बड़ी प्रशासनिक सर्जरी : 222 RAS अधिकारियों के तबादले, 2021 में गिरफ्तार पुष्कर मित्तल को भी पोस्टिंग

Amit Baijnath Garg | Sept 15, 2025, 14:19 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में सोमवार को 222 आरएएस अधिकारियों के तबादले के साथ प्रशासन में बड़ा बदलाव, कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी गईं। प्रशासन की सर्जरी कर रही सरकार।

राजस्थान सरकार ने सोमवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 222 अधिकारियों के तबादले (RAS Transfers) कर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। यह बदलाव विधानसभा सत्र के बाद किया गया है और इसे एक लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय माना जा रहा था। इस प्रक्रिया के दौरान कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने के साथ-साथ कुछ को अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।



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तबादले के बाद क्या हुआ बदलाव?

तबादला आदेश में 13 आरएएस अधिकारियों को उनकी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ अतिरिक्त विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे यह साफ होता है कि राजस्थान सरकार प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे तबादलों से अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।



इनको यह मिली जिम्मेदारी

दिनेश कुमार जांगिड़ को पशुपालन विभाग में संयुक्त शासन सचिव, असलम शेर खान को अल्पसंख्यक मामलात में संयुक्त सचिव, नरेंद्र कुमार बंसल को जयपुर ग्रेटर नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त और आनंदीलाल वैष्णव को गृह विभाग में संयुक्त शासन सचिव पद पर जिम्मा सौंपा गया है। वहीं अशोक कुमार द्वितीय उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार होंगे, जबकि सुरेश कुमार नवल को भरतपुर विकास प्राधिकरण में सचिव और अनुराग भार्गव को झालावाड़ एडीएम लगाया गया है।



2021 में गिरफ्तार पुष्कर मित्तल को भी पोस्टिंग

आरएएस लिस्ट में एक ऐसे आरएएस अफसर को भी पोस्टिंग मिली है, जो हाईवे के निर्माण कार्य में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। दरअसल, आरएएस अफसर पुष्कर मित्तल और पिंकी मीणा को 2021 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण से जुड़े मामले में ACB ने करोड़ों की रिश्वत डील का भंडाफोड़ करते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद से पुष्कर मित्तल पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में थे। बीते जून महीने में हाई प्रोफाइल घूसकांड में फंसे पुष्कर मित्तल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई थी। पुष्कर की भूमिका ठेकेदारों से घूस मांगने को लेकर ACB जांच के दायरे में आई थी। अब पुष्कर मित्तल को झालावाड़ के मनोहरथाना का उपखंड अधिकारी बनाया गया है।



एपीओ चल रहे आरएएस को मिली पोस्टिंग

पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे डॉ. गुंजन सोनी को जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर में रजिस्ट्रार, राजेश जोशी को सीएडी प्रशासनिक सुधार विभाग में शासन उपसचिव, ममता यादव को बाबा आम्टे दिव्यांग विश्वविद्यालय, जयपुर में रजिस्ट्रार, रेखा सामरिया को संस्कृत शिक्षा विभाग में शासन उपसचिव, संतोष कुमार मीणा को एडीएम सुजानगढ़, रणजीत सिंह को एडीएम भीलवाड़ा, संगीता मीणा को बाल अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक, अनिल कुमार को लोकसेवाएं प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग करौली में सहायक निदेशक लगाया गया है।



वहीं छोटूलाल शर्मा को लोकसेवाएं प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग प्रतापगढ़ में सहायक निदेशक, सुरेश कुमार-1 को एसडीएम गडरारोड बाड़मेर, नीलम लखारा को जोधपुर में जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अंजना सहरावत को टोंक में एपीआरटीएस की उपप्राचार्य लगाया गया है। इसी तरह पुष्कर कुमार मित्तल को एसडीएम मनोहरथाना, प्यारेलाल सोंथवाल को सहायक कलेक्टर मुख्यालय करौली, अनूप सिंह को प्रोटोकॉल अधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग, जयपुर में लगाया गया है।



वहीं नीता वसीटा को प्रतापगढ़ में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की उपायुक्त बनाया गया है। रजनी मीणा को भदेसर चित्तौड़गढ़ में एसडीएम, रेख गुर्जर को करेड़ा भीलवाड़ा में एसडीएम, कुसुमलता चौहान को जोधपुर में प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में सहायक निदेशक, रामकुमार टाडा को एसडीएम रूपनगढ़, अजमेर, संजना जोशी को एसडीएम मांडल, भीलवाड़ा, प्रीति चक को एसडीएम बांदीकुई, दौसा और हरी सिंह चारण को सहायक कलेक्टर मुख्यालय, अलवर लगाया गया है।



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क्या होगी अगली कार्रवाई?

सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ शुरुआत है और जल्द ही एक और आरएएस अधिकारी तबादला सूची जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि आगामी सूची में और अधिकारियों के नाम शामिल हो सकते हैं, जिनमें कुछ को और भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। इस बदलाव का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता लाना है।



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प्रशासन में सुधार की दिशा में कदम

राज्य सरकार का यह कदम प्रशासनिक सुधार और कार्यक्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि आरएएस अधिकारियों (RAS Officers) के तबादले से सरकारी कार्यों में सुधार हो सकता है और अधिकारियों को नए कार्यक्षेत्र में चुनौती मिलेगी, जिससे उन्हें अपनी जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभाने का अवसर मिलेगा।



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राजस्थान में प्रमुख प्रशासनिक बदलाव

  • 222 आरएएस अधिकारियों के एकसाथ तबादले
  • 13 आरएएस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी
  • भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पंकज ओझा का तबादला

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इससे पहले जुलाई में तबादले

इससे पहले सरकार ने जुलाई में आईएएस और आरएएस के तबादले किए थे। इस दौरान 91 आईपीएस, 133 आरएएस और 12 आईएएस के तबादले हुए थे। इसके बाद अब आरएएस के तबादलों की जम्बो लिस्ट जारी हुई है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों के ताबले किए जा सकते हैं।



FAQ

  1. 1. राजस्थान में आरएएस अधिकारियों के तबादले का मुख्य कारण क्या था?
    राजस्थान में आरएएस अधिकारियों के तबादले का मुख्य कारण प्रशासनिक सुधार और कार्यकुशलता को बढ़ाना था। इस कदम से प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
  2. 2. पंकज ओझा को क्या नई जिम्मेदारी दी गई है?
    पंकज ओझा को गौ पालन विभाग (Animal Husbandry Department) का निदेशक नियुक्त किया गया है, हालांकि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे।
  3. 3. क्या इन तबादलों से प्रशासन में सुधार होगा?
    विशेषज्ञों का मानना है कि इन तबादलों से प्रशासन (Administration) में सुधार होगा और अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा, जिससे कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।


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