राजस्थान में वसुंधरा को फिर से सीएम बनाने की कामना, 26 सितंबर से राजे समर्थक निकालेंगे पदयात्रा, 251 किलो प्रसाद का भोग चढ़ाएंगे
The Sootr | Sept 24, 2023, 24:00 IST
राजस्थान में वसुंधरा को फिर से सीएम बनाने की कामना, 26 सितंबर से राजे समर्थक निकालेंगे पदयात्रा, 251 किलो प्रसाद का भोग चढ़ाएंगे
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के समर्थक 26 सितंबर को पद यात्रा का आयोजन करने जा रहे हैं, यात्रा गणेश मंदिर से पाल बालाजी मंदिर तक निकाली जाएगी
JODHPUR. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के समर्थक 26 सितंबर को पद यात्रा का आयोजन करने जा रहे हैं। बता दें कि यात्रा गणेश मंदिर से पाल बालाजी मंदिर तक निकाली जाएगी। यह यात्रा राजे को फिर से सीएम बनाने की कामना से निकाली जा रही है।
251 किलो प्रसाद का भोग चढ़ेगा
वसुंधरा समर्थक नेता जुगल पंवार ने शनिवार को इस पदयात्रा के पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान आयोजनकर्ता जुगल पंवार और मीडिया प्रभारी मनोज डगला ने बताया कि यह यात्रा गणेश मंदिर से पाल बालाजी मंदिर तक निकाली जाएगी। यात्रा खत्म होने के बाद 251 किलो प्रसाद का भोग पाल बालाजी मंदिर में चढ़ाया जाएगा। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
राजस्थान में शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, गांधी जयंती से 19 हजार सरकारी स्कूलों में टीचर-स्टूडेंट्स की होगी ऑनलाइन हाजिरी
परिवर्तन यात्राओं से दूर रहीं वसुंधरा
प्रदेश में हुईं बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत में तो वसुंधरा राजे केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंच साझा करती नजर आईं। इस दौरान यह अनुमान लगाया गया कि बीजेपी उन्हें सीएम के चेहरे के रूप में दिखा सकती है। लेकिन, उसके बाद राजे इन यात्राओं से करीब 18 दिनों तक दूर रहीं। यहां तक कि वसुंधरा अपने गृह क्षेत्र झालावाड़ में भी इस यात्रा से दूरी बनाए रहीं। झालावाड़ की यात्रा में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी वसुंधरा की गैरमौजूदगी पर सवाल पूछा गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि 'सब ठीक है।' वहीं, राजे के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि वह केंद्रीय नेतृत्व से थोड़ी नाराज थीं। हालांकि, राजे ने इसका कारण बताया कि उनकी बहू जानलेवा बीमारी से ग्रषित है। जिसके लिए उनका इलाज दिल्ली में चल रहा है।
251 किलो प्रसाद का भोग चढ़ेगा
वसुंधरा समर्थक नेता जुगल पंवार ने शनिवार को इस पदयात्रा के पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान आयोजनकर्ता जुगल पंवार और मीडिया प्रभारी मनोज डगला ने बताया कि यह यात्रा गणेश मंदिर से पाल बालाजी मंदिर तक निकाली जाएगी। यात्रा खत्म होने के बाद 251 किलो प्रसाद का भोग पाल बालाजी मंदिर में चढ़ाया जाएगा। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
राजस्थान में शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, गांधी जयंती से 19 हजार सरकारी स्कूलों में टीचर-स्टूडेंट्स की होगी ऑनलाइन हाजिरी
परिवर्तन यात्राओं से दूर रहीं वसुंधरा
प्रदेश में हुईं बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत में तो वसुंधरा राजे केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंच साझा करती नजर आईं। इस दौरान यह अनुमान लगाया गया कि बीजेपी उन्हें सीएम के चेहरे के रूप में दिखा सकती है। लेकिन, उसके बाद राजे इन यात्राओं से करीब 18 दिनों तक दूर रहीं। यहां तक कि वसुंधरा अपने गृह क्षेत्र झालावाड़ में भी इस यात्रा से दूरी बनाए रहीं। झालावाड़ की यात्रा में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी वसुंधरा की गैरमौजूदगी पर सवाल पूछा गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि 'सब ठीक है।' वहीं, राजे के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि वह केंद्रीय नेतृत्व से थोड़ी नाराज थीं। हालांकि, राजे ने इसका कारण बताया कि उनकी बहू जानलेवा बीमारी से ग्रषित है। जिसके लिए उनका इलाज दिल्ली में चल रहा है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari