सरिस्का में बाघिन ने दो शावकों को दिया जन्म, टाइगर संख्या 54 हुई

Jageshwar prasad | May 26, 2026, 11:00 IST
Share
Ashish Bhardwaj - 2026-05-26T104125.330
Photograph: (the sootr)

सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन ST-22 ने तालवृक्ष रेंज में दो शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही सरिस्का में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है। वन विभाग ने बाघिन और शावकों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी है।

News In Short

  • सरिस्का में बाघिन ST-22 ने दो शावकों को जन्म दिया, बाघों की संख्या 54 हुई।
  • सरिस्का में अब 11 वयस्क बाघ, 17 बाघिन और 26 शावक हैं।
  • वन विभाग ने बाघिन और शावकों की सुरक्षा के लिए तालवृक्ष रेंज में निगरानी बढ़ा दी है।
  • बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्रफल को 1829 वर्ग किलोमीटर करने का प्रस्ताव।
  • वर्ष 2008 में बाघों का पुनर्वास शुरू हुआ था, अब 18 साल में संख्या बढ़कर 54 हुई।

News In Detail

सुनील जैन @ अलवर

सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरिस्का की तालवृक्ष रेंज में विचरण कर रही बाघिन ST-22 ने दो शावकों को जन्म दिया है। नए शावकों के जन्म के साथ ही सरिस्का में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है।

तालवृक्ष रेंज में बाघिन ST-22 अपने नन्हें शावकों के साथ गश्ती दल को नजर आई। इन दोनों शावकों की उम्र करीब एक से डेढ़ माह की बताई जा रही है।

सरिस्का में अब 54 बाघ

नए शावकों के जन्म के साथ ही सरिस्का में बाघों की संख्या का विवरण इस प्रकार है। यहां अब 11 वयस्क बाघ, 17 बाघिन और 26 शावक हो गए हैं। यह संख्या सरिस्का में वन्यजीव संरक्षण और बेहतर प्रबंधन का बड़ा परिणाम मानी जा रही है।

वन विभाग के अनुसार बाघिन और उसके दोनों शावक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। वनकर्मियों की विशेष टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी या खतरे की स्थिति उत्पन्न न हो।

गर्मी में पानी के विशेष इंतजाम

गर्मी के मौसम को देखते हुए सरिस्का प्रशासन ने क्षेत्र के सभी जल स्रोतों और वाटर पॉइंट्स को भरवाया है, जिससे वन्यजीवों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। विभाग का कहना है कि भीषण गर्मी में वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सरिस्का क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही और गतिविधियों से बचें तथा वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें। बाघिन और शावकों की सुरक्षा के लिए शांत वातावरण बेहद जरूरी है।

शून्य से 54 तक का सफर

विषम परिस्थितियों के बीच सरिस्का बाघ अभयारण्य हमेशा चर्चाओं में रहा है। शिकार के चलते वर्ष 2004 में सरिस्का से बाघ पूरी तरह समाप्त हो गए थे। उसके बाद रणथंभौर से बाघों का विस्थापन किया गया, जो पूरे विश्व में अपनी तरह का पहला प्रयास था।

वर्ष 2008 में बाघों को सरिस्का में बसाया गया और अब 18 साल में बाघों की संख्या 54 तक पहुंच गई है। बाघों की लगातार बढ़ती संख्या सरिस्का के भविष्य के लिए शुभ संकेत है। हालांकि इस दौरान यहां पर करीब आठ बाघों ने अपनी जान भी गवाई है।

मानव दखल और बढ़ती चुनौतियां

वर्ष 2008 में विस्थापित किए गए बाघों के पुनर्वास कार्य को शुरुआती दौर में झटका लगा था। यहां मानवीय दखल के कारण बाघों की हत्याएं तक की गई थी। तब से लगातार सरिस्का के आसपास मानव दखल लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के आसपास रिजॉर्ट और होटल बन गए हैं, जिससे आगामी समय में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जैसे-जैसे बाघों की संख्या बढ़ती जाएगी, बाघ अपनी टेरिटरी बनाएंगे। निश्चित रूप से उनको सरिस्का का वर्तमान जंगल कम पड़ सकता है। कई बार कई बाघ सरिस्का की टेरिटरी को छोड़कर बाहर भी निकल चुके हैं।

सरिस्का का क्षेत्रफल बढ़ाने की तैयारी

वर्तमान में सरिस्का का क्षेत्रफल करीब 1229 वर्ग किलोमीटर है। बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरिस्का का कोर और बफर जोन का एरिया पहले ही बढ़ाया जा चुका है। अलवर शहर के नजदीक बाला किला और प्रतापबंध का एरिया पिछले 7 वर्षों में यहां जोड़ा गया है।

अब एक नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें दौसा और जयपुर जिले के कुछ हिस्सों को सरिस्का में जोड़ा जाएगा। सरिस्का के क्षेत्रफल को 1829 वर्ग किलोमीटर करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव अलवर सरिस्का प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भेजा गया है।

जयपुर और दौसा के करीब 600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को और बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। यदि ऐसा होता है तो सरिस्का का क्षेत्रफल 1829 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। बाघों की बढ़ती संख्या और नए शावकों के लिए यह विस्तार बहुत जरूरी है।

ये भी पढ़ें:-

25-25 पैसे के 2 इनामी आरोपी गिरफ्तार, 5 महीने से काट रहे थे फरारी

झुंझुनूं में ACB की बड़ी कार्रवाई, 8.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते VDO गिरफ्तार

राजस्थान की तीन विभूतियों को मिला पद्मश्री, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित

शिक्षकों को महंगा पड़ा शिक्षा मंत्री का विरोध, शिक्षक नेताओं पर दर्ज कराई एफआईआर



Tags:
  • वन विभाग
  • शावकों को जन्म दिया
  • अलवर
  • सरिस्का टाइगर रिजर्व
  • सरिस्का
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा