यूपीएससी में चमका एम्स जोधपुर, चार डॉक्टर को मिली अच्छी रैंक, इनमें अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर

राजस्थान में जोधपुर एम्स के 4 छात्रों ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में बड़ी कामयाबी हासिल की है। जोधपुर एम्स से एमबीबीएस करने वाले अनुज अग्निहोत्री देश की इस सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के टॉपर रहे हैं।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • जोधपुर एम्स के चार छात्रों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में मिली कामयाबी।
  • ऑल इंडिया रेंक-1 पाने वाले अनुज अग्निहोत्री भी जोधपुर एम्स के पूर्व छात्र रहे।
  • अनुज ​अग्निहोत्री के अलावा दीक्षा पाटकर, पुरुषोत्तम झोरड़ और प्रांजल बायला भी   
  • जोधपुर एम्स ने इन छात्रों की सफलता को सोशल मीडिया पर किया साझा।
  • एम्स निदेशक और डॉक्टर बोले, हमें इन छात्रों पर रहेगा गर्व।

News In Detail

जोधपुर। राजस्थान में जोधपुर के एम्स (All India Institute of Medical Sciences) उत्कृष्ट डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ तैयार करने के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में यहां के छात्रों ने एक अलग ही मिसाल कायम की है। यह उपलब्धि यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में हासिल की है। सबसे बड़ी कामयाबी डॉ. अनुज अग्निहोत्री (एमबीबीएस 2017 बैच) की रही। उन्होंने देश की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 1 प्राप्त की है। 

एम्स जोधपुर के 4 छ़ात्रों ने मारी बाजी

इस बार जोधपुर एम्स के 4 छ़ात्रों ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में बाजी मारी है। ​अनुज अग्निहोत्री के अलावा 2013 बैच के एमबीबीएस डॉ. दीक्षा पाटकर ने AIR 88 प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं, 2020 बैच के एमबीबीएस डॉ. पुरुषोत्तम झोरड़ ने AIR 691 और 2018 बैच की एमबीबीएस डॉ. प्रांजल बायला ने AIR 890 प्राप्त कर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। 

सोशल मीडिया पर साझा की सफलता

एम्स जोधपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इन चार छ़ात्रों की सफलता को साझा करते हुए उन्हें बधाई दी है। एम्स जोधपुर ने लिखा है, आपकी यह आसाधारण उपलब्धियां पूरे एम्स जोधपुर परिवार के लिए बड़े गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। आपके सिविल सेवा के इस नए सफर के लिए हमारी ओर से ढ़ेर शुभकामनाएं।

इसलिए खास यह उपलब्धि

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है, क्योंकि एम्स जैसे मेडिकल संस्थान में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र चिकित्सा क्षेत्र में ही अपना करियर बनाते हैं। लेकिन इन 4 युवाओं ने समाज की व्यापक सेवा करने का लक्ष्य तय किया और प्रशासनिक सेवा को अपना मार्ग बनाया। उनकी इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

शिक्षक बोले, रंग लाई मेहनत

एम्स जोधपुर के शिक्षकों और साथियों का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाले छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। मेडिकल की कठिन पढ़ाई के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता। इसके लिए समय प्रबंधन, अनुशासन और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता होती है। इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि असंभव लगने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

लाखों युवा बैठते हैं परीक्षा में

सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन बहुत कम लोग अंतिम चयन तक पहुंच पाते हैं। ऐसे में एम्स जोधपुर के छात्रों का एक साथ इस परीक्षा में सफल होना संस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सफलता दर्शाती है कि एम्स जोधपुर केवल चिकित्सा शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, सामाजिक समझ और राष्ट्र सेवा की भावना से युक्त युवाओं को भी तैयार कर रहा है।

चयनित छात्रों को दी बधाई

एम्स जोधपुर के निदेशक और संकाय सदस्यों ने इन छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी यहां के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश की सेवा करेंगे। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि समर्पण, मेहनत और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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प्रांजल बायला पुरुषोत्तम झोरड़ दीक्षा पाटकर ​अनुज अग्निहोत्री सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी एम्स जोधपुर
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