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Photograph: (the sootr)
News In Short
आरपीएससी ने अपात्र अभ्यर्थियों को अंतिम चेतावनी दी।
3 फरवरी 2026 तक आवेदन वापस लेने का मौका।
आवेदन विड्रा करने के लिए लिंक 23 जनवरी से सक्रिय।
जांच में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक भर्ती से वंचित रह सकते हैं।
सांख्यिकी अधिकारी भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यताएं तय की गईं हैं।
News In Detail
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने अपात्र अभ्यर्थियों को अंतिम चेतावनी देते हुए उन्हें 3 फरवरी 2026 तक अपना आवेदन स्वेच्छा से वापस लेने का समय दिया है। आवेदन विड्रा करने के लिए लिंक 23 जनवरी से सक्रिय किया गया है। आयोग ने यह कदम भविष्य में कानूनी कार्रवाई और भर्ती से वंचित होने से बचाने के लिए उठाया है। अगर अभ्यर्थी इस समय सीमा का पालन नहीं करते और दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें तीन वर्षों तक आरपीएससी की किसी भी भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित किया जा सकता है।
RPSC ने जारी किया अंतिम नोटिस
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2025 के लिए अपात्र अभ्यर्थियों को सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के पास भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता या अनुभव नहीं है। वे 3 फरवरी 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन स्वेच्छा से वापस ले सकते हैं। आवेदन विड्रा करने के लिए लिंक 23 जनवरी से सक्रिय कर दिया गया है। यह निर्णय आयोग द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से लिया गया है।
तीन साल तक होंगे परीक्षा से वंचित
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने कहा कि यदि परीक्षार्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन वापस नहीं लेते हैं और वे जांच में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें आगामी तीन वर्षों तक किसी भी आरपीएससी भर्ती परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम आयोग की ओर से गंभीर अपात्रता मामलों को लेकर उठाया गया है।
सांख्यिकी अधिकारी भर्ती के लिए आवश्यक योग्यताएं
आरपीएससी की सांख्यिकी अधिकारी भर्ती में कुल 113 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता में अर्थशास्त्र, सांख्यिकी या गणित में न्यूनतम द्वितीय श्रेणी से मास्टर डिग्री अनिवार्य है। इसके साथ ही वाणिज्य या कृषि सांख्यिकी में मास्टर डिग्री धारक भी पात्र माने जाएंगे।
इसके अतिरिक्त आरएससीआईटी या समकक्ष कंप्यूटर प्रमाणपत्र और एक वर्ष का प्रासंगिक अनुभव होना आवश्यक है। पहले श्रेणी, पीएचडी धारकों और एससी/एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को अनुभव में छूट दी गई है। साथ ही देवनागरी लिपि में हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान और राजस्थानी संस्कृति की जानकारी अनिवार्य है।
आरपीएससी की कार्रवाई का महत्व
आरपीएससी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो जाता है कि आयोग अपात्र अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम उम्मीदवारों को भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानियों से बचाने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा आयोग का मानना है कि यह प्रक्रिया आगामी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद करेगी।
मुख्य बिंदु :
- राजस्थान लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षा : अपात्र अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि वे 3 फरवरी 2026 तक अपना आवेदन वापस ले लें। यदि वे ऐसा नहीं करते और जांच में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें तीन वर्षों तक आरपीएससी की भर्ती परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।
- इस भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के पास अर्थशास्त्र, सांख्यिकी या गणित में न्यूनतम द्वितीय श्रेणी से मास्टर डिग्री होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, वाणिज्य या कृषि सांख्यिकी में मास्टर डिग्री धारक भी पात्र हैं।
- RPSC ने 23 जनवरी 2026 से आवेदन वापस लेने के लिए लिंक सक्रिय कर दिया है। अभ्यर्थी 3 फरवरी 2026 तक अपना आवेदन वापस ले सकते हैं।
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