सत्ता के अहंकार में जनता से दूर होने वाले नेता डूबते हैं—पायलट

सचिन पायलट ने कहा कि राजनीति जनता के दम पर होती है और सत्ता के अहंकार से नेताओं को जनता नकार देती है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए लोकतंत्र में घृणा और दमन की राजनीति को गलत बताया।

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Mukesh Sharma
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • सचिन पायलट ने कहा कि राजनीति जनता के दम पर होती है, सत्ता के अहंकार से नेता नकारे जाते हैं।
  • पायलट ने भाजपा पर निशाना साधते हए कहा कि घमंड की राजनीति से जनता और नेताओं के बीच दूरी बढ़ जाती है।
  • पायलट ने लोकतंत्र में नफरत और घृणा की राजनीति को खतरनाक बताया।
  • पायलट ने राजस्थान बजट में बेरोजगारी को प्राथमिकता देने की मांग।
  • सचिन पायलट ने अपने पिता की जयंती पर दिव्यांगजन सामग्री वितरण शिविर का किया आयोजन।

News In Detail

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम व कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा है कि राजनीति जनता के दम पर होती है और जो नेता सत्ता के अहंकार में जनता से दूरी बना लेते हैं तो जनता उन्हें नकार देती है। 

पायलट मंगलवार को अपने पिता दिवंगत राजेश पायलट की जयंती पर टोंक पहुंचे थे। पायलट के इस बयान के कई मायने निकल रहे हैं। इसे कांग्रेस की राजनीतिक गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। 

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

पायलट ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नेता लोगों से दूर हो जाएंगे और घमंड-अहंकार की राजनीति करेंगे तो उनके और जनता के बीच दूरी हो जाती है। जबकि राजनीति आत्मीयता का संबंध है। ऐसे में यदि सत्ता का गुरूर हो जाएगा तो एक दिन निश्चित रूप से जनता ऐसे लोगों को नकार देगी । 

लोकतंत्र में सब दुश्मन होगें तो सहमति कैसे बनेगी

पायलट ने कहा कि अलग-अलग विचारधारा के लोग चुनाव लड़ते हैं। लेकिन, आज चुनाव लड़ना व प्रतिस्पर्धा होना नफरत में तब्दील होता जा रहा है। एक-दूसरे में प्रति राजनीति में जो घृणा पैदा हो गई है, जो तनाव पैदा हो गया है वो कोई शुभ संकेत नहीं है। लोकतंत्र में यदि सब दुश्मन बन जायेंगे तो सहमति कैसे बनेगी। 

उन्होंने कहा कि आज जो संसद में हो रहा है उससे सभी भली-भांति परिचित है। हमारे लोकतंत्र की परम्परा रही है कि आलोचना करना, आईना दिखाना, सवाल पूछना, मापदण्ड तय करना, जिम्मेदारी तय करना यह विपक्ष का काम रहा है। मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतंत्र की बहुत बड़ी जरूरत है। लेकिन आज जो टकराव एवं दमन की राजनीति उत्पन्न हो गई है यह लोकतंत्र में सही नहीं है। 

डबल इंजन सरकार में राजस्थान का नाम तक नहीं  

बुधवार को पेश होने वाले राजस्थान के बजट से पहले पायलट ने केंद्र और राजस्थान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट में राजस्थान का नाम तक नहीं आया। जबकि दावा डबल इंजन की सरकार होने का है। उन्होंने राज्य सरकार को बजट में बेरोजगारी को पहली प्राथमिकता देने की मांग की है। पायलट ने आरोप लगाया कि  टोंक का पुल और मेडिकल इंस्टीट्यूट बनकर तैयार हैं। लेकिन राज्य की  भाजपा सरकार कांग्रेस का काम समझकर इन्हें शुरु नहीं कर रही है। 

बजट के लिए इन मुद्दों पर भेजे सुझाव

पायलट ने बताया कि उन्होंने रेल व सिंचाई परियोजना,बेरोजगारी और निवेश से जुड़े लगभग सभी मुद्दों पर बजट के लिए राजस्थान सरकार को सुझाव भेजे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को बजट पेश होने के बाद पता चलेगा सरकार ने जनता को क्या दिया है। पायलट ने कहा कि उनकी इव्छा है कि सरकार किए गए वादों को पूरा करे और पूर्व में निकाली गई चार लाख भर्तियों का हिसाब दे। 

पिता को किया याद

सचिन पायलट ने अपने दिवंगत पिता राजेश पायलट की जयंती पर एक दिव्यांगजन सामग्री वितरण शिविर लगाया। य​ह शिविर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से लगा। शिविर तीन दिन तक चलेगा। इस दौरान महावीर विकलांग सहायता समिति के अध्यक्ष डी.आर.मेहता भी उपस्थित रहे। 

पायलट ने कहा कि हम सभी के मन में गरीब व असहाय लोगों की मदद करने का भाव रहता है। लेकिन कई बार इस भावना के अनुरुप काम नहीं हो पाता। बहुत कम लोग इस भावना को साकार रुप दे पाते हैं । श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ऐसी ही एक संस्था है। संस्था ने अनेक अक्षम लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करके जीवन की मुख्य धारा से जोड़ा है।

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