अरावली बचाओ आंदोलन : कई जगह उग्र प्रदर्शन, लोग बोले-अरावली हमारी मां और भविष्य, मिटने नहीं देंगे

Amit Baijnath Garg | Dec 22, 2025, 16:57 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में अरावली को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लेने की मांग की और अरावली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश वापस नहीं लेने तक उग्र आंदोलन जारी रहेगा।

Jaipur. अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में जोरदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को कांग्रेस और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में अपनी आवाज उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं।



उदयपुर कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की का माहौल बन गया, जिसमें कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। सीकर में 945 मीटर ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर भी अरावली को बचाने के लिए प्रदर्शन किया गया।



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जोधपुर में पुलिस से भिड़ंत

जोधपुर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान बेरिकेड्स पर चढ़कर विरोध जताया। जब उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा गया, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अरावली की रक्षा के लिए यह आंदोलन जरूरी है और इसे किसी भी कीमत पर रोकने की कोशिशों को नाकाम किया जाएगा।



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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर के फैसले के अनुसार, 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को अरावली पर्वतमाला का हिस्सा माना जाएगा। इस फैसले से 90% से अधिक अरावली पहाड़ियां संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएंगी, जो इस क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के लिए खतरनाक होगा।



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अलवर में टीकाराम जूली की प्रतिक्रिया

अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अरावली राजस्थान के लिए फेफड़ों के समान है। उन्होंने राजस्थान सरकार से अपील की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लिया जाए, वरना कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। जूली ने यह भी चेतावनी दी कि अरावली पहाड़ियां खत्म नहीं होने दी जाएंगी। इसके लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी।



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अरावली बचाओ आंदोलन की प्रमुख बातें

सुप्रीम कोर्ट का 100 मीटर ऊंचाई का फैसला : यह फैसला अरावली की अधिकांश पहाड़ियों को संरक्षण से बाहर कर देगा, जिसे लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।


उदयपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन : कांग्रेस कार्यकर्ता, करणी सेना और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लेने की मांग की।


अलवर में टीकाराम जूली का बयान : टीकाराम जूली ने कहा कि अरावली को खत्म नहीं होने देंगे, यह राजस्थान के फेफड़े के समान है।


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एक नजर इन पर भी

  • अरावली बचाओ आंदोलन राजस्थान भर में जोरों से जारी है।
  • प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लेने की मांग की।
  • अरावली के महत्व को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की।
  • सीकर, जोधपुर और उदयपुर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं।
  • जूली ने अरावली को फेफड़ा करार दिया और इसके संरक्षण की बात की।

मुख्य बिंदु

  1. अरावली की पहाड़ियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत 100 मीटर ऊंची पहाड़ियों तक सीमित किया जा रहा है, जिससे अधिकांश पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो जाएंगी।
  2. जोधपुर में प्रदर्शनकारियों ने बेरिकेड्स पर चढ़कर विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
  3. अरावली को राजस्थान का फेफड़ा बताया गया है, जो पर्यावरण, जल स्तर और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। इसे नष्ट किया गया, तो खतरे पैदा हो सकते हैं।
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