सरिस्का के 'कोर जोन' में अब खामोश रहेंगे मोबाइल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उठाया कदम

राजस्थान में रणथंभोर के बाद अब सरिस्का टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मोबाइल ले जाने पर पाबंदी लगा दी है। इस व्यवस्था का उल्लंघन करने पर पर्यटकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Ashish Bhardwaj
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News In Short 

  • राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के मोबाइल फोन पर पाबंदी लगाई गई है।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है। 
  • इस व्यवस्था को रणथंभौर टाइगर रिजर्व  के बाद सरिस्का में भी लागु किया गया है।
  • सफारी पर जाने से पहले पर्यटकों को अपने मोबाइल फोन को काउंटर पर जमा करना होगा।
  • इस फैसले का वन्यजीव प्रेमियों ने स्वागत किया है, जिससे बाघों को शांतिपूर्ण वातावरण मिलेगा।

News In Detail

​सुनील जैन@अलवर

राजस्थान में मशहूर सरिस्का टाइगर रिजर्व के 'कोर जोन' में पर्यटकों के मोबाइल ले जाने पर रोक लगा दी है। यह कदम बाघों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 17 नवंबर के आए आदेश के बाद उठाया गया है। इससे टाइगर रिजर्व में पर्यटन के तौर-तरीकों को बदलेगा, बल्कि बाघों के संरक्षण के प्रति गंभीरता भी दिखेगी। 

​इको-टूरिज्म: मनोरंजन नहीं, जिम्मेदारी 

​सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में अपने आदेश में कहा था कि 'इको-टूरिज्म' को सामान्य या बड़े पैमाने पर होने वाले पर्यटन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। जंगल का भ्रमण केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विषय है। शीर्ष कोर्ट ने ​एनटीसीए (NTCA) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

​रणथंभौर की तर्ज पर सरिस्का में भी सख्ती

मोबाइल प्रतिबंध की यह व्यवस्था राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पहले से ही लागू है। वहां इसके सफल परिणामों को देखते हुए इसे सरिस्का में भी लागू किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन के उपयोग से न केवल जंगल की शांति भंग होती है, बल्कि कई बार पर्यटक सोशल मीडिया पर 'लाइव' अपडेट्स या शोर-शराबे के चक्कर में वन्यजीवों के व्यवहार को भी प्रभावित करते हैं।

कैसे लागू होगी नई व्यवस्था?

​मोबाइल जमा करना अनिवार्य: सफारी पर जाने से पहले प्रत्येक पर्यटक को अपना मोबाइल फोन निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा। यह मोबाइल सफारी से वापसी के बाद ही वापस दिया जाएगा।

​गाइड और ड्राइवरों पर भी लागू: यह नियम केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है। उनके साथ जाने वाले नेचर गाइड्स और ड्राइवरों को भी अपना मोबाइल साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

​कैमरों पर छूट: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए पेशेवर कैमरे ले जाने की अनुमति रहेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग प्रकृति की यादें संजो सकें, लेकिन संचार उपकरणों के शोर और रेडिएशन से जंगल मुक्त रहे।

​रात के समय यातायात पर पूर्ण पाबंदी

​कोर्ट ने केवल मोबाइल ही नहीं, बल्कि अभयारण्यों के बीच से गुजरने वाली सड़कों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार जिन अभयारण्यों के मुख्य बाघ आवास से होकर सड़कें गुजरती हैं, वहां शाम से सुबह तक (रात के समय) यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अपवाद के रूप् में सिर्फ एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को ही इस प्रतिबंध से छूट मिलेगी। 

​वन्यजीव प्रेमियों ने किया स्वागत

वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि कोर एरिया में मोबाइल फोन अक्सर बाघों की लोकेशन ट्रैक करने और भीड़ जुटाने का माध्यम बन जाते थे, जिससे शिकारियों को भी मदद मिलने का अंदेशा रहता था। इस प्रतिबंध से बाघों को एक तनावमुक्त वातावरण मिलेगा।

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