राजस्थान में बिना जरूरी मशीनों के हजारों वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट देने का आरोप, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी निगरानी पर सवाल

Raghvendra Singh Rathore | Oct 15, 2026, 18:54 IST
Share
राजस्थान के 59 परिवहन कार्यालयों में फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल।
राजस्थान के 59 परिवहन कार्यालयों में फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल।

राजस्थान के परिवहन विभाग में बिना जरूरी टेस्टिंग मशीनों के हजारों वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप सामने आए हैं। प्रदेश के 59 परिवहन कार्यालयों की जांच व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच 1.28 लाख से ज्यादा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी हुए। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी विभाग की निगरानी और सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

राजस्थान में सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदेश के परिवहन कार्यालयों में जरूरी टेस्टिंग उपकरणों के बिना बड़ी संख्या में वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप सामने आए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य के 59 परिवहन कार्यालयों और उपकेंद्रों में वाहनों की जांच व्यवस्था में खामियां रही हैं।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजस्थान हाईकोर्ट पहले ही फिटनेस जांच के लिए जरूरी उपकरण और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) को लेकर स्पष्ट निर्देश दे चुका है। अब सवाल यह है कि जिन वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट मिले, उनकी तकनीकी जांच किस तरीके से की गई? क्या सभी जरूरी परीक्षण हुए या केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कर प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए?

चार महीने में 1.28 लाख से ज्यादा फिटनेस सर्टिफिकेट

सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच प्रदेश में बड़ी संख्या में फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए गए। रिपोर्ट में अप्रैल में 24,309, मई में 32,764, जून में 34,131 और जुलाई में 37,771 प्रमाणपत्र जारी होने के आंकड़े दिए गए हैं।

इस तरह चार महीने में कुल 1,28,975 फिटनेस सर्टिफिकेट जारी हुए। हालांकि, इन सभी प्रमाणपत्रों को फर्जी या बिना जांच के जारी हुआ मानना सही नहीं होगा। इसके लिए संबंधित कार्यालयों के रिकॉर्ड और वाहनों की जांच रिपोर्ट का मिलान जरूरी है।

हाईकोर्ट ने उपकरणों के बिना फिटनेस जांच पर लगाई थी रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि जिन RTO और DTO कार्यालयों में संशोधित नियमों के मुताबिक जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, वे फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं कर सकते।

अदालत ने 15 अप्रैल 2026 से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के जरिए फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश भी दिया था। हालांकि, संबंधित न्यायिक आदेशों में कुछ वाहन श्रेणियों और पुरानी जांच व्यवस्था को लेकर संशोधन का उल्लेख भी है।

राजस्थान में सख्त कानून-व्यवस्था: DGP के बॉडी कैमरे और जीरो FIR के निर्देश | Strict Law and Order in Rajasthan: DGP's Directives on Body Cameras and Zero FIR
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर DGP सख्त, नाकाबंदी में बॉडी कैमरे और साइबर अपराधों में जीरो FIR के निर्देश
14 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान के DGP राजीव कुमार शर्मा ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। नाकाबंदी में बॉडी कैमरे, साइबर अपराधों में जीरो FIR और बढ़ते अपराधों वाले जिलों में विशेष कार्ययोजना पर जोर दिया गया। आगामी पंचायतीराज चुनावों और त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
राजस्थान के DGP राजीव कुमार शर्मा ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। नाकाबंदी में बॉडी कैमरे, साइबर अपराधों में जीरो FIR और बढ़ते अपराधों वाले जिलों में विशेष कार्ययोजना पर जोर दिया गया। आगामी पंचायतीराज चुनावों और त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

ब्रेक और हेडलाइट की जांच क्यों जरूरी?

वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं है। इसका सीधा संबंध सड़क पर चलने वाले यात्रियों और दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा से है। फिटनेस जांच में वाहन के ब्रेक, हेडलाइट, सस्पेंशन और दूसरे जरूरी तकनीकी हिस्सों की स्थिति देखी जाती है। अगर इनकी सही जांच नहीं हो, तो खराब वाहन भी सड़क पर चलने के योग्य घोषित हो सकता है।

खासकर बसों, ट्रकों और दूसरे कमर्शियल वाहनों के मामले में यह जोखिम ज्यादा गंभीर हो सकता है। सामने आए आरोपों से यह साबित नहीं होता कि प्रमाणपत्र पाने वाले सभी वाहन तकनीकी रूप से खराब थे।

रोडवेज बसों की लचर निगरानी: 13 चालान वाली बस से 60 मौतें, सुरक्षा पर गंभीर सवाल | Roadways Bus Poor Monitoring: 60 Deaths from 13-Challan Bus, Serious Questions on Safety
रोडवेज बसों से एक साल में 148 हादसे, 60 मौतें, जयपुर में 13 चालान वाली बस दौड़ती रही, निगरानी पर सवाल
15 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर में हादसे वाली रोडवेज बस पर 13 चालान और 92 हजार रुपए का जुर्माना लंबित था, फिर भी बस सड़कों पर दौड़ती रही। इनमें तीन चालान ओवरस्पीडिंग और सात परमिट उल्लंघन के थे। रोडवेज की बसों से एक साल में 148 हादसों में 60 लोगों की मौत हुई, इसके बावजूद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जयपुर में हादसे वाली रोडवेज बस पर 13 चालान और 92 हजार रुपए का जुर्माना लंबित था, फिर भी बस सड़कों पर दौड़ती रही। इनमें तीन चालान ओवरस्पीडिंग और सात परमिट उल्लंघन के थे। रोडवेज की बसों से एक साल में 148 हादसों में 60 लोगों की मौत हुई, इसके बावजूद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

15 अप्रैल 2026 के बाद कितने सर्टिफिकेट जारी हुए?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल हाईकोर्ट के निर्देश लागू होने के बाद की स्थिति को लेकर है। क्या 15 अप्रैल 2026 के बाद भी ऐसे परिवहन कार्यालयों से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी हुए, जहां जरूरी उपकरण नहीं थे?

यदि ऐसा हुआ है तो यह पता करना जरूरी होगा कि संबंधित कार्यालयों को किस नियम या आदेश के तहत प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति थी। इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि विभाग ने पुराने प्रमाणपत्रों की जांच कराई या नहीं। अगर किसी वाहन की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं हुई, तो उसकी दोबारा जांच कराने की क्या व्यवस्था है?

मूंगफली बीज घोटाला: 15 में से 14 नमूने फेल, किरोड़ी लाल मीणा ने FIR के दिए आदेश | Groundnut Seed Scam: 14 out of 15 Samples Fail, Kirodi Lal Meena Orders FIR
मूंगफली के बीजों में बड़ा फर्जीवाड़ा, 15 में से 14 नमूने फेल, किरोड़ीलाल मीणा ने दिए FIR के निर्देश
15 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
राजस्थान में मूंगफली बीज अमानक निकलने से हड़कंप मच गया। कृषि विभाग की जांच में 15 में से 14 नमूने आनुवंशिक शुद्धता में फेल हो गए हैं। कुछ नमूनों में शुद्धता सिर्फ 2.25 फीसदी मिली। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बीज फर्मों पर एफआईआर और लाइसेंस निरस्त के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान में मूंगफली बीज अमानक निकलने से हड़कंप मच गया। कृषि विभाग की जांच में 15 में से 14 नमूने आनुवंशिक शुद्धता में फेल हो गए हैं। कुछ नमूनों में शुद्धता सिर्फ 2.25 फीसदी मिली। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बीज फर्मों पर एफआईआर और लाइसेंस निरस्त के निर्देश दिए हैं।

परिवहन विभाग का पक्ष सामने आना बाकी

इस मामले में परिवहन विभाग से यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित अवधि में किन कार्यालयों में फिटनेस जांच की मशीनें उपलब्ध थीं और किन कार्यालयों में नहीं। इसके अलावा विभाग ने हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद क्या कदम उठाए, कितने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन चालू हुए और क्या किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई, इन सवालों के जवाब भी महत्वपूर्ण हैं।

फिलहाल इन आरोपों पर परिवहन विभाग का सत्यापित पक्ष उपलब्ध नहीं है। विभाग का जवाब मिलने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। वाहनों की फिटनेस से जुड़ा यह मामला सिर्फ प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया का नहीं, बल्कि सड़क पर सफर करने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बंद, फिर भी करोड़ों की फीस वसूली: निर्मल चौधरी ने मांगा हिसाब | Rajasthan Student Union Elections Closed, Yet Crores Collected as Fees: Nirmal Choudhary Demands Account
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बंद, फिर भी करोड़ों की फीस वसूली, निर्मल चौधरी बोले- पैसा कहां गया, हिसाब दे प्रशासन
15 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
राजस्थान में चार साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे, लेकिन छात्रों से चुनाव और छात्र कल्याण के नाम पर फीस ली जाती रही। अब कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने सरकारी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव मद की फीस बंद करने और पुरानी राशि दूसरे छात्रहित के कामों में खर्च करने के निर्देश दिए हैं। निर्मल चौधरी और शुभम रेवाड़ ने फीस वसूली पर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान में चार साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे, लेकिन छात्रों से चुनाव और छात्र कल्याण के नाम पर फीस ली जाती रही। अब कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने सरकारी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव मद की फीस बंद करने और पुरानी राशि दूसरे छात्रहित के कामों में खर्च करने के निर्देश दिए हैं। निर्मल चौधरी और शुभम रेवाड़ ने फीस वसूली पर सवाल उठाए हैं।
Tags:
  • राजस्थान परिवहन विभाग
  • वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट
  • राजस्थान RTO
  • फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट आरोप
  • ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
  • राजस्थान हाईकोर्ट आदेश
  • सड़क सुरक्षा राजस्थान
  • Rajasthan Transport Department
  • Vehicle Fitness Certificate
  • Rajasthan RTO
Chhattisgarh Politics: महतारी वंदन के पैसे महंगाई से वसूल रही सरकार? दीपक बैज ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

By Umeshwari Baghel

Chhattisgarh Politics: महतारी वंदन के पैसे महंगाई से वसूल रही सरकार? दीपक बैज ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
हल्दी-अदरक बीज योजना के नाम पर 10 करोड़ का घोटाला, कृषि मंत्री ने दिए जांच के आदेश

By Harrison Masih

हल्दी-अदरक बीज योजना के नाम पर 10 करोड़ का घोटाला, कृषि मंत्री ने दिए जांच के आदेश
बिजली चोरी पकड़ने के लिए और कितने अफसर चाहिए? मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों की 'द सूत्र' ने की पड़ताल

By Atul Tiwari

बिजली चोरी पकड़ने के लिए और कितने अफसर चाहिए? मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों की 'द सूत्र' ने की पड़ताल
मुंगेली में दर्दनाक सड़क हादसा: मॉर्निंग वॉक पर निकले 3 लोगों की मौत, पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले के भाई ने भी गंवाई जान

By Umeshwari Baghel

मुंगेली में दर्दनाक सड़क हादसा: मॉर्निंग वॉक पर निकले 3 लोगों की मौत, पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले के भाई ने भी गंवाई जान
भाजपा छोड़ने के 2 महीने बाद पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत को झटका, DLB ने माना दोषी, 6 साल नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

By Ashish Bhardwaj

भाजपा छोड़ने के 2 महीने बाद पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत को झटका, DLB ने माना दोषी, 6 साल नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
दुर्ग गरबा कार्यक्रम में मुस्लिमों की एंट्री पर बजरंग दल का बवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष से भी हाथापाई

By Harrison Masih

दुर्ग गरबा कार्यक्रम में मुस्लिमों की एंट्री पर बजरंग दल का बवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष से भी हाथापाई
27% आरक्षण की बहाली के लिए ओबीसी महासभा का आंदोलन तेज, 28 अक्टूबर को संभागों में प्रदर्शन का ऐलान

By Neel Tiwari

27% आरक्षण की बहाली के लिए ओबीसी महासभा का आंदोलन तेज, 28 अक्टूबर को संभागों में प्रदर्शन का ऐलान