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Photograph: (the sootr)
News in Short
- राजस्थान में 2 साल के दौरान एक लाख से ज्यादा नियुक्तियां दीं
- दो साल में विभिन्न श्रेणी के 1,73,132 पदों की भर्ती विज्ञप्ति जारी की
- प्रदेश के छह विभागों में अभी भी विभिन्न श्रेणी के 51893 पद खली
- शिक्षा व स्वायत्त शासन विभाग कर्मचारियों की कमी से अधिक जूझ रहे
- सरकार को रिक्त पदों को भरने के लिए मिशन मोड में काम की जरूरत
News in Detail
​जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक तरफ उम्मीद है, तो दूसरी ओर रिक्त पदों के बढ़ते आंकड़े बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने दो साल में भर्तियों की रफ्तार तेज करने का दावा किया है। लेकिन, हाल ही में सामने आए आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अभी भी 51893 पद रिक्त हैं। इन पर भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू होना बाकी है।
​भर्तियों का रिपोर्ट कार्ड: 1 लाख से अधिक को मिली नियुक्ति
​सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में दो साल के भीतर विभिन्न श्रेणियों के 173132 पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की है। हालांकि, यह बड़ा आंकड़ा है, जो युवाओं के प्रति सरकार की सक्रियता को दर्शाता है। सरकार का दावा है कि विभिन्न पदों पर 101240 नियुक्तियां दे दी हैं। शेष पदों पर भर्ती प्रक्रिया या तो अंतिम चरण में है या दस्तावेजों के सत्यापन के दौर में है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह गति काफी है।
15 फीसदी पद संविदा नियुक्ति के
सरकार ने जिन 173132 पदों की भर्ती विज्ञप्ति जारी की हैं, उनमें 26619 पद पर संविदा पर नियुक्तियां दी जाएंगी। इनमें जीएनएम, सीएचओ, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ग्रामीण विकास विभाग, नेशनल स्वास्थ्य मिशन में विभिन्न कैडर में और चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न पद शामिल हैं।
शिक्षा और सफाई कर्मियों के पदों पर भारी कमी
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो शिक्षा विभाग में अभी भी विभिन्न श्रेणियों के 20000 पदों पर भर्ती की दरकार है। स्कूलों में रिक्त पद होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, सबसे बड़ा आंकड़ा स्वायत्त शासन विभाग से आया है, जहां 24793 सफाई कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इन पदों को भरना सरकार के लिए अनिवार्य हो गया है।
​कानून व्यवस्था और प्रशासन में भी खाली कुर्सियां​
सुरक्षा के मोर्चे पर गृह विभाग में 4000 कॉन्स्टेबलों के पद रिक्त होना चिंता का विषय है। इसी तरह, प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा RAS (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) के भी 500 पद खाली पड़े हैं। प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने के लिए इन पदों पर नई विज्ञप्ति जारी करना समय की मांग है।
​क्यों नहीं भर पा रहे हैं रिक्त पद?
​विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में होने वाली कानूनी अड़चनें, पेपर लीक की घटनाएं और प्रशासनिक सुस्ती के कारण रिक्त पद समय पर नहीं भर पा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने 1.73 लाख पदों की विज्ञप्ति निकालकर अपनी मंशा साफ कर दी है, लेकिन इन 51,893 नए रिक्त पदों को भरना एक बड़ी परीक्षा साबित होगी। दूसरी ओर, युवाओं का कहना है कि सरकार नियुक्तियां दे रही है, यह अच्छी बात है। लेकिन रिक्त पदों की संख्या भी साथ-साथ बढ़ रही है।
रिक्त पदों का गणित: शिक्षा व स्वायत्त शासन में सबसे ज्यादा कमी
| शिक्षा विभाग | 20,000 (विभिन्न पद) |
| ऊर्जा विभाग | 2000 (विभिन्न पद) |
| गृ​ह विभाग | 4000 (कांस्टेबल) |
| स्वायत्त शासन विभाग | 24,793 (सफाई कर्मचारी) |
| चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग | 600 (चिकित्सा अधिकारी) |
| कार्मिक विभाग | 500 (आरएएस) |
द सूत्र व्यू:
​राजस्थान में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। सरकार के लिए चुनौती यह है कि वह एक तरफ पुरानी 71,000 से अधिक प्रक्रियाधीन भर्तियों को पूरा करे और दूसरी तरफ इन नए खाली हुए 51,893 पदों के लिए कैलेंडर जारी करे। यदि इन पदों को समय पर नहीं भरा गया, तो विभागों में कामकाज का बोझ बढ़ेगा और जनता को सेवाओं के लिए इंतजार करना होगा। सरकार को मिशन मोड पर काम करने की जरूरत है।
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