'बड़े चेहरों' ने ही नष्ट की आरपीएससी की पवित्रता, इनमें कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा और संगीता आर्य भी

'द सूत्र' ने एसआई भर्ती 2021 को लेकर गुरुवार को राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। आज हम उन बारीक पहलुओं को ला रहे हैं, जिनमें आरपीएससी के बड़े चेहरों की करतूतों को उजागर किया गया है। कैसे युवाओं के भविष्य को चकनाचूर कर दिया...

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Amit Baijnath Garg
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मुकेश शर्मा @ जयपुर

एसआई भर्ती 2021 को लेकर गुरुवार को राजस्थान हाई कोर्ट का आया फैसला राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के चेयरमैन और इसके सदस्यों की करतूतों को बारीकी से उजगार करता है। इसमें बताया गया कि किस तरह आयोग में बैठे बड़े-बड़े चेहरों ने आमजन के विश्वास की धज्जियां उड़ा दी। जनता के हितों की रक्षा करना इनका कर्तव्य था, लेकिन इन्होंने अपने कार्यकलापों से आमजन के भरोसे को तार-तार कर दिया। 

हाई कोर्ट ने पेपर लीक और नकल में आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय, उसके सदस्य मंजू शर्मा, बाबूलाल कटारा, संगीता आर्य, रामूराम राईका और जसवंत राठी की सक्रिय भागीदारी मानी है। मंजू शर्मा देश के प्रतिष्ठित कवि कुमार विश्वास की पत्नी हैं। वह और संगीता आर्य अभी भी आरपीएससी में सदस्य के रूप में काम कर रही हैं। बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका जेल में हैं। 

यह पहला मौका रहा, ज​ब एसआई भर्ती 2021 में पूर्व चेयरमैन और सभी सदस्यों की मिलीभगत के नाम बाकायदा पुलिस चार्जशीट और हाईकोर्ट के आदेश में आए हैं। इससे पहले संभवत: ऐसा नहीं हुआ हो कि अध्यक्ष सहित सदस्यों के नाम पेपर लीक या अन्य किस्म की गड़ब​ड़ी में रिकॉर्ड पर आए हों। इससे पहले सिर्फ आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन हबीब खां गौरान का मामला ही सामने आया था, मगर इसमें सदस्यों के नाम नहीं थे। 

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एक दशक से भर्ती गड़बड़ी बनी परंपरा 

राजस्थान में पिछले एक दशक में अलग-अलग समय पर हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने, डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने और नकल करने की अनेक घटनाएं हुई हैं। इसमें कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द भी किया गया। भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर नकल और पेपर लीक का पहला मामला आरएएस 2013 में अमृत मीणा गैंग ने किया था। इसके बाद तो शायद ही ऐसी कोई भर्ती परीक्षा रही हो, जिसमें पेपर लीक नहीं हुआ। पेपर लीक करने वालों की क्षेत्रवार गैंग खड़ी हो गईं। जगदीश विश्नोई गैंग, कालेर गैंग, अमृत मीणा गैंग, ढाका गैंग सहित अनेक गैंग पेपर लीक के धंधे में सक्रिय हो गईं। 

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शक तो पहले भी था, लेकिन

भर्तियों में आरपीएससी सदस्यों के शामिल होने का संदेह तो पहले भी जताया जाता रहा है।  साल 2005 से ही भर्तियों के कई मामले हाईकोर्ट में पहुंचते रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष ​हबीब खां गौरान पर अपनी बेटी के लिए राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा 2013 का पेपर प्रिटिंग प्रेस से ही लाने का आरोप लगा था। इसके बाद अनेक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के होते रहे और यह भर्तियां रद्द होती रहीं। इस दौरान ऐसा नहीं लगा कि आरपीएससी पेपर लीक, डमी कैंडिडेट या नकल को रोकने के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। 

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सलेक्ट कराने के लिए ऐसे बिछाई बिसात

राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले में पुलिस चार्जशीट के हवाले से साफ लिखा कि आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय और सदस्य मंजू शर्मा, बाबूलाल कटारा, संगीता आर्य और जसवंत राठी ने मिलकर रामूराम राईका के बेटे-बेटी को इंटरव्यू में अच्छे नंबर देने के लिए योजना को अंजाम दिया। बाबूलाल कटारा तो परीक्षा से पहले ही रामूराम राईका को परीक्षा के पेपर दे चुका था। इसके बाद वह इंटरव्यू में भी उन्हें अच्छे नंबर दिलवाने के लिए अन्य सदस्यों के साथ सक्रिय रहा। 

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फोटो व कपड़ों से कराई पहचान

इंटरव्यू से पहले रामूराम राईका ने बाबूलाल कटारा को अपनी बेटी शोभा की एक तस्वीर दिखाकर बताया कि वो इंटरव्यू में तस्वीर में दिखाई गई पोशाक पहनकर ही आएगी। शोभा इंटरव्यू में वही कपड़े पहनकर गई, जो फोटो में दिखाए थे। आरपीएससी चेयरमैन प्रत्येक इंटरव्यू बोर्ड का गठन करते हैं। इसलिए बाबूलाल कटारा ने राईका को चेयरमैन संजय श्रोत्रिय से मिलने को कहा। राईका ने श्रोत्रिय से मुलाकात की। बाद में उसने इसकी जानकारी बाबूलाल कटारा व बाकी सदस्यों को भी दी थी। संजय श्रोत्रिय से मुलाकात का नतीजा यह रहा कि शोभा राईका के इंटरव्यू पैनल में बाबूलाल कटारा भी शामिल था और उसने शोमा को 50 में से 34 नंबर दिए। 

फोन पर बात और मुलाकात

रामूराम राईका के बेटे देवेश के इंटरव्यू से पहले तीन दिन की छुट्टी थी। इस दौरान राईका संजय श्रोत्रिय से उनके सरकारी आवास पर मिला। इसके बाद रामूराम राईका ने आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा और संगीता आर्य से मुलाकात की और जसवंत राठी से फोन पर बात की। इस पूरी कवायद का नतीजा यह रहा कि संजय श्रोत्रिय ने देवेश के इंटरव्यू पैनल में भाग लिया और उसे 50 में से 28 नंबर दिए। 

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जिम्मेदारों ने नहीं की परीक्षा की पवित्रता की रक्षा

हाईकोर्ट ने कहा है कि इन छह लोगों में से दो सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका ने तो पेपर लीक ही किए, लेकिन पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय और मंजू शर्मा, संगीता आर्य व जसवंत राठी ने भी पेपर लीक की जानकारी होने के बावजूद चुप रहकर और बाद में रामूराम राईका के बेटे-बेटी को इंटरव्यू में पास करवाने की योजना बनाकर सक्रिय भूमिका निभाई है। कोर्ट ने कहा है कि पेपर लीक और नकल सिर्फ बाहरी असामाजिक तत्वों का काम नहीं था, बल्कि इसमें आयोग के इन्हीं सदस्यों की भी पूरी भागीदारी थी। आरपीएससी सदस्यों के इस विश्वासघात ने भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने वाली संस्थाओं में विश्वास का संकट पैदा कर दिया है।

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आरपीएससी के ये बड़े चेहरे, कौन क्या?

संजय श्रोत्रिय, पूर्व अध्यक्ष 
आरपीएस से प्रमोट होकर आईपीएस बने 
एसओजी में एसपी और सीएम सिक्योरिटी में रहे 
6 फरवरी, 2022 को आरपीएससी के चेयरमेन बने 
1 जनवरी, 2024 तक पद पर रहे। 

जसवंत राठी, कार्यवाहक अध्यक्ष
जयपुर के वैशाली नगर में आवास 
फ्रीलांस पत्रकार रहे 
14 अक्टूबर, 2020 को सदस्य बने 
16 फरवरी, 2022 तक आरपीएससी में सदस्य रहे 
संजय श्रोत्रिय की नियुक्ति से पहले कार्यवाहक अध्यक्ष रहे। 

बाबूलाल कटारा, निलंबित आरपीएससी सदस्य
राजस्थान में डूंगरपुर के मालपुर गांव के निवासी  
तृतीय श्रेणी शिक्षक से कॅरियर की शुरुआत 
1990 में अर्थशास्त्र के व्याख्याता बने 
अक्टूबर, 2020 में आरपीएससी सदस्य बने 
सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक में गिरफ्तार हुए 
गिरफ्तारी के बाद से सदस्य पद से निलंबित। 

रामूराम राईका, सदस्य
राजस्थान में नागौर के गगवाना गांव के निवासी 
सरकारी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर रहे 
जुलाई, 2018 से जुलाई, 2022 तक आरपीएससी सदस्य 
बेटे देवेश और बे​टी शोभा एसआई भर्ती पेपर लीक में गिरफ्तार
इसके बाद रामूराम राईका भी गिरफ्तार हुए।

मंजू शर्मा, सदस्य 
मूलत: अजमेर की रहने वाली और प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास की पत्नी
कई जगहों पर कॉलेज लेक्चरर रही हैं 
15 अक्टूबर, 2020 को आरपीएससी सदस्य बनीं 
14 अक्टूबर, 2026 तक कार्यकाल बाकी  

संगीता आर्य, सदस्य 
पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी 
राजस्थान संगीत संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं 
2013 में सोजत से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ा
14 अक्टूबर, 2020 को आरपीएससी सदस्य बनीं 
13 अक्टूबर, 2026 तक कार्यकाल बाकी।

FAQ

Q1: क्या राजस्थान हाई कोर्ट का फैसला आरपीएससी की कार्यप्रणाली को लेकर था?
जी हां, राजस्थान हाई कोर्ट ने आरपीएससी के सदस्यों और अध्यक्ष की भूमिका को लेकर गड़बड़ी के मामलों का खुलासा किया है, जिसमें पेपर लीक और नकल की घटनाएं शामिल हैं।
Q2: आरपीएससी के बड़े चेहरों में कौन शामिल थे?
आरपीएससी के बड़े चेहरों में पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्य, बाबूलाल कटारा, रामूराम राईका, और जसवंत राठी शामिल थे।
Q3: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के क्या कारण थे?
पिछले एक दशक में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, और डमी कैंडिडेट्स के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं के कारण कई बार परीक्षाएं रद्द भी की गईं।

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