जयपुर में आचार संहिता में मंत्री जी पहुंचे थे शिलान्यास करने, चुनाव आयोग ने नोटिस थमाकर तलब किया जवाब
Chandresh Sharma | Oct 21, 2023, 24:00 IST
जयपुर में आचार संहिता में मंत्री जी पहुंचे थे शिलान्यास करने, चुनाव आयोग ने नोटिस थमाकर तलब किया जवाब
2 दिन पहले जयपुर के गढ़ गणेश मंदिर के रोपवे के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे राजस्थान सरकार के जलदाय मंत्री महेश जोशी को चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस थमा दिया है।
मनीष गोधा, JAIPUR. 2 दिन पहले जयपुर के गढ़ गणेश मंदिर के रोपवे के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे राजस्थान सरकार के जलदाय मंत्री महेश जोशी को चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस थमा दिया है। जोशी हवा महल विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं और यहां की रिटर्निंग अधिकारी देविका तंवर ने उन्हें आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस दिया है। रिटर्निंग अधिकारी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना गया है और नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया है।
यह है मामला
दरअसल जयपुर की नाहरगढ़ पहाड़ी पर प्राचीन गढ़ गणेश मंदिर तक जाने के लिए गुरुवार को रोप-वे का शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया था। शिलान्यास के लिए कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को आमंत्रित किया गया था और इसके लिए बाकायदा विज्ञापन दिया गया था। इस मामले में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद निर्वाचन विभाग ने कार्यक्रम रुकवा दिया था और आयोजकों को मौके पर मौजूद संतों से शिलान्यास कराना पड़ा था। निर्वाचन विभाग की ओर से महंत और रोप-वे बनाने वाली निजी कंपनी के मैनेजर को भी गुरुवार को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था।
मंत्री जी यह दे रहे सफाई
इस मामले में महेश जोशी ने कहा था कि यह सरकारी कार्यक्रम नहीं था एक निजी फर्म की ओर से शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया था। उधर नोटिस के जरिए महेश जोशी से प्रकाशित विज्ञापन और शिलान्यास कार्यक्रम के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। नोटिस में कार्यक्रम आयोजक के जवाब का भी उल्लेख किया गया है। आयोजक के अनुसार शिलान्यास कार्यक्रम में मंत्री महेश जोशी को बुलाया जरूर गया था, लेकिन विज्ञापन उनकी ओर से नहीं दिया गया।
नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता लगी होने के बावजूद भी मंत्री शिलान्यास कार्यक्रम में उपस्थित हुए। उन्हें बताया गया कि राज्य में विधानसभा 2023 के चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता और धारा 144 सीआरपीसी के आदेश प्रभावी है। मंत्री पद रहते हुए बतौर अतिथि कार्यक्रम में सम्मिलित होना आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
यह है मामला
दरअसल जयपुर की नाहरगढ़ पहाड़ी पर प्राचीन गढ़ गणेश मंदिर तक जाने के लिए गुरुवार को रोप-वे का शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया था। शिलान्यास के लिए कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को आमंत्रित किया गया था और इसके लिए बाकायदा विज्ञापन दिया गया था। इस मामले में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद निर्वाचन विभाग ने कार्यक्रम रुकवा दिया था और आयोजकों को मौके पर मौजूद संतों से शिलान्यास कराना पड़ा था। निर्वाचन विभाग की ओर से महंत और रोप-वे बनाने वाली निजी कंपनी के मैनेजर को भी गुरुवार को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था।
मंत्री जी यह दे रहे सफाई
इस मामले में महेश जोशी ने कहा था कि यह सरकारी कार्यक्रम नहीं था एक निजी फर्म की ओर से शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया था। उधर नोटिस के जरिए महेश जोशी से प्रकाशित विज्ञापन और शिलान्यास कार्यक्रम के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। नोटिस में कार्यक्रम आयोजक के जवाब का भी उल्लेख किया गया है। आयोजक के अनुसार शिलान्यास कार्यक्रम में मंत्री महेश जोशी को बुलाया जरूर गया था, लेकिन विज्ञापन उनकी ओर से नहीं दिया गया।
नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता लगी होने के बावजूद भी मंत्री शिलान्यास कार्यक्रम में उपस्थित हुए। उन्हें बताया गया कि राज्य में विधानसभा 2023 के चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता और धारा 144 सीआरपीसी के आदेश प्रभावी है। मंत्री पद रहते हुए बतौर अतिथि कार्यक्रम में सम्मिलित होना आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
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