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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ का मामला।
- एसओजी ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो कर्मचारी चयन बोर्ड के अधिकारी शामिल हैं।
- परीक्षा के बाद 20 अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट में छेड़छाड़ कर पास कराया गया।
- मामले की जांच में और बड़े नामों के सामने आने की संभावना।
- महिला सुपरवाइजर भर्ती के परिणाम में देरी और कानूनी अड़चनें भी सामने आईं।
News in detail
राजस्थान महिला सुपरवाइजर भर्ती 2018 की परीक्षा में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों को पास कराने का मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मंगलवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rssb) के दो अधिकारी शामिल हैं। एसओजी की जांच में सामने आया कि परीक्षा के बाद इन अधिकारियों और एक प्राइवेट कंपनी ने मिलकर करीब 20 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की, ताकि वे परीक्षा पास कर सकें।
एसओजी का एक्शन और गिरफ्तारी
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इस मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के दो अधिकारियों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक अधिकारी छुट्टी पर था, जिसने इस मामले को और संदिग्ध बना दिया। एसओजी ने इन अधिकारियों से पूछताछ के बाद तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। एसओजी द्वारा की गई कार्रवाई से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा का इतिहास
महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा 2018 में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए आयोजित की गई थी। यह भर्ती विशेष रूप से आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए थी। परीक्षा 6 जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण परिणामों में देरी हुई। पहले जुलाई 2019 में परिणाम घोषित हुआ था, लेकिन बाद में न्यायालय के आदेश के कारण संशोधित परिणाम जनवरी 2020 में जारी किया गया था। अब ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के आरोपों ने इस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओएमआर शीट से छेड़छाड़ का असर
ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद इस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला न केवल भर्ती की निष्पक्षता पर असर डाल रहा है, बल्कि इससे सरकारी नौकरी की प्रक्रिया पर भी विश्वास को ठेस पहुंची है। एसओजी ने इस मामले में और भी बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई है, जो इस पूरी प्रक्रिया को और भी संदिग्ध बना सकता है।
मुख्य बिंदु:
- राजस्थान महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा 2018 में चयन बोर्ड के अधिकारियों और एक प्राइवेट कंपनी ने मिलकर ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की, ताकि कुछ अभ्यर्थियों को पास कराया जा सके।
- एसओजी कार्रवाई: एसओजी ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के दो अधिकारी भी शामिल हैं।
- महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा के परिणाम में कानूनी अड़चनों के कारण देरी हुई थी। पहले परिणाम जुलाई 2019 में घोषित हुआ था, लेकिन बाद में जनवरी 2020 में संशोधित परिणाम जारी किया गया।
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