/sootr/media/media_files/2026/01/17/nirvachan-aayog-2026-01-17-14-39-16.jpg)
Photograph: (The Sootr)
News In Short
- राजस्थान में मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी गई है।
- भाजपा की ओर से नाम कटवाने के अब तक 18 हजार आवेदन किए जानें होने का दावा किया गया है, जबकि 9 जनवरी तक यह आंकड़ा केवल 4 था।
- कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं और कहा कि तारीख बढ़ाना भाजपा की साजिश है।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 9 जनवरी को भाजपा द्वारा नाम जुड़वाने के लिए 201 और नाम कटवाने के 4 दावे-आपत्तियां दर्ज होने की जानकारी दी।
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एसआइआर की अवधि बढ़ाने को भाजपा की साजिश करार देते हुए अदालत में मामला ले जाने की घोषणा की है।
news In Detail
Jaipur: राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी है। पहले यह तारीख 15 जनवरी थी। भाजपा ने 9 जनवरी तक सिर्फ नाम कटवाने के 4 मामलों की जानकारी दी थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 18,000 पार हो गया है। इसके बाद कांग्रेस चुनाव आयोग पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस इस तारीख बढ़ाने के निर्णय को वोट चोरी से जोड़ के देख रही हैं।
एसआईआर की बड़ी तारीख
निर्वाचन आयोग ने 2025 में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा की थी। राजस्थान में यह प्रक्रिया 16 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करने के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद, 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जा रही थीं। हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर इस प्रक्रिया की अवधि बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी गई है।
भाजपा के बढ़े आकड़े
भाजपा ने 9 जनवरी तक 201 नाम जुड़वाने और 4 नाम कटवाने के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल की थीं, लेकिन 16 जनवरी को यह आंकड़ा 291 नाम जुड़वाने और 18,896 नाम कटवाने तक पहुंच गया। वहीं, कांग्रेस ने 9 जनवरी को 185 नाम जुड़वाने और 2 नाम कटवाने के दावे किए थे, जो 16 जनवरी तक समान रहे।
कांग्रेस की अदालत की धमकी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निर्वाचन आयोग की तारीख बढ़ाने की प्रक्रिया को भाजपा की "वोट चोरी की साजिश" का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि एसआइआर की अवधि 19 जनवरी तक बढ़ाना इस बात का प्रमाण है की भाजपा-कांग्रेस विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम काटना चाहती है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को अदालत में ले जाने का भी ऐलान किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस अब इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
निर्वाचन आयोग के आदेश
निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, 19 जनवरी तक सभी दावे और आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज की जाएंगी, और बाद में इन्हें जांचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य के चुनाव अधिकारी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी दावों और आपत्तियों को उचित तरीके से और बिना किसी पक्षपात के निपटाया जाए।
41 लाख वोटरों के कट सकते है नाम
राजस्थान में एसआइआर अभियान के बाद अब ड्राफ्ट सूची प्रकाशित हो चुकी है। इस अभियान के तहत लगभग 41.85 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। ये नाम अनकलेक्टेड श्रेणी में डाले गए हैं, यानी वे मतदाता या तो अभियान के दौरान अनुपस्थित थे, स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं, मृत हो चुके हैं, या डुप्लीकेट वोटर्स के तौर पर सूचीबद्ध हैं। इन मतदाताओं को अब एक महीने के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करानी थीं।
विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 8 लाख 29 हजार 710 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनका नाम अनमेप्ड श्रेणी में है, जिनके स्वयं के या उनके माता-पिता के नाम 2002 की सूची से मेल नहीं खा रहे हैं।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: गौर गोपाल दास बोले- सोशल मीडिया में नहीं रिश्तों में खुशियां ढूंढें
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 : हिमालय सभी धर्म और शिक्षा के एकाकार होने का स्थल
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: विश्वनाथन आनंद ने खोला रहस्य- आज भी रोज मां के साथ खेलता हूं ताश
सेना दिवस 2026: जयपुर में राजनाथ सिंह बोले, अभी खत्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिंदूर
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us