीब फैसला, अब भेड़ों की निगरानी करेंगे सरकारी शिक्षक
राजस्थान में आईपीएस की आ सकती है एक और तबादला सूची, कई अहम बदलाव संभव
राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में तेंदुओं की संख्या 721 थी, जो 2018 की तुलना में 51.5% ज्यादा है। यह संख्या अब बढ़कर 925 तक पहुंच चुकी है, जिसमें से 578 तेंदुए संरक्षित क्षेत्रों में और 347 तेंदुए मानव बस्तियों या खुले इलाकों में पाए जाते हैं। यह संख्या तेंदुओं की बढ़ती उपस्थिति और उनके पर्यावरण में बदलाव को दिखाती है।
जयपुर जिले में तेंदुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। 2012 में झालाना लेपर्ड रिजर्व में सिर्फ 12 तेंदुए थे, लेकिन 2022 में यह संख्या बढ़कर 40 हो गई, जो लगभग 200% की वृद्धि है। इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है, जैसे कि 2023 में 41,077 पर्यटक यहां तेंदुओं को देखने आए थे। यही नहीं, आमागढ़ लेपर्ड सफारी में भी 12,204 पर्यटक आए थे। राजस्थान लेपर्ड सफारी
यह खबरें भी पढ़ें..
दीया कुमारी का जयगढ़ राज: सत्ता का ताज भी उनका, खजाना भी उनका...जंगल, किला, कानून सब जेब में!
डिप्टी सीएम दीया कुमारी का सिविल लाइंस के अरबों के बंगलों पर कब्जा, कानूनी जाल में उलझी सरकार
जैसे-जैसे तेंदुओं की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले भी बढ़ रहे हैं। 2024-25 में उदयपुर में तेंदुए द्वारा 8 लोगों पर हमले की घटनाएं इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती हैं। वन विभाग का मानना है कि तेंदुओं की सटीक संख्या का डेटा हासिल होने से संरक्षण और नियंत्रण नीति बनाई जा सकेगी।
राज्य में तेंदुओं की उपस्थिति अब 30 से अधिक जिलों में दर्ज की जा रही है। जयपुर में ही लगभग 145 तेंदुए पाए जाते हैं, जो राजधानी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में चिंता का कारण बनते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते तेंदुओं की निगरानी और उनकी संख्या का सही आंकलन नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में तेंदुआ-मानव संघर्ष और भी गंभीर रूप ले सकता है। जिससे न केवल इस संरक्षित हिंसक जीव के अस्तित्व पर खतरा बढे़गा, बल्कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी प्रभावित होंगे।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
सरकार इन घटनाओं को रोकने के लिए अब तेंदुओं की वास्तविक संख्या, उनके रहवास का स्थान, मूवमेंट वाले एरिया की पहचान में करने जा रही है।
कैमरा ट्रैप तकनीक से होगी गणना (Camera Trap Technology)
यह खबरें भी पढ़ें..
राजस्थान सरकार का अजीबाेगरीब फैसला, अब भेड़ों की निगरानी करेंगे सरकारी शिक्षक
राजस्थान में आईपीएस की आ सकती है एक और तबादला सूची, कई अहम बदलाव संभव
राजस्थान में तेंदुए की तेजी से बढ़ती संख्या
जयपुर में दो सौ फीसदी बढ़ गए तेंदुए
ऐसे समझें कैसे हाेगी तेंदुओं की गिनती
|
यह खबरें भी पढ़ें..
दीया कुमारी का जयगढ़ राज: सत्ता का ताज भी उनका, खजाना भी उनका...जंगल, किला, कानून सब जेब में!
डिप्टी सीएम दीया कुमारी का सिविल लाइंस के अरबों के बंगलों पर कब्जा, कानूनी जाल में उलझी सरकार
लगातार बढ़ रहे मानव-तेंदुएं संघर्ष के मामले
30 जिलों में तेंदुओं की उपस्थिति
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते तेंदुओं की निगरानी और उनकी संख्या का सही आंकलन नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में तेंदुआ-मानव संघर्ष और भी गंभीर रूप ले सकता है। जिससे न केवल इस संरक्षित हिंसक जीव के अस्तित्व पर खतरा बढे़गा, बल्कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी प्रभावित होंगे।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari