आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा और संगीता आर्य संकट में, सरकार के अगले कदम का इंतजार!
Amit Baijnath Garg | Aug 31, 2025, 14:50 IST
Photograph: (the sootr)
बड़ा सवाल है कि एसआई भर्ती 2021 को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बाद क्या आरपीएससी में बैठी कवि कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा और पूर्व सीएस निरंजन आर्य की पत्नी संगीता आर्य इस्तीफा देंगी या सरकार उन्हें हटाने की पहल करेगी।
एसआई भर्ती 2021 को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट के आए आदेश के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की सदस्य मंजू शर्मा और संगीता आर्य पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ गया है। मंजू शर्मा देश के प्रतिष्ठित कवि कुमार विश्वास व संगीता आर्य राजस्थान के पूर्व सीएस निरंजन आर्यकी पत्नी हैं। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में इन दोनों सदस्यों के साथ आरपीएससी के चेयरमैन और सदस्यों की करतूतों को बारीकी से उजागर किया है।
हाई कोर्ट ने गुरुवार को दिए अपने फैसले में एसआई भर्ती पेपर लीक में आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय, उसकी सदस्य मंजू शर्मा, बाबूलाल कटारा, संगीता आर्य, रामूराम राईका और जसवंत राठी की सक्रिय भागीदारी मानी है। मंजू शर्मा और संगीता आर्य अभी भी आरपीएससी में सदस्य के रूप में काम कर रही हैं।
कानून के जानकारों का कहना है कि हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणी के बाद दोनों सदस्यों के सामने अब दो विकल्प हैं या तो वे नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा देकर आरपीएससी से बाहर हो जाएं या फिर प्रदेश की भजनलाल सरकार उन्हें हटाने के लिए कार्यवाही करे। सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल इस मामले में सरकार कानूनी राय ले रही है।
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उधर, प्रदेश के कानून मंत्री जोगराम पटेल ने कहा कि हाई कोर्ट ने आरपीएससी के मौजूदा और पूर्व सदस्यों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उनकी भूमिका की जांच होगी। सरकार कोर्ट की टिप्पणी को गंभीरता से ले रही है। हाई कोर्ट के आए आदेश का परीक्षण किया जा रहा है।
सरकार यह देख रही है कि हाई कोर्ट की टिप्पणी के अनुरूप दोषियों और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या-क्या एक्शन लिया जा सकता है। उधर, मुख्यमंत्री भजनलाल भी कह चुके हैं कि आरपीएससी को गंदा करने वाले बड़े मगरमच्छों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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हाई कोर्ट के फैसले के बाद आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय ने कहा कि एसआई भर्ती पेपर लीक मामले की सभी पहलुओं पर जांच होनी चाहिए। इंटरव्यू पैनल में पुलिस अधिकारी भी थे। इनसे पूछताछ की जानी चाहिए।
उनका दावा है कि एसआई भर्ती परीक्षा में जो भी गड़बड़ी हुई, वह सभी 2021 में हुई थी। तब राजस्थान के पूर्व डीजीपी भूपेंद्र सिंह आरपीएससी अध्यक्ष थे। उनके बाद शिवसिंह राठौड़ और जसवंत राठी अध्यक्ष रहे। मैं फरवरी, 2022 में अध्यक्ष बना। एसआई भर्ती की गड़बड़ी 2021 की हैं, लेकिन इसमें पूरे आयोग की संलिप्तता बताना सही नहीं है।
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राजस्थान में एक दशक से आरपीएससी भर्ती गड़बड़ियों का पर्याय बन गया है। इसमें भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने, डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने और नकल करने की अनेक घटनाएं हुई हैं।
भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर नकल और पेपर लीक का पहला मामला आरएएस 2013 में अमृत मीणा गैंग ने किया था। इसके बाद तो शायद ही ऐसी कोई भर्ती परीक्षा रही हो, जिसमें पेपर लीक नहीं हुआ। पेपर लीक करने वालों की क्षेत्रवार गैंग खड़ी हो गईं। जगदीश विश्नोई गैंग, कालेर गैंग, अमृत मीणा गैंग, ढाका गैंग सहित अनेक गैंग पेपर लीक के धंधे में सक्रिय हो गईं।
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हाई कोर्ट ने कहा है कि इन छह लोगों में से दो सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका ने तो पेपर लीक ही किए, लेकिन पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय और आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्य व जसवंत राठी ने भी पेपर लीक की जानकारी होने के बावजूद चुप रहकर और बाद में रामूराम राईका के बेटे-बेटी को इंटरव्यू में पास करवाने की योजना बनाकर सक्रिय भूमिका निभाई है।
कोर्ट ने कहा है कि पेपर लीक और नकल सिर्फ बाहरी असामाजिक तत्वों का काम नहीं था, बल्कि इसमें आयोग के इन्हीं सदस्यों की भी पूरी भागीदारी थी। आरपीएससी सदस्यों के इस विश्वासघात ने भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने वाली संस्थाओं में विश्वास का संकट पैदा कर दिया है।
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हाई कोर्ट ने गुरुवार को दिए अपने फैसले में एसआई भर्ती पेपर लीक में आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय, उसकी सदस्य मंजू शर्मा, बाबूलाल कटारा, संगीता आर्य, रामूराम राईका और जसवंत राठी की सक्रिय भागीदारी मानी है। मंजू शर्मा और संगीता आर्य अभी भी आरपीएससी में सदस्य के रूप में काम कर रही हैं।
कानून के जानकारों का कहना है कि हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणी के बाद दोनों सदस्यों के सामने अब दो विकल्प हैं या तो वे नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा देकर आरपीएससी से बाहर हो जाएं या फिर प्रदेश की भजनलाल सरकार उन्हें हटाने के लिए कार्यवाही करे। सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल इस मामले में सरकार कानूनी राय ले रही है।
'बड़े चेहरों' ने ही नष्ट की आरपीएससी की पवित्रता, इनमें कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा और संगीता आर्य भी
सरकार कोर्ट की टिप्पणी को गंभीरता से ले रही
सरकार यह देख रही है कि हाई कोर्ट की टिप्पणी के अनुरूप दोषियों और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या-क्या एक्शन लिया जा सकता है। उधर, मुख्यमंत्री भजनलाल भी कह चुके हैं कि आरपीएससी को गंदा करने वाले बड़े मगरमच्छों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
राजस्थान में अधिशासी अधिकारी परीक्षा में OMR शीट बदलने के मामले में शक के घेरे में कुमार विश्वास की पत्नी डॉ. मंजू शर्मा
इंटरव्यू पैनल में पुलिस अफसर भी, जांच हो : श्रोत्रिय
उनका दावा है कि एसआई भर्ती परीक्षा में जो भी गड़बड़ी हुई, वह सभी 2021 में हुई थी। तब राजस्थान के पूर्व डीजीपी भूपेंद्र सिंह आरपीएससी अध्यक्ष थे। उनके बाद शिवसिंह राठौड़ और जसवंत राठी अध्यक्ष रहे। मैं फरवरी, 2022 में अध्यक्ष बना। एसआई भर्ती की गड़बड़ी 2021 की हैं, लेकिन इसमें पूरे आयोग की संलिप्तता बताना सही नहीं है।
उधर, द सूत्र ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद आरपीएससी की सदस्य मंजू शर्मा और संगीता आर्य से उनका पक्ष जानना चाहा। उनसे मोबाइल और मैसेज के जरिए संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
एक दशक से भर्ती गड़बड़ी बन गई परंपरा
भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर नकल और पेपर लीक का पहला मामला आरएएस 2013 में अमृत मीणा गैंग ने किया था। इसके बाद तो शायद ही ऐसी कोई भर्ती परीक्षा रही हो, जिसमें पेपर लीक नहीं हुआ। पेपर लीक करने वालों की क्षेत्रवार गैंग खड़ी हो गईं। जगदीश विश्नोई गैंग, कालेर गैंग, अमृत मीणा गैंग, ढाका गैंग सहित अनेक गैंग पेपर लीक के धंधे में सक्रिय हो गईं।
एसओजी राजस्थान के रडार पर जेईएन भर्ती, एसआई भर्ती 2021 के फरार आरोपियों की तलाश जारी
जिम्मेदारों ने नहीं की परीक्षा की पवित्रता की रक्षा
कोर्ट ने कहा है कि पेपर लीक और नकल सिर्फ बाहरी असामाजिक तत्वों का काम नहीं था, बल्कि इसमें आयोग के इन्हीं सदस्यों की भी पूरी भागीदारी थी। आरपीएससी सदस्यों के इस विश्वासघात ने भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने वाली संस्थाओं में विश्वास का संकट पैदा कर दिया है।
FAQ
- Q1: क्या मंजू शर्मा और संगीता आर्य आरपीएससी से इस्तीफा देंगी?
राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बाद, मंजू शर्मा और संगीता आर्य पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है। - Q2: सरकार ने इस मामले पर क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश पर गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है और जांच के बाद कार्रवाई करने की योजना बनाई है। - Q3: क्या आरपीएससी में भर्ती गड़बड़ियों का कोई इतिहास है?
हां, पिछले एक दशक में आरपीएससी की कई भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक और नकल के मामले सामने आए हैं।
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