अमेरिका ने भारतीय महिलाओं को भी बेड़ी लगा किया था डिपोर्ट, राजस्थानी सांसद के सवाल पर केन्द्र सरकार ने दिया लिखित उत्तर
Nitin Kumar Bhal | Aug 12, 2025, 11:54 IST
Photograph: (The Sootr)
अमेरिका ने अवैध रूप से बसे भारतीयों को निर्वासित किया गया, जिसमें महिलाओं को भी हथकड़ी में भेजा गया। राजस्थान के सांसद के सवाल पर बोली सरकार।
अमेरिका में भारतीय नागरिकों को अवैध प्रवासी मानकर निर्वासित किया गया, जिसमें उन्हें कड़ी स्थिति में रखा गया। यह घटना 5 फरवरी 2025 को अमेरिका से वापस किए गए भारतीय नागरिकों के साथ घटी थी। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें भी हथकड़ी और बेड़ियों में भेजा गया था। राजस्थान में सीकर से सांसद अमराराम के सवाल पर केन्द्र सरकार ने लिखित जवाब दिया।
सीकर के सांसद अमराराम ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया, जिसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार अमेरिकी अधिकारियों से इस मुद्दे पर लगातार संपर्क में थी। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह बताया कि यह निर्वासन अभियान केवल उन व्यक्तियों के लिए था, जिन्होंने अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन किया था।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन से 15 फरवरी 2025 के बाद से भारत आने वाली उड़ानों में किसी महिला या बच्चे को बेड़ियों में नहीं बांधा गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अमेरिका से कोई शिकायत नहीं आई है।
अमेरिका में भारतीय नागरिकों को निर्वासित करने के दौरान महिलाओं को भी बेड़ी और हथकड़ी में रखा गया। कई भारतीय नागरिकों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति में रखा गया था, जिसमें उन्हें वॉशरूम तक जाने की अनुमति नहीं थी।
उन्हें यह भी कहा गया था कि वे अपनी सीट से नहीं उठ सकते, और यदि किसी को वॉशरूम जाने की आवश्यकता थी, तो वह भी क्रू के साथ ही जा सकता था। इसके बावजूद, यह स्थिति भारतीय नागरिकों के लिए बहुत कठिन और अपमानजनक साबित हुई।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के निर्वासन अभियान का उद्देश्य अवैध प्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजना था, ताकि वे अपने देशों के नागरिकता सत्यापन के आधार पर सही प्रक्रिया का पालन कर सकें। अमेरिका ने यह भी कहा कि उनका यह कदम केवल उन लोगों के लिए था, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे और जिनका इमिग्रेशन कानूनों के उल्लंघन में हाथ था।
भारत सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति को और स्पष्ट करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत की थी, और उनके सामने चिंता जाहिर की थी, खासकर महिलाओं के साथ किए गए इस अमानवीय व्यवहार पर।
5 फरवरी 2025 को अमेरिका से 104 भारतीय नागरिकों को वापस भारत भेजा गया था। अमेरिकी मिलिट्री का C-17 प्लेन पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड किया था, जिसमें इन नागरिकों के पैरों में चेन और हाथों में बेड़ियां जड़ी गई थीं। यह एक सख्त और कष्टकारी स्थिति थी, जो न केवल भारतीय नागरिकों के लिए बल्कि उन महिलाओं के लिए भी बहुत दर्दनाक थी, जिन्हें इस प्रक्रिया के दौरान अमानवीय स्थिति में रखा गया।
भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया कि अवैध प्रवासियों को वापस भेजना न केवल भारत की नीति है, बल्कि यह एक अन्तरराष्ट्रीय मानक है। यह प्रक्रिया सभी देशों में समान रूप से लागू होती है, जहां प्रत्येक देश का यह दायित्व है कि वह अवैध रूप से अपने देश में रह रहे व्यक्तियों को उनके मूल देश में वापस भेजे।
भारत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता को भी महसूस किया है।
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भारत सरकार की प्रतिक्रिया
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन से 15 फरवरी 2025 के बाद से भारत आने वाली उड़ानों में किसी महिला या बच्चे को बेड़ियों में नहीं बांधा गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अमेरिका से कोई शिकायत नहीं आई है।
महिलाओं को भी नहीं बख्शा
उन्हें यह भी कहा गया था कि वे अपनी सीट से नहीं उठ सकते, और यदि किसी को वॉशरूम जाने की आवश्यकता थी, तो वह भी क्रू के साथ ही जा सकता था। इसके बावजूद, यह स्थिति भारतीय नागरिकों के लिए बहुत कठिन और अपमानजनक साबित हुई।
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डंकी रूट क्या है?
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भारत ने महिलाओं से अमानवीय व्यवहार पर जताई थी चिंता
भारत सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति को और स्पष्ट करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत की थी, और उनके सामने चिंता जाहिर की थी, खासकर महिलाओं के साथ किए गए इस अमानवीय व्यवहार पर।
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अमेरिका से भारतीय नागरिकों की वापसी
अन्तरराष्ट्रीय कानून और निर्वासन नीति
भारत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता को भी महसूस किया है।
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FAQ
- 1. क्या अमेरिकी प्रशासन द्वारा महिलाओं को निर्वासन के दौरान बेड़ियों में बांधना सही है?
नहीं, निर्वासन के दौरान किसी भी नागरिक, विशेष रूप से महिलाओं, को इस तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना नहीं करना चाहिए। भारत सरकार ने इस पर अमेरिकी प्रशासन से चिंता जताई थी। - 2. अमेरिका क्यों अवैध प्रवासियों को वापस भेजता है?
अमेरिका अवैध प्रवासियों को उनके इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने के कारण निर्वासित करता है। यह प्रक्रिया सुरक्षा और कानून के पालन के तहत होती है। - 3. क्या अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की नीति केवल भारत पर लागू होती है?
नहीं, यह नीति सभी देशों पर लागू होती है। अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत, अगर कोई नागरिक अवैध रूप से किसी देश में रहता है, तो उसे वापस भेजने का दायित्व उस देश पर होता है। - 4. क्या भविष्य में महिलाओं को निर्वासन के दौरान बेड़ियों में बांधने की घटनाएं नहीं होंगी?
भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और अमेरिकी प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह के मामले नहीं होंगे।
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