फीस में बीमा के 100 रुपए तय, लेकिन क्लेम का हिसाब अधूरा, राजस्थान यूनिवर्सिटी के 24,900 छात्रों की सुरक्षा की पड़ताल

Raghvendra Singh Rathore | Nov 06, 2026, 18:55 IST
Share
राजस्थान यूनिवर्सिटी में 100 रुपए में 14 लाख का छात्र बीमा, क्लेम की जानकारी और भुगतान का रिकॉर्ड अधूरा
राजस्थान यूनिवर्सिटी में 100 रुपए में 14 लाख का छात्र बीमा, क्लेम की जानकारी और भुगतान का रिकॉर्ड अधूरा

राजस्थान विश्वविद्यालय की दुर्घटना बीमा योजना को सरकार दूसरे कॉलेजों के लिए मॉडल मान रही है। मगर इसकी सफलता का ताजा हिसाब सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सालाना लाखों रुपए का प्रीमियम बनता है, जबकि क्लेम भुगतान की जानकारी सामने नहीं आई है। बीमा की वास्तविक लागत को लेकर पहले भी विश्वविद्यालय विवादों में रहा है।

राजस्थान विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से प्रवेश के समय फीस के साथ दुर्घटना बीमा का प्रीमियम भी लिया जाता है। विद्यार्थियों को बताया जाता है कि उन्हें बीमा सुरक्षा मिलेगी। मगर इस व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी छात्रों तक बीमा की पूरी जानकारी पहुंचाने में दिखाई देती है। सालाना 100 रुपए के प्रीमियम पर 14 लाख रुपए तक का कवर बताया जा रहा है, लेकिन दुर्घटना होने पर दावा कहां करना है, किस अधिकारी से संपर्क करना है और किस स्थिति में कितनी रकम मिलेगी, इसकी स्पष्ट जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाना भी जरूरी है।

विश्वविद्यालय और उसके संघटक कॉलेजों के करीब 24,900 विद्यार्थी सामूहिक दुर्घटना बीमा के दायरे में बताए गए हैं। प्रदेश सरकार अब इस मॉडल को दूसरे कॉलेजों में लागू करने की तैयारी कर रही है। लेकिन विद्यार्थियों के हित में योजना की वास्तविक सफलता सिर्फ बीमा कराने से नहीं, बल्कि जरूरत के समय मिलने वाली आर्थिक सहायता से तय होगी।

24.90 लाख रुपए का प्रीमियम, भुगतान का ताजा रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं

विश्वविद्यालय की मौजूदा व्यवस्था में प्रत्येक विद्यार्थी से सालाना 100 रुपए प्रीमियम की जानकारी दी गई है। सभी 24,900 विद्यार्थियों के हिसाब से इसकी कुल राशि 24 लाख 90 हजार रुपए बनती है। यह घोषित छात्र संख्या और प्रीमियम के आधार पर गणना है। विश्वविद्यालय ने वास्तविक रूप से कितनी राशि जमा की और बीमा कंपनी को कितना भुगतान किया, इसका सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं हुआ है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्ष 2025-26 में कितने विद्यार्थियों ने दुर्घटना बीमा का दावा किया और कितने विद्यार्थियों या उनके परिवारों को मुआवजा मिला, इसका भी स्पष्ट ताजा रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। इससे बीमा व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित होती है। जब छात्रों से सामूहिक रूप से पैसा लिया जाता है, तो उसका उपयोग और लाभार्थियों तक पहुंचने वाली सहायता की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।

पहले 59 रुपए में हुआ था बीमा, छात्रों से लिए गए 100 रुपए

विश्वविद्यालय की बीमा व्यवस्था में प्रीमियम वसूली को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। दिसंबर 2020 में सामने आए रिकॉर्ड के अनुसार विश्वविद्यालय ने करीब 28 हजार विद्यार्थियों से बीमा के नाम पर 100-100 रुपए वसूले थे। जबकि संबंधित बीमा कंपनी से हुए समझौते में प्रति छात्र वास्तविक प्रीमियम 59 रुपए बताया गया था। इस तरह प्रत्येक विद्यार्थी से 41 रुपए ज्यादा लिए गए थे। करीब 28 हजार छात्रों के हिसाब से यह रकम लगभग 11 लाख 48 हजार रुपए बैठती थी।

उस समय विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार केएम दूरिया ने अतिरिक्त राशि को विद्यार्थियों के हित में खर्च करने की बात कही थी। छात्र संगठनों ने इस वसूली का विरोध करते हुए रकम लौटाने की मांग उठाई थी। यह मामला वर्ष 2020 का है। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में भी ऐसी अतिरिक्त वसूली हो रही है, इसका प्रमाण सामने नहीं आया है। लेकिन पुराने विवाद को देखते हुए वर्तमान प्रीमियम दर और बीमा कंपनी से किए गए समझौते का विवरण महत्वपूर्ण हो जाता है।

जून में बीमा के लिए फिर निकाली निविदा

राजस्थान विश्वविद्यालय ने 4 जून 2026 को सामूहिक दुर्घटना बीमा के लिए सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की थीं। यह प्रक्रिया छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय से संबंधित थी। हालांकि निविदा के बाद किस कंपनी का चयन हुआ, अंतिम प्रीमियम कितना निर्धारित किया गया और विद्यार्थियों को किस प्रकार के दुर्घटना जोखिमों में कितना मुआवजा मिलेगा, इसकी पुष्टि अंतिम पॉलिसी और अनुबंध से होगी।

विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विद्यार्थियों के समूह बीमा का प्रपत्र उपलब्ध है। लेकिन केवल बीमा फॉर्म उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को पॉलिसी की वैधता, कवर की सीमा, क्लेम की समयसीमा और सहायता के लिए जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी भी सुलभ होनी चाहिए।

14 लाख का कवर हर दुर्घटना में पूरी रकम मिलने की गारंटी नहीं

दुर्घटना बीमा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहलू इसकी शर्तों का भी है। अधिकतम 14 लाख रुपए के बीमा कवर का अर्थ हर प्रकार की दुर्घटना में इतनी रकम मिलना नहीं होता। दुर्घटना से मृत्यु, स्थायी दिव्यांगता, आंशिक दिव्यांगता और इलाज के खर्च के लिए अलग-अलग प्रावधान हो सकते हैं।

विश्वविद्यालय की वर्तमान मास्टर पॉलिसी के आधार पर ही तय होगा कि किन घटनाओं में कितना मुआवजा देय है। ऐसे में छात्रों को केवल अधिकतम बीमा राशि बताने के बजाय उसके वास्तविक लाभ और सीमाओं की जानकारी देना जरूरी है। यदि किसी विद्यार्थी या उसके परिवार को दावा करने की प्रक्रिया ही समझ नहीं आए, तो बीमा सुरक्षा का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है।

सिलाई मशीन चलाने वाली शारदा राणा बनीं सरपंच, करोड़ों की संपत्ति वाली प्रत्याशी हारीं | Sarda Rana, who runs a sewing machine, became Sarpanch, candidate with crores of property lost
राजस्थान सरपंच चुनाव में न पैसा चला, न सियासी रसूख! सिलाई करने वाली शारदा ने करोड़पति को हराया, विधायकों के बेटे-भाभी भी हारे
06 Nov 2026 ,
By Jageshwar Prasad
राजस्थान में पंचायत चुनाव के नतीजों के बीच दो गांवों की कहानियां चर्चा में हैं। करौली के गुडला गांव में नैना धानका ने 2107 वोट पाकर बड़ी जीत दर्ज की। जालोर के भैंसवाड़ा में बीए-बीएड शारदा राणा ने सरपंच पद जीता। उन्होंने 189 वोट के अंतर से करोड़ों की संपत्ति वाली प्रत्याशी को हराया।
राजस्थान में पंचायत चुनाव के नतीजों के बीच दो गांवों की कहानियां चर्चा में हैं। करौली के गुडला गांव में नैना धानका ने 2107 वोट पाकर बड़ी जीत दर्ज की। जालोर के भैंसवाड़ा में बीए-बीएड शारदा राणा ने सरपंच पद जीता। उन्होंने 189 वोट के अंतर से करोड़ों की संपत्ति वाली प्रत्याशी को हराया।

पहले परिवारों को मिला था लाभ, अब ताजा आंकड़ों का इंतजार

राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र बीमा योजना वर्ष 2005 से संचालित है। वर्ष 2016 में सामने आई जानकारी के अनुसार तब तक दुर्घटना में जान गंवाने वाले करीब 40 विद्यार्थियों के परिवारों को बीमा सहायता मिली थी। वर्ष 2018 में दुर्घटना बीमा कवर बढ़ाकर 6 लाख रुपए किया गया था। उस समय कुछ दुर्घटनाओं में घायल विद्यार्थियों के लिए भी अलग आर्थिक सहायता का प्रावधान था।

यानी विश्वविद्यालय की बीमा योजना के तहत पहले भुगतान होने के उदाहरण मौजूद हैं। लेकिन पुराने लाभार्थियों के आधार पर वर्तमान व्यवस्था की सफलता का आकलन नहीं किया जा सकता। अब जब बीमा कवर 14 लाख रुपए तक बताया जा रहा है, तब पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में प्राप्त दावों, स्वीकृत भुगतान और लंबित मामलों का ब्यौरा सामने आना जरूरी है।

राजस्थान में मौसम का मिजाज: दिन में गर्मी, रात में ठंडक, माउंट आबू सबसे ठंडा | Rajasthan Weather Update: Warm Days, Cold Nights, Mount Abu Coldest
राजस्थान में दिन गर्म, रातें ठंडी; माउंट आबू में 11.4 डिग्री पहुंचा पारा
06 Nov 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश में दिन के समय धूप और हल्की गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं बाड़मेर 37.6 डिग्री के अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने अगले दिनों में आसमान साफ रहने और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश में दिन के समय धूप और हल्की गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं बाड़मेर 37.6 डिग्री के अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने अगले दिनों में आसमान साफ रहने और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

सरकार प्रदेशभर में लागू करेगी मॉडल, पहले व्यवस्था सुधारने की जरूरत

कॉलेज शिक्षा विभाग ने 'सबको बीमा अभियान-2047' के तहत महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी निर्देश जारी किए। जिला स्तरीय बीमा समिति की सदस्य सचिव सरिता सैनी ने इस व्यवस्था को कम प्रीमियम में विद्यार्थियों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा देने वाला मॉडल बताया है। उनके अनुसार कॉलेज प्राचार्य प्रवेश शुल्क के साथ प्रीमियम लेकर बीमा कंपनियों से समन्वय कर सकते हैं।

जयपुर के पांच शिक्षण संस्थानों के 5,364 विद्यार्थियों को यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से बी मा कवर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।छात्र के नाम पॉलिसी होना सुरक्षा का पहला चरण है। उसे पॉलिसी की जानकारी मिलना और आवश्यकता पड़ने पर मुआवजा प्राप्त करने में मदद मिलना इसका वास्तविक उद्देश्य है।

कांग्रेस में लौटे पूर्व विधायक, डोटासरा का भाजपा पर तीखा हमला | Former MLAs Return to Congress, Dotasra's Sharp Attack on BJP
खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की कांग्रेस में घर वापसी, क्षेत्र का बदलेगा सियासी गणित
06 Nov 2026 ,
By Jageshwar Prasad
जयपुर में शुक्रवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकारों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली को निशाने पर लिया। इसी दिन दो पूर्व विधायकों की कांग्रेस में वापसी हुई। डोटासरा ने दोनों को पार्टी में शामिल करवाया। डोटासरा ने राज्य में अपराध और कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
जयपुर में शुक्रवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकारों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली को निशाने पर लिया। इसी दिन दो पूर्व विधायकों की कांग्रेस में वापसी हुई। डोटासरा ने दोनों को पार्टी में शामिल करवाया। डोटासरा ने राज्य में अपराध और कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

कागजों से निकलकर विद्यार्थियों तक पहुंचे बीमा सुरक्षा

राजस्थान विश्वविद्यालय की योजना का सबसे कमजोर पहलू फिलहाल इसके वास्तविक लाभ की सार्वजनिक जानकारी का अभाव है। फीस के साथ प्रीमियम वसूलने की व्यवस्था तय है, बीमा कवर की राशि भी बताई जा रही है, लेकिन हालिया क्लेम भुगतान और निपटान की तस्वीर स्पष्ट नहीं है।विश्वविद्यालय को प्रत्येक विद्यार्थी तक पॉलिसी का विवरण और क्लेम प्रक्रिया पहुंचाने के साथ पिछले वर्षों के दावों का आंकड़ा भी सार्वजनिक करना चाहिए।

कन्हैयालाल हत्याकांड: हाई कोर्ट से आरोपियों को झटका, UAPA के तहत ट्रायल जारी रहेगा | Kanhaiyalal Murder Case: Blow to Accused from High Court, Trial to Continue Under UAPA
कन्हैयालाल हत्याकांड में हाई कोर्ट से आरोपियों को झटका, UAPA के तहत ट्रायल जारी रहेगा
06 Nov 2026 ,
By Jageshwar Prasad
राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर पीठ ने कन्हैयालाल हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट के आरोप तय करने के आदेशों को चुनौती देने वाली सभी अपीलें खारिज कर दीं। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेशों को वैध माना और उन्हें बरकरार रखा।
राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर पीठ ने कन्हैयालाल हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट के आरोप तय करने के आदेशों को चुनौती देने वाली सभी अपीलें खारिज कर दीं। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेशों को वैध माना और उन्हें बरकरार रखा।
Tags:
  • राजस्थान विश्वविद्यालय
  • छात्र दुर्घटना बीमा
  • छात्र हित
  • बीमा क्लेम
  • जयपुर न्यूज
  • उच्च शिक्षा विभाग
  • बीमा प्रीमियम
  • Rajasthan University
  • Student Insurance
  • Accident Insurance
बिना TET अब नहीं चलेगी शिक्षक की नौकरी, छत्तीसगढ़ में 5 साल से ज्यादा सेवा बाकी तो परीक्षा पास करना जरूरी

By VINAY VERMA

बिना TET अब नहीं चलेगी शिक्षक की नौकरी, छत्तीसगढ़ में 5 साल से ज्यादा सेवा बाकी तो परीक्षा पास करना जरूरी
अखिलेश ने किया बागेश्वर धाम की कथा का विरोध तो भड़के राजा भैया के समर्थक, बोले- मां का दूध पिया है तो रोककर दिखाओ

By Sandeep Kumar

अखिलेश ने किया बागेश्वर धाम की कथा का विरोध तो भड़के राजा भैया के समर्थक, बोले- मां का दूध पिया है तो रोककर दिखाओ
विधानसभा में अब कागजों की जगह चलेगा डिजिटल सिस्टम, सवाल-जवाब से लेकर समितियों का काम होगा ऑनलाइन

By VINAY VERMA

विधानसभा में अब कागजों की जगह चलेगा डिजिटल सिस्टम, सवाल-जवाब से लेकर समितियों का काम होगा ऑनलाइन
RPSC का बड़ा फैसला:असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025 में संगीत वाद्य के पद वापस, बाकी विषयों की प्रक्रिया जारी

By Jageshwar Prasad

RPSC का बड़ा फैसला:असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025 में संगीत वाद्य के पद वापस, बाकी विषयों की प्रक्रिया जारी
द सूत्र पड़ताल: एमपी में ROAMS पोर्टल के नाम पर क्यों मचा बवाल? क्यों बनाया गया था पोर्टल?

By Atul Dwivedi

द सूत्र पड़ताल: एमपी में ROAMS पोर्टल के नाम पर क्यों मचा बवाल? क्यों बनाया गया था पोर्टल?
अब गिरफ्तारी से गवाही तक होगी वीडियो रिकॉर्डिंग, छत्तीसगढ़ में लागू हुए नए डिजिटल नियम

By VINAY VERMA

अब गिरफ्तारी से गवाही तक होगी वीडियो रिकॉर्डिंग, छत्तीसगढ़ में लागू हुए नए डिजिटल नियम
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए प्रदेश कार्यालय प्रभारी

By Amresh Kushwaha

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए प्रदेश कार्यालय प्रभारी