राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटें खाली, सोनिया गांधी को हैं राजस्थान से एंट्री दिलाने की तैयारी, कौनसी पार्टी किसे प्रत्याशी बनाएगी
Pratibha Rana | Feb 02, 2024, 09:12 IST
राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटें खाली, सोनिया गांधी को हैं राजस्थान से एंट्री दिलाने की तैयारी, कौनसी पार्टी किसे प्रत्याशी बनाएगी
कांग्रेस की तरफ से एक नाम सबसे ज्यादा चौंका सकता है...वो है पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी। उनके अलावा एक और दिग्गज के नाम की चर्चा चल रही है।
JAIPUR. राजस्थान में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्यसभा की इन तीनों सीटों पर इस साल तीन अप्रैल को कार्यकाल पूरा हो रहा है। 3 राज्यसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को मतदान होंगे। राजस्थान की जिन 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। उनमें से एक सीट किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की वजह से खाली हुई है। इसके अलावा अन्य दो राज्यसभा सांसद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यकाल खत्म होने की वजह से खाली होगी। दोनों का कार्यकाल 3 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। राज्यसभा चुनाव की तैयारी में दोनों की पार्टियों की तैयारी जोरों पर है। बता दें, राजस्थान से राज्यसभा की दस सीटे हैं। इनमें 6 सीटें कांग्रेस और 4 सीटें बीजेपी के पास हैं।
दरअसल राजस्थान से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और वर्तमान में भजनलाल सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की सीटों पर वोटिंग होगी। राजस्थान में जिन तीन सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 2 भाजपा और 1 कांग्रेस के खाते में जाती हुई दिख रही है। कांग्रेस की तरफ से एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है और ये नाम पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का है। जबकि बीजेपी में चौंकाने वाला नाम राजेंद्र राठौड़ का हो सकता है। हालांकि, संघ की ओर से सतीश पूनिया का नाम सुझाया गया है।
जानकारी के मुताबिक पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का कार्यकाल 3 अप्रैल को पूरा हो रहा है। खबरें है कि अब वह अपने स्वास्थ की वजह से दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में अब कांग्रेस को दिग्गज नेताओं में से एक को चुनना होगा। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी का नाम इस लिस्ट में सबसे आगे चल रहा है। पार्टी राजनीतिक समीकरण के आधार पर तय करने में जुटी है कि सोनिया गांधी को हिमाचल प्रदेश से उम्मीदवार बनाया जाए या फिर राजस्थान से। राजस्थान में गहलोत सरकार के दौरान प्रदेश प्रभारी रहे अजय माकन के नाम पर भी पार्टी विचार कर रही है। कांग्रेस में दूसरा नाम अजय माकन का ही लगभग तय हो रहा है।
पार्टी में प्रियंका गांधी के लिए भी राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए रायबरेली सीट की उम्मीदवारी तय करेगी कि उन्हें राज्यसभा चुनाव में उतारा जाए या नहीं। अगर सोनिया गांधी रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मान जाती है, तो प्रियंका गांधी को राजस्थान या हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया जा सकता है। अगर सोनिया ने प्रियंका गांधी के लिए रायबरेली सीट खाली की, तो फिर वे उनकी उत्तराधिकारी के रूप में लोकसभा चुनाव में उतरेंगी।
राज्यसभा चुनाव के लिए राजेंद्र राठौड़ का नाम चर्चा में है। राजेंद्र राठौड़ लगातार 7 विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 8वां चुनाव हार गए। ऐसे में अब पार्टी राज्यसभा चुनाव को लेकर भी राठौड़ के नाम पर विचार कर रही है। पार्टी इस राज्यसभा चुनाव में भी एक उम्मीदवार के रूप में चुनाव करने के बारे में सोच रही है। यदि आलाकमान से निर्देश होंगे, तो राज्यसभा चुनाव में राठौड़ उम्मीदवारी जताएंगे। इसके अलावा सतीश पूनिया का नाम भी इस लिस्ट में आगे है। बता दें, पूनिया आमेर से विधानसभा चुनाव हार गए थे। राज्यसभा चुनाव में पूनिया भाजपा के प्रत्याशी के रूप में पसंदीदा चेहरे हो सकते हैं। राठौड़-पूनिया के साथ खबरें है कि भूपेंद्र यादव का नाम भी राज्यसभा चुनाव में चर्चा में बना हुआ है।
राज्यसभा चुनाव भारत की संसद के ऊपरी सदन, राज्यसभा के सदस्यों को चुनने के लिए आयोजित किए जाते हैं। राज्यसभा में कुल 250 सदस्य होते हैं, जिनमें से 238 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं, और 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट: https://eci.gov.in/
राज्यसभा की वेबसाइट: https://rajyasabha.nic.in/
सोनिया गांधी को राजस्थान से एंट्री दिलाने की तैयारी
कांग्रेस की तरफ से चौंका सकता है एक नाम
प्रियंका गांधी को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाएं
BJP में राठौड़-पूनिया में से एक पर लग सकती है मुहर
राज्यसभा चुनाव क्या होते हैं?
चुनाव प्रक्रिया:
- राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं, यानि जनता सीधे तौर पर राज्यसभा सदस्यों को नहीं चुनती है।
- विधानसभा के सदस्य (विधायक) राज्यसभा सदस्यों के लिए वोट डालते हैं।
- आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का उपयोग करके चुनाव लड़ा जाता है, जिसके तहत प्रत्येक राजनीतिक दल को उसके द्वारा प्राप्त वोटों के अनुपात में सीटें आवंटित की जाती हैं।
- एकल संक्रमणीय मत का उपयोग किया जाता है, जिसके तहत मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में वोट देते हैं।
- जीत के लिए आवश्यक वोटों की संख्या राज्य में विधानसभा सीटों की संख्या और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करती है।
राज्यसभा चुनावों का महत्व:
- राज्यसभा राज्यों के हितों का प्रतिनिधित्व करती है।
- यह संघीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- यह विधायिका को मजबूत बनाती है।
- यह विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को सदन में लाने का अवसर प्रदान करती है।
- यह सरकार को जवाबदेह बनाती है।
राज्यसभा चुनावों की कुछ विशेषताएं:
- राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।
- राज्यसभा एक स्थायी सदन है, यानि इसे भंग नहीं किया जा सकता है।
- राज्यसभा के सदस्य पुनर्निर्वाचित हो सकते हैं।
- राज्यसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व होता है।
राज्यसभा चुनावों के बारे में अधिक जानकारी के लिए:
राज्यसभा की वेबसाइट: https://rajyasabha.nic.in/
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