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Photograph: (the sootr)
News In Short
- भरी मीटिंग में एसपी नीतू बुगालिया ने पुलिस दूरसंचार निदेशक दौलतराम अटल को किया अपमानित।
- एसपी बुगालिया ने अटल को कहा, तुम रिजर्वेशन के डायरेक्टर हो, क्या प्रजेंटेशन दोगे
- एडीजी वीके सिंह ने दोनों अधिकारियों के बीच किया बीच-बचाव, एसपी को किया बाहर।
- पुलिस दूरसंचार निदेशक अटल ने बुगालिया के खिलाफ जयपुर में दर्ज कराई एफआईआर।
- मामला अजमेर और उदयपुर रेंज के सात जिलों में संचार नेटवर्क को अपग्रेड करने की मीटिंग का।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में पुलिस विभाग से ऐसी खबर सामने आई है, जिसने खाकी की गरिमा और प्रशासनिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मुख्यालय में मीटिंग के दौरान एक महिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अपने ही वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस दूरसंचार निदेशक के खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने और उन्हें अपमानित करने का मामला सामने आया है। ​मामला इतना बढ़ गया कि अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
​क्या है पूरा विवाद
​घटना 5 मार्च 2026 की शाम करीब 4:30 बजे की है। पुलिस मुख्यालय राजस्थान के कक्ष संख्या 206 में (एडीजी) (साइबर क्राइम एवं तकनीकी) वीके सिंह की अध्यक्षता में बैठक चल रही थी। बैठक का एजेंडा 7 जिलों (अजमेर और उदयपुर रेंज) के संचार नेटवर्क के अपग्रेडेशन पर विचार-विमर्श करना था।
शिकायत के अनुसार जब निदेशक पुलिस दूरसंचार दौलतराम अटल प्रेजेंटेशन दे रहे थे, तभी वहां मौजूद एसपी नीतू बुगालिया ने उन्हें बीच में ही टोकना शुरू कर दिया। आरोप है कि नीतू बुगालिया ने भरी सभा में अटल पर व्यक्तिगत और जातिगत हमला करते हुए कहा, तुम रिजर्वेशन के डायरेक्टर हो और जाति के आधार पर प्रमोट होने के कारण डायरेक्टर बने हो।
​एडीजी के सामने दी धमकी, जाओ करवा दो एफआरआर
शिकायतकर्ता दौलतराम अटल का कहना है कि जब उन्होंने इस अपमानजनक टिप्पणी का विरोध किया और चेतावनी दी कि वे इसकी शिकायत करेंगे तो एसपी नीतू बुगालिया का तेवर और कड़ा हो गया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, जाओ करवा दो, मैंने ऐसी बहुत एफआईआर देख रखी हैं।
​हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ विभाग के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में होता रहा। स्थिति को बिगड़ता देख एडीजी वीके सिंह ने बीच-बचाव किया और SP को सभ्य भाषा का उपयोग करने की हिदायत देते हुए मीटिंग से बाहर जाने का निर्देश दिया। एडीजे ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार ने दौलतराम अटल को उनकी योग्यता और पद के आधार पर निदेशक बनाया है और वे उन्हें ही निदेशक मानते हैं।
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सार्वजनिक रूप से किया गया मानसिक उत्पीड़न'
​निदेशक दौलतराम अटल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि एसपी नीतू बुगालिया उनकी जाति से भली-भांति परिचित थीं। उन्होंने जानबूझकर उन्हें अपमानित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के उद्देश्य से यह सब किया। उनके अनुसार वरिष्ठ और अधीनस्थ अधिकारियों के सामने इस तरह के व्यवहार से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। ​इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के ज्योतिनगर थाने में शिकायत दर्ज की गई है। इस ​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच एडीसीपी (प्रोटोकॉल) देवी सहाय मीणा को सौंपी गई है।
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