कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में हुई राजस्थान के प्रत्याशियों की लिस्ट पर चर्चा, राहुल ने कहा- यह तो वही पुराने नाम हैं
BP Shrivastava | Oct 18, 2023, 24:00 IST
कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में हुई राजस्थान के प्रत्याशियों की लिस्ट पर चर्चा, राहुल ने कहा- यह तो वही पुराने नाम हैं
राजस्थान के प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति के सामने 106 नामों को रखा गया तो राहुल गांधी ने कहा कि इनमें ज्यादातर वही पुराने नाम हैं। इनमें से करीब आधे नाम ही पहले चरण में घोषित किए जाएंगे।
JAIPUR. राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने के लिए कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार, 18 अक्टूबर सुबह दिल्ली में हुई। करीब 3 घंटे चली इस बैठक में लगभग 106 प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा हुई बैठक में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में जब सिंगल पैनल वाले नाम राहुल गांधी के सामने रखे गए तो उन्होंने कहा कि इनमें ज्यादातर वही पुराने नाम हैं। राहुल गांधी के इस रिएक्शन के बाद माना जा रहा है कि बैठक में चर्चा भले ही हो गई हो, लेकिन लगभग आधे नाम ही पहले चरण में घोषित किए जाएंगे। आज अहम बात यह भी रही कि बैठक के बाद सीएम अशोक गहलोत मीडिया के सामने तो आए, लेकिन बिना बात किए निकल गए।
सिंगल नामों की सूची पर राहुल ने किए सवाल खड़े!
राजस्थान के प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक का पहला दौर रविवार को हुआ था और उसके बाद मंगलवार को करीब छह घंटे तक सूची पर मंथन किया गया। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कुछ सीटों पर सिंगल नामों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।
इसके बाद आज सुबह कांग्रेस मुख्यालय पर जब बैठक हुई। बताया जा रहा कि राहुल गांधी एक सर्वे रिपोर्ट लेकर बैठे थे और जब उनके सामने सिंगल नामों वाली सूची रखी गई तो उन्होंने इस पर सवाल खड़े कर दिए और सूत्रों के अनुसार यहां तक कहा कि सिंगल नाम हैं क्या चर्चा करें?
स्क्रीनिंग कमेटी को 106 नामों में से आधे पर फिर करनी होगी एक्ससाइज
आज बैठक में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं और उनकी मौजूदगी को राजस्थान में गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे विवाद की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। बैठक में राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद अब यह माना जा रहा है कि स्क्रीनिंग कमेटी ने 106 सीटों की सूची तैयार भले ही कर ली है, लेकिन लगभग आधे नामों पर इसे एक बार फिर एक्सरसाइज करनी पड़ेगी।
जानिए आखिर पेंच क्या है?
दरअसल, इस बार राजस्थान में पार्टी ने अलग-अलग तरह के सर्वे तो कराए ही हैं, साथ ही राजस्थान के लिए सीनियर ऑब्जर्वर बनाए गए मधुसूदन मिस्त्री ने भी लोकसभा क्षेत्रवार लगाए गए पर्यवेक्षकों से मिले फीडबैक के आधार पर अपनी एक सूची तैयार की है। इसके अलावा कर्नाटक में चुनावी रणनीति तय करने वाले सुनील कालूगोलू के सर्वे को भी राहुल गांधी काफी अहमियत दे रहे हैं।
गहलोत चाहते हैं सरकार बचाने में साथ देने वाले विधायकों को टिकट मिले
बताया जा रहा है कि इन रिपोर्ट्स में बड़े पैमाने पर टिकिट बदलने की बात कही जा रही है, जबकि सीएम अशोक गहलोत चाहते हैं कि जिन विधायकों ने सरकार बचाने में उनका साथ दिया उन्हें फिर से मौका दिया जाए। कल इस बैठक के लिए जयपुर से निकलने से पहले विधायकों को दस-दस करोड़ दिए जाने वाले उनके बयान से भी इस बात संकेत मिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि बैठक में रखे गए सभी नामों की सूची जारी हो गई तो यह माना जाएगा कि गहलोत अपनी बात मनवाने में सफल रहे अन्यथा यह मामला लंबा खिंच सकता है।
सिंगल नामों की सूची पर राहुल ने किए सवाल खड़े!
राजस्थान के प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक का पहला दौर रविवार को हुआ था और उसके बाद मंगलवार को करीब छह घंटे तक सूची पर मंथन किया गया। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कुछ सीटों पर सिंगल नामों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।
इसके बाद आज सुबह कांग्रेस मुख्यालय पर जब बैठक हुई। बताया जा रहा कि राहुल गांधी एक सर्वे रिपोर्ट लेकर बैठे थे और जब उनके सामने सिंगल नामों वाली सूची रखी गई तो उन्होंने इस पर सवाल खड़े कर दिए और सूत्रों के अनुसार यहां तक कहा कि सिंगल नाम हैं क्या चर्चा करें?
स्क्रीनिंग कमेटी को 106 नामों में से आधे पर फिर करनी होगी एक्ससाइज
आज बैठक में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं और उनकी मौजूदगी को राजस्थान में गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे विवाद की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। बैठक में राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद अब यह माना जा रहा है कि स्क्रीनिंग कमेटी ने 106 सीटों की सूची तैयार भले ही कर ली है, लेकिन लगभग आधे नामों पर इसे एक बार फिर एक्सरसाइज करनी पड़ेगी।
जानिए आखिर पेंच क्या है?
दरअसल, इस बार राजस्थान में पार्टी ने अलग-अलग तरह के सर्वे तो कराए ही हैं, साथ ही राजस्थान के लिए सीनियर ऑब्जर्वर बनाए गए मधुसूदन मिस्त्री ने भी लोकसभा क्षेत्रवार लगाए गए पर्यवेक्षकों से मिले फीडबैक के आधार पर अपनी एक सूची तैयार की है। इसके अलावा कर्नाटक में चुनावी रणनीति तय करने वाले सुनील कालूगोलू के सर्वे को भी राहुल गांधी काफी अहमियत दे रहे हैं।
गहलोत चाहते हैं सरकार बचाने में साथ देने वाले विधायकों को टिकट मिले
बताया जा रहा है कि इन रिपोर्ट्स में बड़े पैमाने पर टिकिट बदलने की बात कही जा रही है, जबकि सीएम अशोक गहलोत चाहते हैं कि जिन विधायकों ने सरकार बचाने में उनका साथ दिया उन्हें फिर से मौका दिया जाए। कल इस बैठक के लिए जयपुर से निकलने से पहले विधायकों को दस-दस करोड़ दिए जाने वाले उनके बयान से भी इस बात संकेत मिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि बैठक में रखे गए सभी नामों की सूची जारी हो गई तो यह माना जाएगा कि गहलोत अपनी बात मनवाने में सफल रहे अन्यथा यह मामला लंबा खिंच सकता है।
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