जैसलमेर में हिरण के बच्चे को परिवार के सदस्य की तरह पाला, 8 महीने बाद जंगल में छोड़ने पर हुए भावुक

Amit Baijnath Garg | Oct 09, 2025, 12:56 IST
Share
hiran
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के जैसलमेर में एक परिवार ने हिरण के बच्चे शेरू को 8 महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला और फिर उसे जंगल में स्वतंत्रता के लिए छोड़ दिया।

Jaisalmer. राजस्थान के जैसलमेर जिले के एक छोटे से सरहदी गांव करड़ा में एक अद्भुत और दिल छूने वाली घटना घटी। यहां एक परिवार ने एक हिरण के बच्चे को अपने घर में पाला और उसे 8 महीने तक अपने परिवार का सदस्य माना। इस परिवार ने न सिर्फ हिरण के बच्चे को संरक्षण दिया, बल्कि उसे प्यार और देखभाल से बड़ा भी किया। अब समय आया है कि इस हिरण के बच्चे को उसके असली घर यानी जंगल में वापस छोड़ा जाए।

बदहाल रेलवे : बीकानेर के कोलायत में मालगाड़ी ट्रैक से उतरी, बीकानेर-जैसलमेर पैसेंजर ट्रेन रद्द

हिरण का बच्चा बना परिवार का सदस्य

यह कहानी तब शुरू हुई, जब महेंद्र सिंह सोढ़ा के छोटे भाई कुंदन सिंह ने 8 महीने पहले जंगल में एक बिन मां का हिरण का बच्चा पाया। कुंदन ने उस छोटे से हिरण को 15 दिन की उम्र में घर लाकर उसे अपने परिवार का हिस्सा बना लिया। इस हिरण के बच्चे का नाम शेरू रखा गया और वह परिवार के बाकी सदस्यों के साथ घुल-मिल गया। शेरू को गाय का दूध पिलाकर उसे बड़ा किया गया। जैसे ही उसे शेरू नाम से बुलाया जाता, वह दौड़कर पास आ जाता।

जैसलमेर में पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, ISI को भेज रहा था खुफिया जानकारी

क्या था शेरू का जीवन? शेरू को कुंदन और महेंद्र की मां से मां जैसा प्यार मिला। वह घर में एक सामान्य सदस्य की तरह व्यवहार करने लगा। शेरू को गाय का दूध पिलाकर बड़ा किया गया और इस दौरान वह परिवार के हर सदस्य के साथ घुल-मिल कर रहता था। इस परिवार ने उसे अपना ही सदस्य माना और वह परिवार के लिए बेहद प्रिय बन गया।
जैसलमेर का डांगरी गांव : हिरण का शिकार करने से रोकने पर किसान की हत्या से तनाव, पुलिस पर पत्थरबाजी, आंसू गैस के गोले

आकल वुड फॉसिल पार्क में शेरू की विदाई

जैसे-जैसे शेरू बड़ा हुआ, महेंद्र सिंह सोढ़ा ने निर्णय लिया कि अब उसे उसके प्राकृतिक आवास में लौट जाना चाहिए। इसके बाद परिवार ने शेरू को आकल वुड फॉसिल पार्क में छोड़ने का फैसला किया। आकल वुड फॉसिल पार्क को इसलिए चुना गया, क्योंकि यहां हिरणों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक वातावरण, पानी के स्रोत और सुरक्षित क्षेत्र मौजूद हैं। शेरू, जो गाय के दूध से बड़ा हुआ था, अब सामान्य हिरणों से ज्यादा पानी पीता था। इस कारण आकल पार्क उसे सुरक्षित और उपयुक्त लगा।

जैसलमेर और कार्कसोन बने ट्विन सिटी, वैश्विक मंच पर दोनों शहर करेंगे अपनी पहचान मजबूत

विदाई के समय भावुक हुआ परिवार

जब शेरू को जंगल की ओर भेजने के लिए वाहन में रखा जा रहा था, तो परिवार के सभी सदस्य भावुक हो गए। सभी की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस विदाई के साथ एक संतोष भी था कि शेरू अब स्वतंत्र होकर अपने असली घर में सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी सकेगा।

शेरू ने आकल वुड फॉसिल पार्क में अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की और अब वहां शांति से विचरण कर रहा है। यह कहानी न केवल करुणा और मानवता की मिसाल है, बल्कि यह यह भी दर्शाती है कि मनुष्य और प्रकृति के बीच रिश्ते का आधार प्रेम और सहानुभूति होना चाहिए।

FAQ

  1. 1. शेरू को परिवार ने कैसे पाला?
    शेरू को गाय के दूध से पाला गया और परिवार ने उसे अपना सदस्य मानते हुए पूरा प्यार और देखभाल दी।
  2. 2. शेरू को जंगल में क्यों छोड़ा गया?
    शेरू को उसके प्राकृतिक आवास में लौटने के लिए आकल वुड फॉसिल पार्क में छोड़ा गया ताकि वह स्वतंत्र रूप से जीवन जी सके।
  3. 3. शेरू के बारे में परिवार का क्या कहना था?
    परिवार के सदस्य शेरू के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े थे, और जब उसे जंगल में छोड़ने का समय आया, तो वे सभी भावुक हो गए।


Tags:
  • राजस्थान
  • जैसलमेर
  • आकल वुड फॉसिल पार्क
  • हिरण का बच्चा बना परिवार का सदस्य
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती